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Sehore: जिंदगी से हार गई ढाई साल की मासूम, बड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाला, लेकिन...

By सतीश कुमार सिंह | Updated: June 8, 2023 19:00 IST

Sehore: कलेक्टर सीहोर ने कहा कि तमाम कोशिशों के बावजूद हम बच्ची को नहीं बचा सके। दो डॉक्टरों की टीम द्वारा किए गए पोस्टमॉर्टम से खुलासा हुआ है कि शव क्षत-विक्षत अवस्था में है, विस्तृत विवरण की प्रतीक्षा है। 

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ठळक मुद्देएम्बुलेंस में जिला अस्पताल ले जाया गया था। ढाई साल की मासूम जिंदगी से जंग हार गई।तीन दिन तक ऑपरेशन चलाया गया था।

सीहोरः मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के बोरवेल में फंसी ढाई साल की लड़की को आखिरकार तीसरे दिन बृहस्पतिवार की शाम को बड़ी मशक्कत के बाद बाहर निकाल लिया गया। लेकिन ढाई साल की मासूम जिंदगी से जंग हार गई। तीन दिन तक ऑपरेशन चलाया गया था।

कलेक्टर सीहोर ने कहा कि तमाम कोशिशों के बावजूद हम बच्ची को नहीं बचा सके। दो डॉक्टरों की टीम द्वारा किए गए पोस्टमॉर्टम से खुलासा हुआ है कि शव क्षत-विक्षत अवस्था में है, विस्तृत विवरण की प्रतीक्षा है। मौत का कारण दम घुटना है। सहयोगियों की मदद से बोरवेल से बाहर निकालने के तुरंत बाद उसे एक एम्बुलेंस में जिला अस्पताल ले जाया गया था।

मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में करीब 52 घंटों के बाद बृहस्पतिवार को बोरवेल से निकाली गयी ढाई साल की लड़की को अस्पताल ले जाने के बाद मृत घोषित कर दिया गया। एक पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि लड़की को बोरवेल से मृत अवस्था में बाहर निकाला गया था। अधिकारी ने कहा कि बालिका के शव को जिला अस्पताल के शवगृह में भेज दिया गया है। सृष्टि नाम की बच्ची मंगलवार दोपहर करीब एक बजे बोरवेल में गिरी थी और तभी से उसे बचाने की कोशिश की जा रही थी।

अधिकारी ने बताया कि मंगलवार को दोपहर में मुंगावली गांव के एक खेत में 300 फुट गहरे बोरवेल में गिरी बच्ची को बचाने के लिए बृहस्पतिवार सुबह रोबोटिक विशेषज्ञों की एक टीम भी अभियान में शामिल हुई थी। बचाव अभियान का आज तीसरा दिन था।

गुजरात से तीन सदस्यीय रोबोट बचाव दल अभियान में शामिल होने के लिए बृहस्पतिवार को सुबह घटनास्थल पर पहुंचा था। सृष्टि नाम की बच्ची मंगलवार को दोपहर में करीब एक बजे बोरवेल में गिरी थी और तभी से उसे बचाने की कोशिश की जा रही है। सेना की एक टीम भी बचाव अभियान में शामिल हुई थी।

जबकि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा आपातकालीन प्रतिक्रिया बल (एसडीईआरएफ) की टीमें पहले से ही इस काम में जुटी थीं। उन्होंने कहा कि फिलहाल 12 अर्थमूविंग और पोकलेन मशीनें भी बचाव अभियान में लगी हुई थीं।

टॅग्स :मध्य प्रदेशभोपालशिवराज सिंह चौहान
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