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अल्ट न्यूज का दावा, Razorpay ने बिना इजाजत पुलिस को सौंपा डोनर्स का डेटा

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: July 6, 2022 14:13 IST

फैक्ट चेकिंग वेबसाइट अल्ट न्यूज के सह संस्थापक मोहम्मद जुबेर की गिरफ्तारी के बाद से उनकी वेबसाइट के आ रही फंडिंग पर लगातार सवाल खड़े किए जा रहे थे। अल्ट न्यूज की तरफ से विदेशी फंडिंग के आरोपों को खारिज कर दिया गया था।

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ठळक मुद्देअल्ट न्यूज ने रेजरपे पर लगाए डोनर्स डेटा शेयर करने का आरोपअल्ट न्यूज का दावा पुलिस के साथ बिना इजाजत शेयर किया गया डेटा Razorpay ने सफाई में कहा कि कानून के लिखित आदेशों के का पालन करना जरूरी

नई दिल्ली : फैक्ट चेकिंग वेबसाइट अल्ट न्यूज ने पेमेंट गेटवे Razorpay पर बिना उनकी इजाजत और जानकारी के उनके डोनर्स का डाटा पुलिस के साथ साझा करने का आरोप लगाया है। इससे पहले पुलिस के अनुरोध के बाद रेजरपे ने अपने मंच पर अल्ट न्यूज के खाते को निष्क्रिय कर दिया था जिसे बाद में फिर से चालू कर दिया गया। वहीं इस मामले को लेकर रेजरपे ने कहा कि कानूनी अधिकारियों के लिखित आदेश का पालन करना जरूरी है।

ऑल्ट न्यूज ने Razorpay पर लगाए आरोप

अल्ट न्यूज की मानें तो रेजरपे ने उन्हे कहा था कि पुलिस से कुछ स्पष्टता मिलने के बाद से उनके खाते को फिर से सक्रिय किया गया है लेकिन रेजरपे ने उन्हे ये नहीं बताया कि ये स्पष्टता क्या थी। बता दें कि रेजरपे पर अल्ट न्यूज को कई लोग डोनेशन देते हैं। अल्ट न्यूज ने रेजरपे पर आरोप लगाए हैं कि वेबसाइट को दान देने वाले लोगों का डेटा पुलिस के साथ साझा किया गया है वो भी बिना उनकी इजाजत के ।

रेजरपे ने आरोपों पर दी सफाई

मामले को लेकर रेजरपे की ओर से कहा गया है कि वह डाटा सिक्योरिटी के लिए प्रतिबद्ध है और भारत के कानून और नियमों का भी पालन करता रहेगा। बता दें कि दिल्ली पुलिस अल्ट न्यूज पर लगे विदेशी फन्डिंग के आरोपों की जांच कर रही है। कुछ दिनों पहले ही अल्ट  न्यूज के सह संस्थापक मोहम्मद जुबेर को धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। 

क्या है पूरा मामला

27 जून को दिल्ली पुलिस ने अल्टन्यूज वेबसाइट के सहसंस्थापक मोहम्मद जुबैर को धार्मिक विद्वेष बढ़ाने और सामुदायिक सौहार्द्र बिगाड़ने के आरोप में गिरफ्तार किया। बाद में प्रवर्तन निदेशालय (ED) जुबैर पर पाकिस्तान और सीरिया इत्यादि देशों से चन्दा लेने के मामले में केस दर्ज किया। अल्टन्यूज द्वारा विदेश से चन्दा लेने के लिए जरूरी FCRA कानून के तहत मंजूरी नहीं ली गयी थी। मामला सामने आने के बाद अल्टन्यूज ने चन्दा बटोरने वाली वेबसाइट रेजरपे से अपना अकाउण्ट हटा दिया था। बाद में अकाउण्ट में को दोबारा एक्टिव किया गया जिसमें लिखा है कि अल्टन्यूज को केवल भारतीय नागरिक चन्दा दे सकते हैं।

टॅग्स :क्राइमदिल्ली पुलिसट्विटर
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