लाइव न्यूज़ :

गोवा में प्राइवेट फॉरेस्ट लैंड पर सुप्रीम कोर्ट रोक के बाद कांग्रेस ने सीएम सावंत को घेरा, जयराम रमेश ने एक्स पर लिखा

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: March 19, 2025 18:50 IST

RC-II ने 271 सर्वे नंबरों को 'वन भूमि' की श्रेणी से हटाकर, 1.2 करोड़ वर्ग मीटर से अधिक भूमि को संभावित विकास के लिए खोल दिया।

Open in App
ठळक मुद्देसुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में गोवा की प्राइवेट फॉरेस्ट भूमि के रूपांतरण पर कम से कम अस्थायी तौर पर रोक लगाई है।भूमि पर विकास तब तक न हो जब तक भौतिक सत्यापन पूरा न हो जाए। लेकिन यह प्रक्रिया कभी पूरी नहीं की गई।

नई दिल्लीः गोवा में निजी वन भूमि के रूपांतरण पर हाल ही में सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाई गई रोक ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। कांग्रेस पार्टी ने मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि उन्होंने रियल एस्टेट हितों को फायदा पहुंचाने के लिए पर्यावरण संरक्षण के नियमों को दरकिनार किया। विवाद की जड़ में है वर्ष 2021 में राज्य सरकार द्वारा गठित की गई ‘रिव्यू कमेटी (RC-II)’, जिसे पहले की थॉमस एंड अराउजो कमेटी द्वारा चिह्नित की गई प्राइवेट फॉरेस्ट भूमि का पुनर्मूल्यांकन करने का काम सौंपा गया था। RC-II ने 271 सर्वे नंबरों को 'वन भूमि' की श्रेणी से हटाकर, 1.2 करोड़ वर्ग मीटर से अधिक भूमि को संभावित विकास के लिए खोल दिया।

इस फैसले की तीखी आलोचना करते हुए कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा:

"सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में गोवा की प्राइवेट फॉरेस्ट भूमि के रूपांतरण पर कम से कम अस्थायी तौर पर रोक लगाई है। इससे पहले नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने भी स्पष्ट निर्देश दिए थे कि डिनोटिफाइड फॉरेस्ट भूमि पर विकास तब तक न हो जब तक भौतिक सत्यापन पूरा न हो जाए। लेकिन यह प्रक्रिया कभी पूरी नहीं की गई।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश सिर्फ एक अस्थायी राहत है। असली लड़ाइयाँ अभी बाकी हैं, क्योंकि गोवा के मुख्यमंत्री का पूरा ध्यान इन वनों को रियल एस्टेट विकास के लिए खोलने पर है।" इससे पहले सितंबर 2023 में NGT ने राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि वह RC-II द्वारा डिनोटिफाई की गई भूमि का भौतिक सत्यापन करे और जब तक यह प्रक्रिया पूरी न हो, किसी भी प्रकार की विकास अनुमति न दी जाए।

इस मामले में सांकोले के सर्वे नंबर 257/1 को लेकर सबसे अधिक सवाल उठ रहे हैं, जहां अब एक बड़ा कमर्शियल प्रोजेक्ट प्रस्तावित है। सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद कांग्रेस ने मांग की है कि RC-II की संपूर्ण प्रक्रिया का ऑडिट कराया जाए, डिस्प्यूटेड प्लॉट्स पर सभी विकास कार्यों पर रोक लगे, और मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत—जो उस समय वन विभाग भी संभाल रहे थे—से जवाबदेही तय की जाए।

टॅग्स :सुप्रीम कोर्टगोवादिल्लीप्रमोद सावंतJairam Ramesh
Open in App

संबंधित खबरें

भारतदिल्ली और उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों में महसूस हुए भूकंप के झटके, अफगानिस्तान में आया भूकंप

भारतजो डर गया, समझो मर गया?, सौरभ भारद्वाज ने राघव चड्ढा पर निशाना साधा, कहा- केजरीवाल गिरफ्तार हुए तो विदेश में छिपा?

क्राइम अलर्टमालदा में 7 न्यायिक अधिकारी को बनाया बंधक?, बागडोगरा हवाई अड्डे से मुख्य आरोपी अधिवक्ता मोफक्करुल इस्लाम अरेस्ट, अब तक 35 अरेस्ट, वीडियो

भारत7 न्यायिक अधिकारी और 9 घंटे तक बंधक?, मतदाता सूची से नाम हटाने पर बवाल, सीजीआई सूर्यकांत ने कहा-रात 2 बजे से निगरानी कर रहा?

भारतस्वाति मालीवाल के बाद राघव चड्ढा पर गाज?, आखिर क्यों केजरीवाल के खास लोग छोड़ रहे साथ?

भारत अधिक खबरें

भारतकेंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ग्रीनविच मीन टाईम को महाकाल स्टेंडर्ड टाईम में बदलने पर दिया जोर

भारतदलित समुदाय के 22 फीसदी वोट पर जमीन अखिलेश की निगाह , 14 अप्रैल पर अंबेडकर जयंती पर गांव-गांव में करेगी कार्यक्रम

भारतराघव चड्ढा पर आतिशी का बड़ा आरोप, 'BJP से डरते हैं, अगला कदम क्या होगा?'

भारतउत्तर प्रदेश उपचुनाव 2026ः घोसी, फरीदपुर और दुद्धी विधानसभा सीट पर पड़ेंगे वोट?, 2027 विस चुनाव से पहले सेमीफाइनल, सीएम योगी-अखिलेश यादव में टक्कर?

भारतTamil Nadu Polls: बीजेपी कैंडिडेट्स की लिस्ट में अन्नामलाई का नाम नहीं, 'सिंघम' किए गए साइडलाइन या नई जिम्मेदारी की तैयारी