लाइव न्यूज़ :

Raj and Uddhav Thackeray: 20 साल बाद फिर मिले?, राज ठाकरे बोले-जो बालासाहेब नहीं कर पाए, वो देवेंद्र फडणवीस ने कर दिखाया, देखिए वीडियो

By सतीश कुमार सिंह | Updated: July 5, 2025 13:44 IST

Raj and Uddhav Thackeray: महाराष्ट्र सरकार द्वारा प्राथमिक विद्यालयों में हिंदी भाषा नीति को वापस लेने के फैसले का जश्न मनाने के लिए आयोजित किया गया था।

Open in App
ठळक मुद्देRaj and Uddhav Thackeray: जो बालासाहेब नहीं कर पाए, वो देवेंद्र फडणवीस ने कर दिखाया... हम दोनों को साथ लाने का काम..." Raj and Uddhav Thackeray: गले मिलकर समर्थकों का अभिवादन किया और अपनी मुट्ठी हवा में उठाई। Raj and Uddhav Thackeray: उद्धव ठाकरे गुट (UBT) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के नेता एक संयुक्त रैली की।

मुंबईः शिवसेना (यूबीटी) नेता उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे शनिवार को दो दशक बाद (20 साल बाद) मुंबई के वर्ली में एनएससीआई डोम में एक संयुक्त "मेगा विजय रैली" के दौरान फिर से मिले। जैसे ही मनसे प्रमुख मंच पर पहुंचे, उद्धव उनके पास गए और अपना हाथ बढ़ाया। दोनों चचेरे भाईयों ने जयकारे लगाती भीड़ के सामने गले मिलकर समर्थकों का अभिवादन किया और अपनी मुट्ठी हवा में उठाई। यह कार्यक्रम महाराष्ट्र सरकार द्वारा प्राथमिक विद्यालयों में हिंदी भाषा नीति को वापस लेने के फैसले का जश्न मनाने के लिए आयोजित किया गया था।

शिवसेना (UBT) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) द्वारा संयुक्त रैली के दौरान भाईयों, उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने गले मिलकर एक दूसरे को बधाई दी। महाराष्ट्र सरकार ने हिंदी को तीसरी भाषा के रूप में लागू करने के लिए दो सरकारी प्रस्तावों को रद्द कर दिया है। उद्धव ठाकरे गुट (UBT) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के नेता एक संयुक्त रैली की।

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने कहा, "मैंने अपने एक इंटरव्यू में कहा था कि मेरा महाराष्ट्र किसी भी राजनीति और लड़ाई से बड़ा है। आज 20 साल बाद मैं और उद्धव एक साथ आए हैं। जो बालासाहेब नहीं कर पाए, वो देवेंद्र फडणवीस ने कर दिखाया... हम दोनों को साथ लाने का काम..." 

शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा, "हम साथ रहने के लिए साथ आए हैं।" महाराष्ट्र सरकार द्वारा हिंदी को तीसरी भाषा के रूप में लागू करने के सरकारी प्रस्ताव(जीआर) को रद्द करने के बाद, शिवसेना (UBT) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) मुंबई के वर्ली डोम में एक संयुक्त रैली की।

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे ने शनिवार को कहा कि राज्य सरकार द्वारा लागू किया गया त्रिभाषा फॉर्मूला मुंबई को महाराष्ट्र से अलग करने की उसकी योजना का संकेत था। उन्होंने यह बात अपने चचेरे भाई उद्धव ठाकरे की मौजूदगी में कही। दोनों भाइयों ने करीब 20 साल बाद राजनीतिक मंच साझा किया।

राज ठाकरे ने ‘विजय’ रैली को संबोधित करते हुए मजाकिया अंदाज में कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उन्हें और उद्धव को साथ ला दिया है और यह ऐसा काम है जो बालासाहेब ठाकरे भी नहीं कर सके। दो दशक के बाद उद्धव और राज ने सार्वजनिक मंच साझा किया और ‘आवाज मराठीचा’ नामक विजय सभा का आयोजन किया जिसका उद्देश्य राज्य के स्कूलों में कक्षा एक से तीसरी भाषा के रूप में हिंदी को शामिल करने संबंधी सरकार द्वारा पहले जारी किए गए दो सरकारी आदेशों को वापस लेने का जश्न मनाना था।

मनसे प्रमुख ने मंच पर बैठे उद्धव के सामने कहा, ‘‘मराठी लोगों की मजबूत एकता के कारण महाराष्ट्र सरकार ने त्रिभाषा फॉर्मूले पर फैसला वापस ले लिया। यह फैसला मुंबई को महाराष्ट्र से अलग करने की योजना का संकेत था।’’

टॅग्स :मुंबईबृहन्मुंबई महानगरपालिकाउद्धव ठाकरेराज ठाकरेशिव सेना
Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारपुणे के विशाल भुजबल हैदराबाद में राष्ट्रीय सम्मेलन में सम्मानित

भारत'एकनाथ शिंदे और बलात्कार के आरोपी अशोक खरात के बीच 17 बार फोन पर बातचीत हुई', अंजलि दमानिया का आरोप

भारतFire Accident: ONGC मुंबई हाई प्लेटफॉर्म पर भीषण आग, 10 लोग घायल; राहत और बचाव कार्य जारी

भारतराष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टीः उत्तरार्द्ध में उत्तराधिकार के लिए संघर्ष

क्रिकेटकौन थे अनिल गुरव?, दोस्तों के बीच ‘मुंबई के विवियन रिचर्ड्स’ के नाम से थे मशहूर

भारत अधिक खबरें

भारत'Three Allegations, Zero Truth': आम आदमी पार्टी द्वारा राज्यसभा की भूमिका से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा का जवाब

भारतMadhya Pradesh: अनूपपुर ज़िले में चार-मंज़िला होटल गिरने से मलबे में कई लोगों के फँसे होने की आशंका, एक की मौत

भारततमिलनाडु चुनावों के लिए BJP का टिकट न मिलने के बाद अन्नामलाई ने दिया अपना स्पष्टीकरण

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील