लाइव न्यूज़ :

Watch UP News: अयोध्या राम मंदिर, काशी विश्वनाथ मंदिर और मथुरा कृष्ण मंदिर..., सीएम योगी बोले- ज्ञानवापी को आज लोग मस्जिद कहते हैं, ज्ञानवापी साक्षात 'विश्वनाथ' हैं?, देखें वीडियो

By राजेंद्र कुमार | Updated: September 14, 2024 17:14 IST

UP News: एक संत, एक योगी ने देश को उन बाह्य खतरों से अवगत कराया. गोरखपुर वासियों का सौभाग्य है कि शिवावतारी महायोगी गुरु श्री गोरखनाथ जी ने एक लंबे समय तक गोरखपुर की पावन धरा को अपनी साधना से पवित्र किया था.

Open in App
ठळक मुद्देभारत के अलग-अलग राज्यों में आपको नाथ पंथ का विस्तार देखने को मिलेगा.पूरे महाराष्ट्र में नवनाथों की पूरी परंपरा का पाठ इसी रूप में देखने को मिलता है.ज्ञानवापी को आज लोग दूसरे शब्दों में मस्जिद कहते हैं, ज्ञानवापी साक्षात 'विश्वनाथ' ही हैं

लखनऊः उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समय-समय पर अयोध्या राम मंदिर, काशी विश्वनाथ मंदिर और मथुरा कृष्ण मंदिर को हिंदू समाज की आस्था का केंद्र बताने वाले बयान देते रहे हैं. इसी क्रम में उन्होने गोरखपुर में वाराणसी स्थित ज्ञानवापी परिसर को लेकर फिर एक बड़ा दावा किया. उन्होने कहा कि ज्ञानवापी को आज लोग दूसरे शब्दों में मस्जिद कहते हैं, लेकिन असल में ज्ञानवापी साक्षात ‘विश्वनाथ’ ही हैं. उनके इस कथन की विपक्षी दलों ने निंदा की है. विपक्षी दलों का कहना है कि इस मामले की सुनवाई अदालत में हो रही है, ऐसे में सीएम योगी को ऐसे बयान देने से बचना चाहिए.

इस कार्यक्रम में शामिल हुए सीएम योगी

फिलहाल सीएम योगी आदित्यनाथ के शनिवार को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में दिए गए भाषण की वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है. सीएम योगी ने विश्वविद्यालय में आयोजित ‘समरस समाज के निर्माण में नाथ पंथ का अवदान’ विषयक अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र को  संबोधित करते हुए ज्ञानवापी साक्षात विश्वनाथ स्वरूप बताया.

यह दावा भी उन्होने संतों और ऋषियों की परंपरा को समाज और देश को जोड़ने वाली परंपरा बताते हुए आदि शंकर का विस्तार से उल्लेख करते हुए किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि केरल में जन्मे आदि शंकर ने देश के चारों कोनों में धर्म अध्यात्म के लिए महत्वपूर्ण पीठों की स्थापना की. और आदि शंकर जब अद्वैत ज्ञान से परिपूर्ण होकर काशी आए तो भगवान विश्वनाथ ने उनकी परीक्षा लेनी चाही.

ब्रह्म मुहूर्त में जब आदि शंकर गंगा स्नान के लिए निकले तब भगवान विश्वनाथ एक अछूत के वेश में उनके सामने खड़े हो गए. आदि शंकर ने जब उनसे मार्ग से हटने को कहा तब उसी रूप में भगवान विश्वनाथ ने उनसे पूछा कि आप यदि अद्वैत ज्ञान से पूर्ण हैं तो आपको सिर्फ भौतिक काया नहीं देखनी चाहिए. यदि ब्रह्म सत्य है तो मुझमें भी वही ब्रह्म है जो आपमे है.

हतप्रभ आदि शंकर ने जब अछूत बने भगवान का परिचय पूछा तो उन्होंने बताया कि मैं वही हूं, जिस ज्ञानवापी की साधना के लिए वह (आदि शंकर) काशी आए हैं. यह कथा सुनते हुए सीएम योगी ने कहा कि ज्ञानवापी साक्षात विश्वनाथ स्वरूप ही है. सीएम योगी के अनुसार, बाबा विश्वनाथ का जवाब सुनकर आदि शंकर उनके सामने नतमस्तक होते हैं.

साथ ही उन्हें इस बात का पश्चाताप भी होता है कि ये जो भौतिक अस्पृश्यता है यह न केवल साधना की मार्ग की सबसे बड़ी बाधा बनती है बल्कि राष्ट्रीय एकता और अखंडता की भी सबसे बड़ी बाधा है. अगर इस बड़ी बाधा को हमारे समाज ने समझा लिया होता तो यह देश कभी गुलाम नहीं हुआ होता.

टॅग्स :गोरखपुरउत्तर प्रदेशयोगी आदित्यनाथKashiमथुराअयोध्या
Open in App

संबंधित खबरें

ज़रा हटकेVIDEO: असम में योगी का बड़ा बयान, 'घुसपैठियों को बाहर करना ही होगा'

भारतउत्तर प्रदेश उपचुनाव 2026ः घोसी, फरीदपुर और दुद्धी विधानसभा सीट पर पड़ेंगे वोट?, 2027 विस चुनाव से पहले सेमीफाइनल, सीएम योगी-अखिलेश यादव में टक्कर?

क्राइम अलर्टUP VIRAL VIDEO: 1 साल पहले निकाह, तलाक के बाद मायके रह रही है पूर्व पत्नी रेशमा?, पति रहीस ने बाइक में बांधकर घसीटा, वीडियो

कारोबारयूपी में 10 वर्ष में ऐसे बढ़ा बजट का आकार?, 8.65 लाख करोड़ रुपए में से 2.85 लाख करोड़ रुपए नहीं हुए खर्च?

भारतKushinagar Accident: नहर में गिरी श्रद्धालुओं से भरी ट्रॉली; 3 की मौत, 18 की हालत गंभीर

भारत अधिक खबरें

भारतदिल्ली और उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों में महसूस हुए भूकंप के झटके, अफगानिस्तान में आया भूकंप

भारतकेंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ग्रीनविच मीन टाईम को महाकाल स्टेंडर्ड टाईम में बदलने पर दिया जोर

भारतदलित समुदाय के 22 फीसदी वोट पर जमीन अखिलेश की निगाह , 14 अप्रैल पर अंबेडकर जयंती पर गांव-गांव में करेगी कार्यक्रम

भारतराघव चड्ढा पर आतिशी का बड़ा आरोप, 'BJP से डरते हैं, अगला कदम क्या होगा?'

भारतTamil Nadu Polls: बीजेपी कैंडिडेट्स की लिस्ट में अन्नामलाई का नाम नहीं, 'सिंघम' किए गए साइडलाइन या नई जिम्मेदारी की तैयारी