लाइव न्यूज़ :

सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद 370 पर बहस करने वाले निलंबित जम्मू-कश्मीर के लेक्चरर को दी राहत, नौकरी फिर से बहाल

By अंजली चौहान | Updated: September 4, 2023 11:01 IST

यह घटनाक्रम सुप्रीम कोर्ट द्वारा राजनीति विज्ञान के व्याख्याता जहूर अहमद भट के खिलाफ की गई कार्रवाई पर सवाल उठाए जाने के कुछ दिनों बाद आया है।

Open in App
ठळक मुद्देजम्मू कश्मीर के लेक्चरर को सरकार ने किया निलंबित सुप्रीम कोर्ट ने निलंबन को खत्म कर शिक्षक की नौकरी की बहाल अनुच्छेद 370 के हटाने के खिलाफ बोलने पर हुई थी कार्रवाई

श्रीनगर: सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर के निलंबित लेक्चरर जहूर अहमद भट की नौकरी फिर से बहाल कर दी है। राजनीति विज्ञान के वरिष्ठ व्याख्याता जहूर अहमद भट को 3 सितंबर को जम्मू कश्मीर प्रशासन ने निलंबित कर दिया था क्योंकि उन्होंने कोर्ट में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के खिलाफ अपनी दलील दी थी। 

राजनीति विज्ञान के वरिष्ठ व्याख्याता जहूर अहमद भट का निलंबन तब सामने आया जब सुप्रीम कोर्ट केंद्र के 2019 के कदम को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था।

सुप्रीम कोर्ट ने यह जानने की कोशिश की थी कि क्या निलंबन उनकी अदालत में उपस्थिति से जुड़ा था और संकेत दिया था कि अगर ऐसा होता तो वह इस पर कम ध्यान देगा, यह सुझाव देते हुए कि इसे प्रतिशोध के रूप में देखा जा सकता है।

सरकार के शीर्ष कानून अधिकारी ने भी स्वीकार किया कि उनके निलंबन का समय उचित नहीं था। जम्मू-कश्मीर सरकार ने रविवार को निलंबन आदेश रद्द कर दिया और भट्ट को अपने मूल पोस्टिंग स्थान पर वापस रिपोर्ट करने के लिए कहा।

यह केंद्र द्वारा सुप्रीम कोर्ट के समक्ष अनुच्छेद 370 मामले में अपनी दलील पूरी करने से एक दिन पहले आया है। पिछले चार वर्षों में यह पहला मामला है जब जम्मू-कश्मीर में कोई सरकारी आदेश रद्द किया गया है।

सुप्रीम कोर्ट ने पिछले हफ्ते सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से लेक्चरर को पांच जजों की संविधान पीठ के सामने पेश होने के कुछ दिनों बाद निलंबित किए जाने पर उपराज्यपाल से बात करने को कहा था।

गौरतलब है कि शनिवार को अपने आदेश में सरकार के प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने कहा कि उपस्थित परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए और सावधानीपूर्वक विचार-विमर्श करने के बाद राज्यपाल आदेश संख्या 251-जेके (एडु) 2023 दिनांक 25.08.2023 को पृष्ठांकन संख्या के तहत जारी किया गया। Edu-Lect/96/2023(7272273) दिनांक 25.08.2023 को तत्काल वापस लिया जाता है। 

वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने इस मुद्दे को सुप्रीम कोर्ट में उठाया जिसके बाद भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी को इस पर गौर करने और उपराज्यपाल से बात करने को कहा।

सिब्बल ने अदालत को बताया कि भट्ट ने अदालत में पांच मिनट तक बहस की जिसके कारण 25 अगस्त को उन्हें निलंबित कर दिया गया। उन्होंने बताया, "उन्होंने दो दिन की छुट्टी ली, वापस चले गए और निलंबित कर दिए गए।"

टॅग्स :सुप्रीम कोर्टजम्मू कश्मीरधारा 370
Open in App

संबंधित खबरें

भारतअल्केमिस्ट एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी प्राइवेट लिमिटेड केस से अलग हुए सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन, आखिर कारण

कारोबारदर्द कोई समझे, रील्स से बर्बादी तक?, कैसे पर्यटक और कंटेंट क्रिएटर्स पंपोर सरसों खेतों को पहुंचा रहे हैं नुकसान?

कारोबारईरान में फिर से फंसे सैकड़ों कश्मीरी छात्र?, 7 दिन के लिए बंद अजरबैजान सीमा

भारतगंदरबल एनकाउंटर: 7 दिन में रिपोर्ट पेश करो?, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक्स पर लिखा

क्राइम अलर्टमालदा में 7 न्यायिक अधिकारी को बनाया बंधक?, बागडोगरा हवाई अड्डे से मुख्य आरोपी अधिवक्ता मोफक्करुल इस्लाम अरेस्ट, अब तक 35 अरेस्ट, वीडियो

भारत अधिक खबरें

भारत'Three Allegations, Zero Truth': आम आदमी पार्टी द्वारा राज्यसभा की भूमिका से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा का जवाब

भारतMadhya Pradesh: अनूपपुर ज़िले में चार-मंज़िला होटल गिरने से मलबे में कई लोगों के फँसे होने की आशंका, एक की मौत

भारततमिलनाडु चुनावों के लिए BJP का टिकट न मिलने के बाद अन्नामलाई ने दिया अपना स्पष्टीकरण

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील