लाइव न्यूज़ :

बीबीसी डॉक्यूमेंट्री को लेकर विपक्ष पर कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने कसा तंज, बोले-"कुछ लोग अभी भी गोरे शासकों को अपना मालिक मानते हैं..."

By अंजली चौहान | Updated: January 24, 2023 11:16 IST

कानून मंत्री ने निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग भारत के सर्वोच्च न्यायालय से ऊपर बीबीसी को मानते हैं, ये दुर्भाग्यापूर्ण है।

Open in App
ठळक मुद्देप्रधानमंत्री पर बनी बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री के सपोर्ट में उतरे लोगों के खिलाफ केंद्रीय कानून मंत्री ने खोला मोर्चा।किरेन रिजिजू ने कहा कि कुछ लोग अब भी गोरो को अपना मालिक मानते हैं न कि देश के न्यायालय को।उन्होंने कहा कि ऐसे लोग देश की गरिमा और छवि को किसी भी हद तक गिरा सकते हैं।

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बीबीसी (ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन) द्वारा बनाई गई डॉक्यूमेंट्री को लेकर विवाद बढ़ता ही जा रहा है। एक ओर जहां भारत सरकार ने देश में इसके प्रसारण को लेकर रोक लगा दी। वहीं,  विपक्ष लगातार सरकार की इस कार्रवाई पर सवाल खड़ा कर रहा है। इस बीच कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने बीबीसी डॉक्यूमेंट्री को अपना समर्थन देने वाले लोगों पर तंज कसा है।

कानून मंत्री ने निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग भारत के सर्वोच्च न्यायालय से ऊपर बीबीसी को मानते हैं, ये दुर्भाग्यापूर्ण है। भारत में रह कर कुछ लोग अभी भी औपनिवेशिक नशे से दूर नहीं हुए हैं। ऐसे लोग अपने नैतिक आकाओं को खुश करने के लिए देश की गरिमा और छवि को किसी भी हद तक गिरा देते हैं।

कुछ लोगों के लिए गोरे शासक का फैसला ही अंतिम फैसला है- कानून मंत्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बनी डॉक्यूमेंट्री को लेकर सरकार और विपक्ष आमने-सामने है। केंद्रीय कानून मंत्री ने ट्वीट कर विपक्ष को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा, "कुछ लोगों के लिए अब भी गोरे शासक ही मालिक हैं। ऐसे लोगों के लिए भारत पर उनका फैसला की अंतिम फैसला है न कि भारत के सर्वोच्च न्यायालय का या भारत की जनता की इच्छा का। 

दरअसल, बीबीसी डॉक्यूमेंट्री पर मचे घमासान को लेकर किरेन रिजिजू लगातार ट्वीट कर रहे हैं। इससे पहले भी 22 जनवरी को उन्होंने एक ट्वीट किया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत के कुछ लोग अभी भी औपनिवेशिक नशे से दूर नहीं हुए हैं। वे लोग देश की गरिमा और छवि को किसी भी हद तक गिरा सकते हैं। 

क्या है डॉक्यूमेंट्री में?

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बनी डॉक्यूमेंट्री में उनके शुरुआती जीवन को दिखाया गया है। इसके बाद उनके राजनीतिक सफर को दर्शाते हुए डॉक्यूमेंट्री में गुजरात दंगों को लेकर कुछ ऐसा फिल्माया गया है, जिस पर भारत सरकार ने आपत्ति जताई है। डॉक्यूमेंट्री को लेकर आरोप है कि इसमें गुजरात में हुए दंगों को लेकर उस समय की मोदी सरकार की नीतियों और हिंदू-मुस्लिम के बीच विवाद पर जो तथ्य प्रस्तुत किए गए हैं, वह सही नहीं है। इसी पर ये सारा विवाद खड़ा हुआ है, जो थमने का नाम नहीं ले रहा।

बीबीसी ने India: The Modi Question नाम की इस डॉक्यूमेंट्री को दो पार्ट में बनाया है जिसका पहला पार्ट 17 जनवरी को रिलीज किया गया था, जबकि दूसरा पार्ट 24 जनवरी को रिलीज किया जाने वाला था। मगर इस डॉक्यूमेंट्री के पहले पार्ट को लेकर जमकर विवाद हो रहा है। इस पर आपत्ति जताते हुए भारत सरकार ने देश में इसके प्रसारण पर रोक लगा दी है।

इसके साथ ही ट्विटर और यूट्यूब पर दिखाए गए इससे संबंधित वीडियो को ब्लॉक करने का आदेश दिया गया है। ये आदेश सूचना एंव प्रसारण मंत्रालय ने आईटी नियम 2021 की आपात शक्तियों के अतंर्गत दिया है। 

टॅग्स :किरेन रिजिजूमोदी सरकारभारतबीबीसीनरेंद्र मोदी
Open in App

संबंधित खबरें

ज़रा हटकेबनारस में सीएम यादव श्री राम भंडार में रुके और कचौड़ी, पूरी राम भाजी और जलेबी का स्वाद लिया?, वीडियो

भारतTamil Nadu Election 2026: क्या CBSE का नया सिलेबस भाषा विवाद की जड़? सीएम स्टालिन ने कहा- "भाषा थोपने का सुनियोजित प्रयास"

भारतदेश के लिए समर्पित ‘एक भारतीय आत्मा’

विश्वअबू धाबी में रोकी गई ईरानी मिसाइलों के मलबे की चपेट में आने से घायल 12 लोगों में 5 भारतीय शामिल

भारतमाफ कीजिए मुनिश्रीजी, आप गलत बोल गए

भारत अधिक खबरें

भारत'Three Allegations, Zero Truth': आम आदमी पार्टी द्वारा राज्यसभा की भूमिका से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा का जवाब

भारतMadhya Pradesh: अनूपपुर ज़िले में चार-मंज़िला होटल गिरने से मलबे में कई लोगों के फँसे होने की आशंका, एक की मौत

भारततमिलनाडु चुनावों के लिए BJP का टिकट न मिलने के बाद अन्नामलाई ने दिया अपना स्पष्टीकरण

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील