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क्‍या जम्‍मू कश्‍मीर में क्‍या इस साल भी नहीं होंगे विधानसभा चुनाव? चुनाव अगले साल तक टाले जाने की चर्चाएं

By सुरेश एस डुग्गर | Updated: July 3, 2024 10:36 IST

विधानसभा चुनाव अगले साल तक टाले जा सकते हैं। हालांकि, पंचायत और नगर निगम चुनाव इस सितंबर में होने की उम्मीद है, जिसकी घोषणा अमरनाथ यात्रा के समापन के बाद होने की संभावना है।

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ठळक मुद्दे जम्‍मू कश्‍मीर की जनता को सूचनाएं और अफवाहें निराश करने लगी हैं अफवाहों और सूचनाओं पर प्रशासन की ओर से कोई टिप्‍पणी नहीं आई हैजम्मू कश्मीर में बहुप्रतीक्षित विधानसभा चुनाव 2024 में होने की संभावना नहीं

जम्‍मू: पांच सालों से अपने लोकतांत्रिक अधिकारों से वंचित जम्‍मू कश्‍मीर की जनता को वे सूचनाएं और अफवाहें निराश करने लगी हैं जिनमें कहा जा रहा है कि अभी उन्‍हें अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के इस्‍तेमाल से वंचित रहना होगा। अर्थात उन्‍हें अभी अपनी सरकार चुनने का मौका नहीं मिलेगा।

हालांकि इन अफवाहों और सूचनाओं पर प्रशासन की ओर से कोई टिप्‍पणी नहीं आई है और उसके द्वारा खामोशी अख्तियार की गई है पर प्रदेश भाजपा नेता ऐसी अफवाहों को कोरी अफवाह ही करार देते थे। दरअसल विश्वसनीय सूत्र बताते हैं कि जम्मू कश्मीर में बहुप्रतीक्षित विधानसभा चुनाव 2024 में होने की संभावना नहीं है।

सूत्रों ने बकौल, ऐसा विभिन्‍न कारणों से संभव है कि इस साल जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव होने की संभावना न बन पाए। सूत्रों का कहना था कि विधानसभा चुनाव अगले साल तक टाले जा सकते हैं। हालांकि, पंचायत और नगर निगम चुनाव इस सितंबर में होने की उम्मीद है, जिसकी घोषणा अमरनाथ यात्रा के समापन के बाद होने की संभावना है।

सूत्रों ने आगे बताया कि हाल ही में महाराष्ट्र, हरियाणा और झारखंड में चुनाव की व्यवस्था पर गृह मंत्री और रक्षा मंत्री सहित प्रमुख मंत्रालयों के साथ नई दिल्ली में बैठकें हुई थीं, लेकिन जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव के संबंध में कोई बैठक नहीं हुई।

गौरतलब है कि मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन राज्यों में विधानसभा चुनावों का जिक्र किया, लेकिन जम्मू-कश्मीर में चुनावों के बारे में बात नहीं की। सूत्रों ने यह भी खुलासा किया कि जम्मू-कश्मीर में देश के बाकी हिस्सों की तरह 2026 में एक और परिसीमन अभ्यास हो सकता है। इस प्रक्रिया में मौजूदा पांच लोकसभा सीटों और नब्बे विधानसभा सीटों से संसदीय और विधानसभा क्षेत्रों की संख्या बढ़ सकती है।

उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने दिसंबर 2023 में अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के अपने फैसले में सरकार को 30 सितंबर, 2024 तक जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव कराने का निर्देश दिया था।

इसके अलावा, हाल ही में कश्मीर की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा था कि चुनाव की तैयारियाँ शुरू हो गई हैं और जल्द ही जम्मू-कश्मीर में अपनी सरकार होगी। ऐसे में आम जनता इसके प्रति चिंतित है कि आखिर उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का क्‍यों दबाया जा रहा है जबकि सुप्रीम कोर्ट भी इसके प्रति स्‍पष्‍ट निर्देश दे चुकी है कि प्रदेश में 30 सितम्‍बर से पहले लोकतंत्र की बहाली हो जानी चाहिए।

टॅग्स :जम्मू कश्मीरचुनाव आयोगमोदी सरकारJammuविधानसभा चुनाव
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