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राम मंदिर को अधूरा बताकर प्राण प्रतिष्ठा समारोह पर सवाल उठाने वाले शंकराचार्य ने कहा, 'हम मोदी के प्रशंसक'

By रुस्तम राणा | Updated: January 21, 2024 21:17 IST

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, "सच्चाई यह है कि पीएम मोदी ने हिंदुओं को आत्म-जागरूक बनाया है जो छोटी बात नहीं है। हमने सार्वजनिक रूप से कई बार कहा है कि हम मोदी विरोधी नहीं हैं बल्कि उनके प्रशंसक हैं।

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ठळक मुद्देस्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने रविवार को दोहराया कि वह पीएम मोदी के प्रशंसकों में से एक हैंशंकराचार्य ने कहा, पीएम मोदी ने हिंदुओं को आत्म-जागरूक बनाया है जो छोटी बात नहीं हैकहा, हमने सार्वजनिक रूप से कई बार कहा है कि हम मोदी विरोधी नहीं हैं बल्कि उनके प्रशंसक हैं

नई दिल्ली: राम मंदिर प्रतिष्ठापन कार्यक्रम पर चिंता जताने और मंदिर को अधूरा बताने वाले उत्तराखंड के ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने रविवार को दोहराया कि वह पीएम मोदी के प्रशंसकों में से एक हैं क्योंकि पीएम मोदी के लिए ही हिंदू अपने स्वाभिमान के प्रति जागरूक हुए हैं। शंकराचार्य ने कहा, "सच्चाई यह है कि पीएम मोदी ने हिंदुओं को आत्म-जागरूक बनाया है जो छोटी बात नहीं है। हमने सार्वजनिक रूप से कई बार कहा है कि हम मोदी विरोधी नहीं हैं बल्कि उनके प्रशंसक हैं। भारत के एक और प्रधानमंत्री का नाम बताइए जिसने पहले भी मोदी की तरह हिंदुओं को मजबूत किया है। हमारे कई प्रधानमंत्री रहे हैं और वे सभी अच्छे रहे हैं- हम किसी की आलोचना नहीं कर रहे हैं।" 

शंकराचार्य ने कहा, “जब अनुच्छेद 370 को खत्म किया गया, तो क्या हमने इसका स्वागत नहीं किया? जब नागरिकता संशोधन कानून आया तो क्या हमने इसकी प्रशंसा नहीं की? क्या हमने पीएम मोदी के स्वच्छता अभियान में बाधा डाली?“ शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, "हमने इस बात की भी सराहना की कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा भूमि पर राम मंदिर बनाए जाने के फैसले के बाद कानून-व्यवस्था की स्थिति में कोई व्यवधान नहीं आया। जब भी हिंदू मजबूत होते हैं तो हमें खुशी होती है और नरेंद्र मोदी वह काम कर रहे हैं।"

हिंदू धर्म के संरक्षक चार शंकराचार्यों के यह कहने के बाद एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया कि वे इस कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि मंदिर - जिसे भगवान का शरीर माना जाता है - अधूरा है और इसलिए वहां नई मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा करना सही नहीं है। उद्घाटन समारोह के समय पर सवाल उठाकर विपक्ष द्वारा हथियार बनाए गए विवाद के मद्देनजर, कुछ शंकराचार्यों ने बयान जारी किया कि उन्हें कार्यक्रम पर कोई आपत्ति नहीं है।

ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य ने 18 जनवरी को राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के प्रमुख नृत्य गोपाल दास को पत्र लिखकर पूछा कि मौजूदा मूर्ति का क्या होगा क्योंकि गर्भगृह में एक नई मूर्ति रखी जाने वाली है। हिंदी में लिखे पत्र में कहा गया है, “सवाल यह है कि अगर यह नई मूर्ति रखी जाएगी, तो राम लला विराजमान का क्या होगा? अब तक रामभक्तों को लगता था कि नया मंदिर लला विराजमान के लिए बनाया जा रहा है। लेकिन अब, मंदिर परिसर में निर्माणाधीन गर्भगृह में एक नई मूर्ति की खबर ने संदेह पैदा कर दिया है कि क्या राम लला विराजमान को दरकिनार/उपेक्षित किया जाएगा।“ 

टॅग्स :राम मंदिरअयोध्यानरेंद्र मोदी
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