लाइव न्यूज़ :

SAARC Council: जयशंकर ने आतंक पर पाकिस्तान को घेरा, सार्क के सामने  तीन महत्वपूर्ण चुनौतियां

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: September 24, 2020 18:57 IST

दक्षेस विदेश मंत्रियों की अनौपचारिक बैठक को संबोधित करते हुए जयशंकर ने आतंक का पोषण, समर्थन और प्रोत्साहित करने वाली ताकतों सहित आतंकवाद की बुराई को परास्त करने के लिये सामूहिक संकल्प की जरूरत बतायी।

Open in App
ठळक मुद्दे दक्षेस समूह की डिजिटल माध्यम से हुई अनौपचारिक बैठक में कही जिसे पाकिस्तान की आलोचना के रूप में देखा जा रहा है। बैठक में अन्य लोगों के अलावा पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने भी हिस्सा लिया।विदेश मंत्री ने ‘पड़ोस प्रथम’ की भारत की प्रतिबद्धता की पुन: पुष्टि की और एक दूसरे से जुड़े, समन्वित और समृद्ध दक्षिण एशिया की कामना की।

नई दिल्लीः विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को कहा कि दक्षेस को आतंकवाद व कारोबार एवं सम्पर्क में बाधा उत्पन्न करने से जुड़ी तीन महत्वपूर्ण चुनौतियों का निपटारा करने की जरूरत है।

विदेश मंत्री ने यह बात दक्षेस समूह की डिजिटल माध्यम से हुई अनौपचारिक बैठक में कही जिसे पाकिस्तान की आलोचना के रूप में देखा जा रहा है। दक्षेस विदेश मंत्रियों की अनौपचारिक बैठक को संबोधित करते हुए जयशंकर ने आतंक का पोषण, समर्थन और प्रोत्साहित करने वाली ताकतों सहित आतंकवाद की बुराई को परास्त करने के लिये सामूहिक संकल्प की जरूरत बतायी।

विदेश मंत्री ने ‘पड़ोस प्रथम’ की भारत की प्रतिबद्धता की पुन: पुष्टि की और एक दूसरे से जुड़े, समन्वित और समृद्ध दक्षिण एशिया की कामना की। इस बैठक में अन्य लोगों के अलावा पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने भी हिस्सा लिया।

इसका आयोजन संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक से इतर इस समूह के विदेश मंत्रियों के बीच विचारों के अनौपचारिक आदान प्रदान की परंपरा को जारी रखते हुए किया गया था। गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा का 75वां सत्र अभी जारी है।

जयशंकर ने कहा कि दक्षेस ने पिछले 35 वर्षों में काफी प्रगति की है

जयशंकर ने कहा कि दक्षेस ने पिछले 35 वर्षों में काफी प्रगति की है लेकिन सामूहिक सहयोग और समृद्धि की दिशा में प्रयास, आतंकवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे से जुड़ी गतिविधियों के कारण प्रभावित हुए हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने उनका हवाला देते हुए कई ट्वीट के जरिये यह बात बतायी।

जयशंकर ने कहा कि ऐसे माहौल में पूर्ण क्षमता के अनुरूप हमारे सामूहिक प्रयास के जरिये साझा उद्देश्य हासिल करने में रुकावट आती है। इसलिये यह महत्वपूर्ण है कि हम आतंक का पोषण, समर्थन और प्रोत्साहिन करने वाली ताकतों सहित आतंकवाद की बुराई को परास्त करने के लिये सामूहिक संकल्प लें।

विदेश मंत्री ने कहा कि ऐसे पहल से जरूरी विश्वास और भरोसा कायम होगा और मजबूत एवं समृद्ध दक्षेस का निर्माण किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि दक्षेस को सीमापार आतंकवाद ,कारोबार एवं सम्पर्क में बाधा उत्पन्न करने से जुड़ी तीन महत्वपूर्ण चुनौतियों का निपटारा करने की जरूरत है।

इसके बाद ही हम दक्षिण एशिया में टिकाऊ शांति, समृद्धि और सुरक्षा देख सकेंगे। गौरतलब है कि पाकिस्तान ने छह वर्ष पहले दक्षेस ढांचे के तहत महत्वपूर्ण सम्पर्क पहल तथा समूह के सदस्य देशों के बीच कारोबार के मार्ग को बाधित कर दिया था । दक्षेस 2016 के बाद से उतना प्रभावी नहीं रहा है और इसकी अंतिम बैठक 2014 में काठमांडो में हुई थी ।

टॅग्स :जयशंकरपाकिस्तानश्रीलंकानेपालअफगानिस्तानआतंकवादी
Open in App

संबंधित खबरें

विश्व5 दिन और न्यायिक हिरासत में रहेंगे पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक

भारतपाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ के कोलकाता पर हमले की धमकी वाले बयान पर सोशल मीडिया पर 'धुरंधर' अंदाज़ में आई प्रतिक्रिया

विश्वकर्ज़ में डूबे पाकिस्तान के लिए भारी मुसीबत, यूएई ने इसी महीने 3.5 अरब डॉलर का लोन चुकाने को कहा

भारतदिल्ली और उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों में महसूस हुए भूकंप के झटके, अफगानिस्तान में आया भूकंप

ज़रा हटकेपाकिस्तान की 80% आबादी समलैंगिक और 20% उभयलिंगी?, ट्रांसजेंडर कार्यकर्ता हिना बलोच का बयान, वायरल वीडियो

भारत अधिक खबरें

भारतगोदामों से सीधे एलपीजी सिलेंडर की बिक्री पर सख्त प्रतिबंध, सीएम रेखा गुप्ता ने कहा-भंडारण केंद्रों पर न जाएं और न ही भीड़ में इकट्ठा हों

भारतउच्च शिक्षा और अनुसंधान की चुनौतियां

भारतआदिवासी खेल: नई प्रतिभाओं की तलाश में एक सार्थक पहल

भारतबारामती विधानसभा उपचुनावः सीएम फडणवीस की बात नहीं मानी?, कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के खिलाफ आकाश मोरे को चुनाव मैदान में उतारा

भारतUP की महिला ने रचा इतिहास! 14 दिनों में साइकिल से एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला बनीं