लाइव न्यूज़ :

अयोध्‍या विवाद: सुप्रीम कोर्ट आज करेगा सुनवाई, आपसी सहमति से नहीं सुलझा मामला

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: August 2, 2019 07:52 IST

अयोध्या विवाद मामले में गठित मध्यस्थता समिति ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सीलबंद लिफाफे में अपनी फाइनल रिपोर्ट पेश की।

Open in App
ठळक मुद्देअयोध्या विवाद के आपसी सहमति से सुलझने की उम्मीद भी अब धूमिल हो गई। कलीफुल्ला समिति ने बंद कमरे में हुई मध्यस्थता कार्यवाही के बारे में बृहस्पतिवार को सीलबंद लिफाफे में रिपोर्ट सौंपी। सुनावई के बाद सुप्रीम कोर्ट तय करेगा कि मामले में सुनवाई की जाए या मध्यस्थता प्रक्रिया जारी रखा जाए।

अयोध्या में रामजन्मभूमि- बाबरी मस्जिद भूमि विवाद का सौहार्दपूर्ण हल निकालने के लिए गठित समिति की मध्यस्थता कार्यवाही के ‘‘परिणामों’’ पर सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को सुनवाई करेगा। इसी के साथ इस विवाद के आपसी सहमति से सुलझने की उम्मीद भी अब धूमिल हो गई। सुनवाई के दौरान ही सुप्रीम कोर्ट निर्णय करेगा कि मामले में सुनवाई की जाए या फिर मध्यस्थता प्रक्रिया जारी रखी जाए। 

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने 18 जुलाई को तीन सदस्यीय मध्यस्थता समिति को कहा था कि मध्यस्थता कार्यवाही के परिणामों के बारे में 31 जुलाई या एक अगस्त तक अदालत को सूचित करें ताकि वह मामले में आगे बढ़ सके।समिति के अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश एफ एम आई कलीफुल्ला हैं। समझा जाता है कि कलीफुल्ला समिति ने बंद कमरे में हुई मध्यस्थता कार्यवाही के बारे में बृहस्पतिवार को सीलबंद लिफाफे में रिपोर्ट सौंपी। 

पीठ ने कहा, ‘‘हम मध्यस्थता समिति से आग्रह करते हैं कि वह 31 जुलाई तक मध्यस्थता कार्यवाही के परिणामों से अदालत को अवगत कराए...।’’ पीठ में न्यायमूर्ति एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एस ए नजीर भी शामिल हैं। 

सुप्रीम कोर्ट तय कर सकता है प्रतिदिन सुनवाई का कार्यक्रम18 जुलाई तक मध्यस्थता प्रक्रिया में हुई प्रगति के बारे में रिपोर्ट पढ़ चुकी पीठ ने कहा था कि पहले के आदेश के मुताबिक इसकी विषय वस्तु को गोपनीय रखा जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने 11 जुलाई को मध्यस्थता प्रक्रिया पर रिपोर्ट मांगा था और कहा कि अगर अदालत मध्यस्थता प्रक्रिया समाप्त करने का फैसला करती है तो 25 जुलाई से रोजाना सुनवाई हो सकती है।इसने न्यायमूर्ति कलीफुल्ला से मध्यस्थता प्रक्रिया के बारे में 18 जुलाई तक अवगत कराने और इसकी वर्तमान स्थिति के बारे में बताने के लिए कहा था। आज भी सुनावई के बाद सुप्रीम कोर्ट तय करेगा कि मामले में सुनवाई की जाए या मध्यस्थता प्रक्रिया जारी रखा जाए।

टॅग्स :अयोध्या विवादअयोध्याबाबरी मस्जिद विवादराम जन्मभूमि
Open in App

संबंधित खबरें

पूजा पाठमर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के परम भक्त हनुमान जी?, पूंछ को हिला नहीं पाए थे भीम?

पूजा पाठअहिरावण वध के लिए हनुमान जी ने धारण किया था पंचमुखी स्वरूप?, श्रीराम-लक्ष्मण को कैद से मुक्त कराया, जानें कहानी

पूजा पाठश्रीराम और तीर्थंकर महावीर के बीच वंश परंपरा का मधुर संबंध

पूजा पाठराम राज्य: वैश्विक शांति का कालजयी मार्ग?, जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी?

ज़रा हटकेबच्ची यशस्विनी ने सीएम योगी को दिया 'बुलडोजर'?, हंसकर बोले मुख्यमंत्री-बुलडोजर से खेलो और अच्छे से पढ़ाई करो

भारत अधिक खबरें

भारतगोदाम में भर रहे थे नाइट्रोजन गैस?, विस्फोट में 4 की मौत और 2 घायल

भारतPAN Card Update: घर बैठे सुधारें पैन कार्ड में मोबाइल नंबर या नाम, बस 5 मिनट में होगा पूरा काम; देखें प्रोसेस

भारत'Three Allegations, Zero Truth': आम आदमी पार्टी द्वारा राज्यसभा की भूमिका से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा का जवाब

भारतMadhya Pradesh: अनूपपुर ज़िले में चार-मंज़िला होटल गिरने से मलबे में कई लोगों के फँसे होने की आशंका, एक की मौत

भारततमिलनाडु चुनावों के लिए BJP का टिकट न मिलने के बाद अन्नामलाई ने दिया अपना स्पष्टीकरण