लाइव न्यूज़ :

राफेल पुनर्विचार याचिका खारिज मामला: राजनाथ ने कहा- SC ने सरकार की निर्णय लेने की पारदर्शिता को मंजूरी दी

By रोहित कुमार पोरवाल | Updated: November 14, 2019 14:27 IST

रक्षा मंत्री सिंह ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, ''मैं सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत करता हूं और यह हमारी सरकार के रुख का प्रमाण है। हमारी सरकार की निर्णय लेने की पारदर्शिता को सुप्रीम कोर्ट ने मंजूरी दी है।''

Open in App
ठळक मुद्देराफेल सैदा मामले में देश की सर्वोच्च अदालत द्वारा पुर्नविचार याचिकाएं खारिज किए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने फैसले का स्वागत किया है और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है। रक्षा मंत्री सिंह ने कहा, ''मैं सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत करता हूं और यह हमारी सरकार के रुख का प्रमाण है। हमारी सरकार की निर्णय लेने की पारदर्शिता को सुप्रीम कोर्ट ने मंजूरी दी है।''

राफेल सैदा मामले में देश की सर्वोच्च अदालत द्वारा पुर्नविचार याचिकाएं खारिज किए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने फैसले का स्वागत किया है और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस को आड़े हाथों लिया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर खुशी जताई है। रक्षा मंत्री सिंह ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, ''मैं सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत करता हूं और यह हमारी सरकार के रुख का प्रमाण है। हमारी सरकार की निर्णय लेने की पारदर्शिता को सुप्रीम कोर्ट ने मंजूरी दी है।''

रक्षा मंत्री ने आगे कहा, ''मुझे लगता है कि रक्षा तैयारियों से संबंधित मामलों का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। दुर्भाग्य से कुछ लोगों ने इसे व्यक्तिगत लाभ के लिए किया। उन्होंने प्रधानमंत्री को भी बदनाम करने की कोशिश की। मैं कहना चाहूंगा कि यह विशेष रूप से कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेताओं द्वारा किया गया।''

बता दें कि शीर्ष अदालत ने भारतीय वायुसेना के लिए फ्रांस से राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के सौदे के मामले में दिसंबर 2018 के अपने फैसले पर पुनर्विचार के लिए दायर याचिकाएं गुरुवार (14 नवंबर) को खारिज कर दीं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इन याचिकाओं में कोई कोई दम नहीं है। 

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति के एम जोसफ की पीठ ने याचिकाओं को खारिज किया। पीठ ने याचिकाएं खारिज करते हुए लड़ाकू विमानों के लिये फ्रांस की फर्म दासॉ एविऐशन के साथ हुए समझौते में मोदी सरकार को क्लीन चिट देने के फैसले को दोहराया। 

पूर्व केंद्रीय मंत्रियों यशवंत सिन्हा और अरूण शौरी के साथ ही वकील प्रशांत भूषण ने राफेल सौदे में पुर्नविचार याचिकाएं दायर की थी और सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया था कि वह 14 दिसंबर 2018 के फैसले पर फिर से विचार करे। 

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 36 राफेल लड़ाकू विमान प्राप्त करने के निर्णय लेने की प्रक्रिया पर संदेह करने की कोई वजह नहीं है। 

पीठ ने कहा, ‘‘हम इन पुनर्विचार याचिकाओं को बगैर किसी मेरिट का पाते हैं।’’ 

टॅग्स :राफेल सौदाराजनाथ सिंहमोदी सरकारभारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)सुप्रीम कोर्टराहुल गांधीकांग्रेस
Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारवायनाड पुनर्वासः 200 से अधिक लोगों की मौत और 5.38 करोड़ रुपये खर्च?, कांग्रेस ने धनराशि का हिसाब किया सार्वजनिक

भारतअल्पसंख्यकों पर हमला करने वाले लोगों के साथ सीएम विजयन?, राहुल गांधी ने कहा- 140 में से 100 सीट जीतकर बनाएंगे सरकार?, भाजपा 0 पर आउट?

भारतअल्केमिस्ट एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी प्राइवेट लिमिटेड केस से अलग हुए सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन, आखिर कारण

कारोबारकेरलम विधानसभा चुनावः वृद्ध आबादी 16.5 प्रतिशत?, पेंशन, स्वास्थ्य सुविधाएं और सुरक्षा सबसे बड़े चुनावी मुद्दे?, देखिए किस दल ने क्या दिया तोहफा?

भारतTamil Nadu Election 2026: क्या CBSE का नया सिलेबस भाषा विवाद की जड़? सीएम स्टालिन ने कहा- "भाषा थोपने का सुनियोजित प्रयास"

भारत अधिक खबरें

भारतPAN Card Update: घर बैठे सुधारें पैन कार्ड में मोबाइल नंबर या नाम, बस 5 मिनट में होगा पूरा काम; देखें प्रोसेस

भारत'Three Allegations, Zero Truth': आम आदमी पार्टी द्वारा राज्यसभा की भूमिका से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा का जवाब

भारतMadhya Pradesh: अनूपपुर ज़िले में चार-मंज़िला होटल गिरने से मलबे में कई लोगों के फँसे होने की आशंका, एक की मौत

भारततमिलनाडु चुनावों के लिए BJP का टिकट न मिलने के बाद अन्नामलाई ने दिया अपना स्पष्टीकरण

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?