लाइव न्यूज़ :

Labour codes: आखिर क्या है श्रम संहिता?, विरोध में ट्रेड यूनियनों ने ‘काला दिवस’ मनाया

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: September 23, 2024 20:55 IST

Labour codes: केंद्रीय ट्रेड यूनियनों में इंटक, एटक, एचएमएस, सीटू, एआईयूटीयूसी, टीयूसीसी, सेवा, एक्टू, एलपीएफ और यूटीयूसी शामिल हैं।

Open in App
ठळक मुद्देअंतरराष्ट्रीय श्रम मानकों के साथ-साथ मानवाधिकारों के भी खिलाफ है।संयुक्त किसान मोर्चा ने ट्रेड यूनियनों की कार्रवाई के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त की है।

Labour codes: केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने श्रम संहिताओं के कार्यान्वयन के विरोध में सोमवार को ‘काला दिवस’ मनाया। एक बयान में कहा गया कि लगभग सभी राज्यों की राजधानियों और अधिकांश जिला मुख्यालयों में कार्यक्रम आयोजित किए गए। बयान में कहा गया कि ‘‘केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने चार श्रम संहिताओं के खिलाफ राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन किया, जिसका उद्देश्य नरेन्द्र मोदी सरकार द्वारा श्रमिकों के श्रम अधिकारों को छीनना है। इन अधिकारों को ब्रिटिश काल से लेकर 150 से अधिक वर्षों तक लड़ी गई लड़ाइयों के बाद हासिल किया गया है।’’

ट्रेड यूनियन नेताओं ने इन संहिताओं को खत्म करने और श्रम सुधारों पर चर्चा के लिए भारतीय श्रम सम्मेलन की मांग की। बयान में कहा गया कि कॉरपोरेट समर्थक श्रम संहिताओं को ट्रेड यूनियन आंदोलन को कुचलने के लिए बनाया गया है और यह अंतरराष्ट्रीय श्रम मानकों के साथ-साथ मानवाधिकारों के भी खिलाफ है।

संयुक्त किसान मोर्चा ने ट्रेड यूनियनों की कार्रवाई के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त की है। आने वाले दिनों में, मज़दूरों और किसानों के दोनों मोर्चे, अपनी मांगों को लेकर संयुक्त आंदोलन की योजना बना रहे हैं। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों में इंटक, एटक, एचएमएस, सीटू, एआईयूटीयूसी, टीयूसीसी, सेवा, एक्टू, एलपीएफ और यूटीयूसी शामिल हैं।

टॅग्स :श्रम कानूनमजदूर दिवसनरेंद्र मोदी
Open in App

संबंधित खबरें

कारोबार‘युवा आबादी’ के लाभ को भुनाने की चुनौती?, 20 से 29 वर्ष के 6.3 करोड़ स्नातकों में से 1.1 करोड़ बेरोजगार?

भारतVIDEO: चाय बागान से चुनावी हुंकार! पीएम मोदी ने श्रमिकों संग तोड़ी पत्तियां, बोले- असम में NDA हैट्रिक को तैयार

कारोबारNew Labour Code: नौकरीपेशा लोगों के लिए बड़ी खबर, 1 अप्रैल से लागू हुए नए नियम, ओवरटाइम और PF में हुए ये बदलाव

भारतएक शांत दिखने वाली विदाई से हुई भारी क्षति!

कारोबारMP-UP Sahyog Sammelan: मप्र-उप्र मिलकर लिखेंगे विकास की नई इबारत?, बाबा विश्वनाथ की शरण में सीएम डॉ. मोहन

भारत अधिक खबरें

भारतकेंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ग्रीनविच मीन टाईम को महाकाल स्टेंडर्ड टाईम में बदलने पर दिया जोर

भारतदलित समुदाय के 22 फीसदी वोट पर जमीन अखिलेश की निगाह , 14 अप्रैल पर अंबेडकर जयंती पर गांव-गांव में करेगी कार्यक्रम

भारतराघव चड्ढा पर आतिशी का बड़ा आरोप, 'BJP से डरते हैं, अगला कदम क्या होगा?'

भारतउत्तर प्रदेश उपचुनाव 2026ः घोसी, फरीदपुर और दुद्धी विधानसभा सीट पर पड़ेंगे वोट?, 2027 विस चुनाव से पहले सेमीफाइनल, सीएम योगी-अखिलेश यादव में टक्कर?

भारतTamil Nadu Polls: बीजेपी कैंडिडेट्स की लिस्ट में अन्नामलाई का नाम नहीं, 'सिंघम' किए गए साइडलाइन या नई जिम्मेदारी की तैयारी