लाइव न्यूज़ :

सिद्धारमैया ने यूसीसी पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से कहा, "हम अल्पसंख्यकों के साथ हैं, केंद्र को दमन नहीं करने देंगे"

By भाषा | Updated: July 26, 2023 17:40 IST

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से कहा कि उनकी सरकार पूरे तरह से अल्पसंख्यकों के साथ खड़ी है।

Open in App
ठळक मुद्देसिद्धारमैया ने ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से कहा कि वो यूसीसी पर अल्पसंख्यकों के साथ हैंउन्होंने मुस्लिम नेताओं से कहा कि वो केंद्र सरकार को किसी के दमन की इजाजत नहीं देंगेकर्नाटक की कांग्रेस सरकार अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं

बेंगलुरु: कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से कहा कि उनकी सरकार पूरे तरह से अल्पसंख्यकों के साथ खड़ी है और वो केंद्र सरकार को किसी के दमन की इजाजत नहीं देंगे। इसके साथ ही सीएम सिद्धारमैया ने एआईएमपीएलबी के प्रतिनिधियों के साथ मुलाकात में कहा कि केंद्र सरकार केवल अगले साल होने वाले चुनाव को देखते हुए यूसीसी का बखेड़ा खड़ा कर रही है।

कांग्रेस नेता सिद्दारमैया ने बुधवार को यूसीसी के मुद्दे पर मुस्लिम नेताओं से साफ कहा कि वह अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं और उन्हें इस संबंध में चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।

उन्होंने एआईएमपीएलबी के प्रतिनिधिमंडल से कहा कि कर्नाटक सरकार अल्पसंख्यक अधिकारों के दमन की अनुमति नहीं देगी। मुख्यमंत्री ने कहा, "राज्य सरकार अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा के लिए काम करेगी और वो इस बारे में बेफिक्र रहें।"

मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि सिद्धरमैया के गृह कार्यालय 'कृष्णा' में एक चर्चा के दौरान, एआईएमपीएलबी सदस्यों ने यूसीसी के कार्यान्वयन के कारण मुसलमानों के "अधिकारों और मुस्लिम पर्सनल लॉ को खतरे" के बारे में चिंता व्यक्त की।

उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि पिछले विधि आयोग ने केंद्र सरकार के प्रस्ताव को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि इस विविधतापूर्ण देश में यूसीसी का कार्यान्वयन संभव नहीं है। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों में से एक के हवाले से कहा गया, ‘‘अब केंद्र सरकार ने वर्तमान विधि आयोग से इस मामले की दोबारा समीक्षा करने को कहा है। उस संबंध में विधि आयोग जनता से राय ले रहा है।’’

इसके जवाब में सिद्धारमैया ने कहा, ''हम समान नागरिक संहिता के मसौदे के प्रकाशन के बाद जवाब देंगे। हमारी सरकार कभी भी अल्पसंख्यक अधिकारों का दमन नहीं होने देगी। केंद्र सरकार चुनाव के मद्देनजर अनावश्यक विवाद पैदा कर रही है।’’ प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने सरकार से वक्फ संपत्तियों की रक्षा करने और अतिक्रमण हटाने का भी अनुरोध किया।

टॅग्स :सिद्धारमैयाकर्नाटकसमान नागरिक संहिता (यूनिफॉर्म सिविल कोड)BJPकांग्रेस
Open in App

संबंधित खबरें

भारततमिलनाडु चुनावों के लिए BJP का टिकट न मिलने के बाद अन्नामलाई ने दिया अपना स्पष्टीकरण

कारोबारकेरलम विधानसभा चुनावः वृद्ध आबादी 16.5 प्रतिशत?, पेंशन, स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षा सबसे बड़े चुनावी मुद्दे?, देखिए किस दल ने क्या दिया तोहफा?

भारतराघव चड्ढा पर आतिशी का बड़ा आरोप, 'BJP से डरते हैं, अगला कदम क्या होगा?'

ज़रा हटकेVIDEO: असम में योगी का बड़ा बयान, 'घुसपैठियों को बाहर करना ही होगा'

भारतTamil Nadu Polls: बीजेपी कैंडिडेट्स की लिस्ट में अन्नामलाई का नाम नहीं, 'सिंघम' किए गए साइडलाइन या नई जिम्मेदारी की तैयारी

भारत अधिक खबरें

भारत'Three Allegations, Zero Truth': आम आदमी पार्टी द्वारा राज्यसभा की भूमिका से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा का जवाब

भारतMadhya Pradesh: अनूपपुर ज़िले में चार-मंज़िला होटल गिरने से मलबे में कई लोगों के फँसे होने की आशंका, एक की मौत

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील

भारत'एकनाथ शिंदे और बलात्कार के आरोपी अशोक खरात के बीच 17 बार फोन पर बातचीत हुई', अंजलि दमानिया का आरोप