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शरद पवार का दोटूक ऐलान, 'समर्पण नहीं करूंगा दिल्ली दरबार के सामने'

By आशीष कुमार पाण्डेय | Updated: September 11, 2022 20:44 IST

शरद पवार ने एनसीपी के आठवें राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, किसान विरोधी मानसिकता और देश में धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ नरफत की भावना उभारने के लिए मोदी सरकार की जमकर आलोचना की।

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ठळक मुद्देशरद पवार ने दिल्ली में किया ऐलान नहीं करेंगे "दिल्ली शासन" के सामने आत्मसमर्पणशरद पवार ने कहा कि मौजूदा दिल्ली सरकार को लोकतांत्रिक तरीके से चुनौती देना होगादिल्ली सरकार विरोधियों के खिलाफ ईडी, सीबीआई और धनबल का दुरुपयोग कर रही है

दिल्ली: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के अध्यक्ष पद पर हुई नई ताजपोशी के बाद दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में शरद पवार ने दिल्ली की सत्ता को चुनौती देते हुए कहा कि वो "दिल्ली शासन" के सामने कभी आत्मसमर्पण नहीं करेंगे और लगातार प्रयास करेंगे कि गैर-भाजपा दलों को एक मंच पर साथ आएं ताकि उन्हें सत्ता से बेदखल किया जा सके।

एनसीपी के आठवें राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए शरद पवार ने रविवार को बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, किसानों के विरोधी मानसिकता और देश में धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ नरफत की भावना उभारने के लिए मोदी सरकार की जमकर आलोचना की।

महाराष्ट्र के वयोवृद्ध नेता पवार ने कहा, 'हमें मौजूदा दिल्ली सरकार की लोकतांत्रिक तरीके से चुनौती देनी होगी, जो अपने राजनैतिक विरोधियों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय, सीबीआई और धनबल का दुरुपयोग कर रही है। हमें उनके खिलाफ लड़ाई के लिए तैयार रहना होगा।"

81 के पवार ने एनसीपी के सम्मेलन स्थल तालकटोरा स्टेडियम का हवाला देते हुए कहा, "यही वह जगह है, जहां बाजीराव पेशवा ने 1737 में अपनी सेना के साथ डेरा डाला था और दिल्ली के शासकों को चुनौती दी थी। आज के दौर में हमें भी कुछ वैसा ही करने की जरूरत है।"

दिग्गज नेता ने एनसीपी कार्यकर्ताओं को समान विचारधारा वाली पार्टियों के साथ रणनीति बनाने और आम आदमी को मुद्दों पर केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ मुहिम चलाने का निर्देश दिया। इस बैठक के बारे में जानकारी देते हुए एनसीपी के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल ने पत्रकारों से कहा कि पार्टी प्रमुख शरद पवार ने विपक्षी ताकतों को एकजुट करने में पार्टी को महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का आदेश दिया है। इसके साथ ही पटेल ने उन अफवाहों को खारिज किया, जिसमें शरद पवार को प्रधानमंत्री पद के दावेदार कहा जा रहा था।

पटेल ने कहा, “पवार साहब कभी भी प्रधानमंत्री पद के दावेदार नहीं थे। हम वास्तविकता पर आधारित पार्टी हैं। हमारी पार्टी दूसरों की तुलना में छोटी हो सकती है, लेकिन हमारे नेता का सम्मान पूरे देश में एक समान है लेकिन वो प्रधानमंत्री पद को लोभ नहीं रखते हैं।"

एनसीपी के इस राष्ट्रीय सम्मेलन को पीसी चाको, छगन भुजबल, सुप्रिया सुले, जयंत पाटिल, अमोल कोल्हे और फौजिया खान ने भी लोगों को संबोधित किया। सम्मेलन में महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री और शरद पवार के भतीजे अजीत पवार की सबसे ज्यादा प्रशंसा हुई, खुद शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले ने कोविड काल में अजीत पवार द्वारा महाराष्ट्र के वित्त मंत्रालय संभालने जाने की जमकर तारीफ की। हालांकि, जिस समय अजीत पवार की प्रशंसा हो रही थी, वो सम्मेलन से गायब थे। (समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)

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