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समलैंगिक विवाह के विरोध में आया विश्व हिंदू परिषद, देशव्यापी प्रदर्शन की दी धमकी

By अंजली चौहान | Updated: May 2, 2023 12:55 IST

विश्व हिंदू परिषद ने समलैंगिक विवाह पर आपत्ति जताई है और देश भर में इसके खिलाफ प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।

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ठळक मुद्देसुप्रीम कोर्ट में सेम-सेक्स मैरिज को लेकर यचिका दायर की गई है विश्व हिंदू परिषद का आरोप है समलैंगिक विवाह से हिंदू संस्कृति नष्ट हो जाएगीविश्व हिंदू परिषद ने सुप्रीम कोर्ट को देशव्यापी प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है

नई दिल्ली: देश में इस समय समलैंगिक विवाह का मुद्दा गरमाया हुआ है। सुप्रीम कोर्ट में समलैंगिक विवाह को वैधता देने को लेकर दायर याचिका पर विश्व हिंदू परिषद विरोध कर रहा है।

विश्व हिंदू परिषद का दावा है कि समलैंगिक विवाह को मान्यता देने के बाद हिंदू समाज की संस्कृति खत्म हो जाएगी। विहिप ने इस मामले को लेकर देशव्यापी प्रदर्शन करने को लेकर चेतावनी जारी की है।

विहिप त्रिपुरा के प्रमुख महेंद्रपाल सिंह ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय में याचिका के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि  यह याचिका सनातनी मान्यताओं की नैतिकता के खिलाफ है।

दलील का विरोध करते हुए, सिंह ने कहा कि हिंदू विवाह अधिनियम 1954 पवित्र है और इसे बदला नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी संतों और शिक्षित बिरादरी ने इस अप्रत्याशित प्रत्याशा पर कड़ी आपत्ति जताई है। 

इस बीच, समलैंगिक विवाह के खिलाफ विश्व हिंदू परिषद ने सोमवार को त्रिपुरा के अगरतला में विरोध प्रदर्शन किया। अब इसी विरोध प्रदर्शन को पूरे देश में करने के लिए विहिप ने चेतावनी दी है। 

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने 18 अप्रैल को याचिकाओं पर सुनवाई शुरू की थी। समलैंगिक विवाह को कानूनी मान्यता देने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा विभिन्न याचिकाओं पर विचार किया गया जा रहा है जिस पर कोर्ट समय-समय पर सुनवाई कर रहा है।

हालांकि, केंद्र सरकार ने इन याचिकाओं का विरोध किया है। 

क्या कहा गया याचिका में?

जानकारी के अनुसार, याचिकाओं में से एक ने पहले एक कानूनी ढांचे की अनुपस्थिति को उठाया था जो एलजीबीटीक्यू+ समुदाय के सदस्यों को अपनी पसंद के किसी भी व्यक्ति से शादी करने की अनुमति देता है।

याचिका के अनुसार, व्यक्ति अपनी पसंद के किसी भी व्यक्ति से शादी करने के लिए एलजीबीटीक्यू+ लोगों के मौलिक अधिकारों को लागू करने की मांग की है। याचिका में इस पर जोर दिया गया है कि मौलिक अधिकारियों के तहत समलैंगिक लोगों को शादी करने की अनुमति दी जाए। 

टॅग्स :सेम सेक्स मैरेजएलजीबीटीसुप्रीम कोर्टवीएचपी
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