लाइव न्यूज़ :

भारत के नए विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा, हर्षवर्धन श्रृंगला का स्थान लिया, अमेरिका, चीन और यूरोप के साथ संबंधों का विशेषज्ञ, जानें इनके बारे में

By सतीश कुमार सिंह | Updated: May 1, 2022 15:30 IST

वरिष्ठ राजनयिक विनय मोहन क्वात्रा ने रविवार को भारत के नए विदेश सचिव के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। विदेश सचिव बनने से पहले क्वात्रा नेपाल में भारत के राजदूत थे।

Open in App
ठळक मुद्देविनय क्वात्रा ने रविवार सुबह विदेश सचिव के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। 4 अप्रैल को केंद्र ने अधिकारी विनय मोहन क्वात्रा को नया विदेश सचिव नियुक्त किया था।1998 बैच के भारतीय विदेश सेवा अधिकारी क्वात्रा ने हर्षवर्धन श्रृंगला का स्थान लिया।

नई दिल्लीः भारतीय विदेश सेवा के वरिष्ठ अधिकारी विनय मोहन क्वात्रा ने रविवार को देश के नए विदेश सचिव के रूप में पदभार ग्रहण किया। उन्होंने यह दायित्व ऐसे समय में संभाला है, जब नई दिल्ली यूक्रेन युद्ध समेत विभिन्न भूराजनीतिक घटनाक्रमों का सामना कर रही है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने रविवार को ट्वीट किया, “विनय क्वात्रा ने रविवार सुबह विदेश सचिव के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। विदेश मंत्रालय विदेश सचिव क्वात्रा को एक सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं देता है।” 4 अप्रैल को केंद्र ने अधिकारी विनय मोहन क्वात्रा को नया विदेश सचिव नियुक्त किया था।

वर्ष 1998 बैच के भारतीय विदेश सेवा अधिकारी क्वात्रा ने हर्षवर्धन श्रृंगला का स्थान लिया है, जो शनिवार को सेवानिवृत्त हो गए। वर्तमान में जनवरी 2020 से काठमांडू में राजदूत के रूप में कार्यरत हैं। कार्मिक मंत्रालय के सोमवार को जारी एक आदेश में कहा गया है कि कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने 30 अप्रैल को हर्षवर्धन श्रृंगला के सेवानिवृत्त होने पर विदेश सचिव के पद पर क्वात्रा की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है।

1965 में जन्मे, क्वात्रा के पास विज्ञान में मास्टर (एमएससी) की डिग्री है। उन्होंने पहले विदेश मंत्रालय और प्रधान मंत्री कार्यालय में संयुक्त सचिव के रूप में कार्य किया है। क्वात्रा ने मई 2010 से जुलाई 2013 तक वाशिंगटन डी.सी. में भारत के दूतावास में मंत्री (वाणिज्य) के रूप में भी कार्य किया है।

जुलाई 2013 और अक्टूबर 2015 के बीच, क्वात्रा ने विदेश मंत्रालय के नीति योजना और अनुसंधान प्रभाग का नेतृत्व किया और बाद में कार्य किया। विदेश मंत्रालय में अमेरिका डिवीजन के प्रमुख जहां उन्होंने संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा के साथ भारत के संबंधों को देखा।

क्वात्रा ने विदेशों और भारत में भारत के कई मिशनों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है। क्वात्रा को कई प्रकार के असाइनमेंट में लगभग 32 वर्षों का अनुभव है। क्वात्रा को भारत के पड़ोसी देशों के अलावा अमेरिका, चीन और यूरोप के साथ संबंधों का विशेषज्ञ माना जाता है।

2020 में नेपाल में अपनी राजनयिक तैनाती से पहले उन्होंने अगस्त 2017 से फरवरी 2020 के बीच फ्रांस में भारत के राजदूत के रूप में कार्य किया। 32 वर्षों का अनुभव रखने वाले क्वात्रा ने अक्टूबर 2015 से अगस्त 2017 के बीच दो वर्षों के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में संयुक्त सचिव का पद भी संभाला।

उन्होंने जुलाई 2013 से अक्टूबर 2015 के बीच विदेश मंत्रालय के नीति निर्धारण एवं अनुसंधान प्रभाग का नेतृत्व किया। बाद में वह विदेश मंत्रालय में अमेरिकी विभाग के प्रमुख के पद पर नियुक्त हुए, जहां उन्होंने अमेरिका और कनाडा के साथ भारत के संबंधों को देखा। 

टॅग्स :जयशंकरभारत सरकारनरेंद्र मोदी
Open in App

संबंधित खबरें

ज़रा हटकेबनारस में सीएम यादव श्री राम भंडार में रुके और कचौड़ी, पूरी राम भाजी और जलेबी का स्वाद लिया?, वीडियो

कारोबार‘युवा आबादी’ के लाभ को भुनाने की चुनौती?, 20 से 29 वर्ष के 6.3 करोड़ स्नातकों में से 1.1 करोड़ बेरोजगार?

भारतVIDEO: चाय बागान से चुनावी हुंकार! पीएम मोदी ने श्रमिकों संग तोड़ी पत्तियां, बोले- असम में NDA हैट्रिक को तैयार

भारतएक शांत दिखने वाली विदाई से हुई भारी क्षति!

कारोबारMP-UP Sahyog Sammelan: मप्र-उप्र मिलकर लिखेंगे विकास की नई इबारत?, बाबा विश्वनाथ की शरण में सीएम डॉ. मोहन

भारत अधिक खबरें

भारतMadhya Pradesh: अनूपपुर ज़िले में चार-मंज़िला होटल गिरने से मलबे में कई लोगों के फँसे होने की आशंका, एक की मौत

भारततमिलनाडु चुनावों के लिए BJP का टिकट न मिलने के बाद अन्नामलाई ने दिया अपना स्पष्टीकरण

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील

भारत'एकनाथ शिंदे और बलात्कार के आरोपी अशोक खरात के बीच 17 बार फोन पर बातचीत हुई', अंजलि दमानिया का आरोप