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अहमद पटेल की सहायता से गुजरात सरकार गिराने की साजिश में शामिल थीं तीस्ता सीतलवाड़, अदालत में SIT का दावा

By शिवेंद्र राय | Updated: July 16, 2022 10:52 IST

2002 में हुए गुजरात दंगों के बाद राज्य सरकार को गिराने की साजिश रचने के आरोपों का सामना कर रहीं सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। गुजरात पुलिस के विशेष जांच दल ने अदालत मे कहा है कि वह राज्य सरकार गिराने के लिए रची गई एक बड़ी साजिश का हिस्सा थीं।

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ठळक मुद्देएसआईटी ने तीस्ता सीतलवाड़ की जमानत का विरोध कियाएसआईटी ने अहमदाबाद में सत्र अदालत के समक्ष हलफनामा दायर कियाएसआईटी ने कहा, तीस्ता ने अहमद पटेल से पैसे लिए

अहमदाबाद: गुजरात पुलिस के विशेष जांच दल ने सत्र न्यायलय में सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ की जमानत याचिका का विरोध किया है। तीस्ता सीतलवाड़ को 2002 के गुजरात दंगों के मामले में निर्दोष लोगों को फंसाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। गुजरात पुलिस के विशेष जांच दल ने अदालत में कहा कि 2002 के  दंगों के बाद तीस्ता सीतलवाड़ ने कांग्रेस के दिवंगत नेता अहमद पटेल के इशारे पर राज्य सरकार को गिराने की साजिश रची। विशेष जांच दल ने अदालत में ये भी कहा कि तीस्ता सीतलवाड़ को राज्य सरकार के खिलाफ साजिश रचने के लिए अहमद पटेल से 30 लाख रुपये भी मिले।

 गुजरात पुलिस के विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अहमदाबाद में सत्र अदालत के समक्ष दायर एक हलफनामे में कहा,  "इस बड़ी साजिश को अंजाम देते हुए आवेदक (सीतलवाड़) का राजनीतिक उद्देश्य निर्वाचित सरकार को गिराना या अस्थिर करना था। उन्होंने निर्दोष व्यक्तियों को गलत तरीके से फंसाने के अपने प्रयासों के बदले प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक दल से अवैध वित्तीय और अन्य लाभ प्राप्त किए।"

इस मामले में निर्दोष लोगों को फंसाने के लिए सबूत गढ़ने के आरोप में सीतलवाड़ के साथ भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के पूर्व अधिकारियों आर. बी. श्रीकुमार और संजीव भट्ट को भी गिरफ्तार किया गया है। 

अपने हलफनामे में, एसआईटी ने आगे दावा किया कि तीस्ता सीतलवाड़ गुजरात दंगों के मामलों में भाजपा सरकार के वरिष्ठ नेताओं को फंसाने के लिए दिल्ली में उस समय सत्ताधारी एक प्रमुख राष्ट्रीय पार्टी के नेताओं से मिलती थीं।"

विशेष जांच दल ने तीस्ता सीतलवाड़ की जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि उनके खिलाफ जांच अभी जारी है। ऐसे में वह अगर बाहर आती हैं तो सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकती हैं और गवाहों को डरा सकती हैं। मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डीडी ठक्कर ने एसआईटी के जवाब को रिकार्ड में लिया और जमानत याचिका पर सुनवाई सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी।

टॅग्स :गुजरातनरेंद्र मोदीकांग्रेसगोधरा कांड
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