लाइव न्यूज़ :

'विक्रम लैंडर' को स्लीप मोड में सेट किया गया, 22 सितंबर से फिर काम शुरू करने की उम्मीद, जानिए इसरो ने क्या बताया

By शिवेन्द्र कुमार राय | Updated: September 4, 2023 15:42 IST

इसरो ने कहा कि पेलोड द्वारा एकत्र किया गया डेटा पृथ्वी पर भेज दिया गया है और पेलोड अब बंद हो गए हैं। इसरो को उम्मीद है कि विक्रम लैंडर और प्रज्ञान 22 सितंबर के आसपास फिर से काम करना शुरू कर देंगे।

Open in App
ठळक मुद्दे'विक्रम लैंडर' को स्लीप मोड में सेट कर दिया गया हैउम्मीद है कि विक्रम लैंडर और प्रज्ञान 22 सितंबर के आसपास फिर से काम करना शुरू कर देंगेपेलोड द्वारा एकत्र किया गया डेटा पृथ्वी पर भेज दिया गया है

Vikram Lander has been set into sleep mode: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने घोषणा की कि 'विक्रम लैंडर' को सोमवार सुबह लगभग 08 बजे (भारतीय मानक समय) स्लीप मोड में सेट कर दिया गया है। इसरो ने कहा कि पेलोड द्वारा एकत्र किया गया डेटा पृथ्वी पर भेज दिया गया है और पेलोड अब बंद हो गए हैं। इसरो को उम्मीद है कि विक्रम लैंडर और प्रज्ञान 22 सितंबर के आसपास फिर से काम करना शुरू कर देंगे।

इसरो ने एक्स पर पर बताया कि विक्रम लैंडर लगभग 08:00 बजे स्लीप मोड में सेट हो गया है।  पेलोड अब बंद कर दिए गए हैं। लैंडर रिसीवर चालू रखे गए हैं।  सौर ऊर्जा ख़त्म हो जाने और बैटरी खत्म हो जाने पर विक्रम, प्रज्ञान के बगल में स्लीप मोड में चला जाएगा।

इससे पहले भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने सोमवार को बताया कि  ‘विक्रम’ लैंडर उम्मीद भरे एक प्रयोग से सफलतापूर्वक गुजरा और इसने चंद्रमा की सतह पर एक बार फिर सफलतापूर्वक सॉफ्ट लैंडिंग की। इसरो ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर बताया कि कमांड मिलने पर ‘विक्रम’ (लैंडर) ने इंजनों को ‘फायर’ किया, अनुमान के मुताबिक करीब 40 सेंटीमीटर तक खुद को ऊपर उठाया और आगे 30-40 सेंटीमीटर की दूरी पर सुरक्षित लैंड किया। 

इसरो ने कहा कि इस प्रक्रिया से भविष्य में ‘सैंपल’ वापसी और चंद्रमा पर मानव अभियान को लेकर आशाएं बढ़ गई हैं। ‘विक्रम’ की प्रणालियां ठीक तरह से काम कर रही हैं और वे ठीक हालत में हैं, लैंडर में मौजूद रैम्प और उपकरणों को बंद किया गया और प्रयोग के बाद पुन: सफलतापूर्वक तैनात किया गया।

बता दें कि भारत ने 23 अगस्त को चंद्रमा की सतह पर चंद्रयान-3 के ‘विक्रम’ लैंडर की सॉफ्ट लैंडिंग के बाद इतिहास रच दिया था। भारत चंद्रमा की सतह पर पहुंचने वाला चौथा देश और इसके दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने वाला पहला देश बन गया है।

टॅग्स :इसरोचंद्रयान-3चंद्रयानचंद्रमा
Open in App

संबंधित खबरें

पूजा पाठApril 2026 Full Moon: क्यों खास है इस बार की चैत्र पूर्णिमा? आसमान में दिखेगा 'पिंक मून', जानें दिखने का सही समय

पूजा पाठPunrima April 2026: चैत्र पूर्णिमा में दिखाई देगा 'पिंक मून', जानें तारीख, समय और महत्व के बारे में

पूजा पाठEid-ul-Fitr 2026 Date: सऊदी अरब, भारत और यूएई में कब दिखेगा ईद का चांद? यहां पढ़ें पूरी जानकारी

पूजा पाठChandra Grahan 2026: दिल्ली, मुंबई समेत शहरों में कितने बजे दिखेगा चंद्र ग्रहण? जानें सूतक काल का समय

पूजा पाठLunar Eclipse 2026: 3 मार्च को दिखेगा 'ब्लड मून', नोट कर लें ग्रहण का सही समय और बेस्ट व्यूइंग पॉइंट्स

भारत अधिक खबरें

भारतElection 2026: केरल में चुनावी हिंसा! शशि थरूर के काफिले पर हमला, गनमैन को भी पीटा, 5 धरे गए

भारतदेश के लिए समर्पित ‘एक भारतीय आत्मा’

भारतवाराणसी का रोम-रोम हुआ रोमांचित, दर्शकों ने देखा कैसा था सम्राट विक्रमादित्य का सुशासन, देखें Photos

भारतराष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टीः उत्तरार्द्ध में उत्तराधिकार के लिए संघर्ष

भारतदिल्ली और उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों में महसूस हुए भूकंप के झटके, अफगानिस्तान में आया भूकंप