लाइव न्यूज़ :

Same-sex marriage case: सुप्रीम कोर्ट ने एकसाथ रहने के अधिकार को दी मान्यता, लेकिन शादी को नहीं, संसद पर डाली जिम्मेदारी

By मनाली रस्तोगी | Updated: October 17, 2023 12:52 IST

अकेले छोड़े जाने का अधिकार और गरिमा का अधिकार तथा अपनी पसंद से जीवन जीने का अधिकार अनुच्छेद 21 की अभिन्न विशेषता है।

Open in App
ठळक मुद्देसुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दो व्यक्ति एक साथ रह सकते हैं और इसे अपराध नहीं बनाया जा सकता।धारा 377 को पढ़कर इसे सक्षम बनाया गया है।

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दो व्यक्ति एक साथ रह सकते हैं और इसे अपराध नहीं बनाया जा सकता। धारा 377 को पढ़कर इसे सक्षम बनाया गया है। अकेले छोड़े जाने का अधिकार और गरिमा का अधिकार तथा अपनी पसंद से जीवन जीने का अधिकार अनुच्छेद 21 की अभिन्न विशेषता है।

सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने केंद्र और राज्य सरकारों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि समलैंगिक समुदाय के लिए वस्तुओं और सेवाओं तक पहुंच में कोई भेदभाव न हो और सरकार को समलैंगिक अधिकारों के बारे में जनता को जागरूक करने का निर्देश दिया। 

सरकार समलैंगिक समुदाय के लिए एक हॉटलाइन बनाएगी, हिंसा का सामना करने वाले समलैंगिक जोड़ों के लिए सुरक्षित घर गरिमा गृह बनाएगी और यह सुनिश्चित करेगी कि अंतर-लिंग वाले बच्चों को ऑपरेशन के लिए मजबूर न किया जाए।

सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा, "यौन अभिविन्यास के आधार पर संघ में प्रवेश करने का अधिकार प्रतिबंधित नहीं किया जा सकता है। विषमलैंगिक संबंधों में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को व्यक्तिगत कानूनों सहित मौजूदा कानूनों के तहत शादी करने का अधिकार है। समलैंगिक जोड़ों सहित अविवाहित जोड़े संयुक्त रूप से एक बच्चे को गोद ले सकते हैं।"

मोटे तौर पर भारत के मुख्य न्यायाधीश से सहमत होते हुए न्यायमूर्ति कौल ने कहा, "गैर-विषमलैंगिक संघ भारत के संविधान के तहत सुरक्षा के हकदार हैं। इस अदालत ने ऐसे जोड़ों को मिलने वाले लाभों को देखने के लिए एक समिति बनाने के एसजी मेहता के बयान को स्वीकार कर लिया है।" 

उन्होंने कहा, "एसएमए विवाह का एक विशेष रूप बताता है और इस प्रकार यह विवाह का एक धर्मनिरपेक्ष रूप प्रदान करता है। मैं न्यायमूर्ति भट्ट से असहमत हूं कि एसएमए का उद्देश्य यौन अभिविन्यास को पहचानना था।"

 

टॅग्स :सेम सेक्स मैरेजसुप्रीम कोर्टDY Chandrachud
Open in App

संबंधित खबरें

भारतअल्केमिस्ट एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी प्राइवेट लिमिटेड केस से अलग हुए सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन, आखिर कारण

क्राइम अलर्टमालदा में 7 न्यायिक अधिकारी को बनाया बंधक?, बागडोगरा हवाई अड्डे से मुख्य आरोपी अधिवक्ता मोफक्करुल इस्लाम अरेस्ट, अब तक 35 अरेस्ट, वीडियो

भारत7 न्यायिक अधिकारी और 9 घंटे तक बंधक?, मतदाता सूची से नाम हटाने पर बवाल, सीजीआई सूर्यकांत ने कहा-रात 2 बजे से निगरानी कर रहा?

भारतहिम्मत कैसे हुई ऐसा करने की?, वादी के पिता ने सीजेआई के भाई को फोन किया, नाराज न्यायाधीश ने कहा- क्या वह मुझे आदेश देंगे?

क्राइम अलर्टगुरुग्राम में 3 साल की बच्ची से बलात्कार?, उच्चतम न्यायालय ने कहा- आयुक्त से लेकर सब-इंस्पेक्टर तक नाकाम?, कानून का जरा भी सम्मान तो तबादला करो

भारत अधिक खबरें

भारतMadhya Pradesh: अनूपपुर ज़िले में चार-मंज़िला होटल गिरने से मलबे में कई लोगों के फँसे होने की आशंका, एक की मौत

भारततमिलनाडु चुनावों के लिए BJP का टिकट न मिलने के बाद अन्नामलाई ने दिया अपना स्पष्टीकरण

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील

भारत'एकनाथ शिंदे और बलात्कार के आरोपी अशोक खरात के बीच 17 बार फोन पर बातचीत हुई', अंजलि दमानिया का आरोप