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पूर्व राष्ट्रपति डॉ प्रणब मुखर्जी, नानाजी देशमुख और भूपेन हजारिका भारत रत्न से सम्मानित, जानें इनके बारे में

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: August 8, 2019 18:23 IST

कला, साहित्य, विज्ञान, समाज सेवा और खेल जैसे विशिष्ट क्षेत्रों में असाधारण और उल्लेखनीय राष्ट्र सेवा करने वालों को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न प्रदान किया जाता है।

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ठळक मुद्देभारत रत्न सम्मान की स्थापना 2 जनवरी 1954 को भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री डा. राजेन्द्र प्रसाद द्वारा की गई थी।पहला भारत रत्न सम्मान चक्रवर्ती राजगोपालाचारी को प्रदान किया गया।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने पूर्व राष्ट्रपति डॉ प्रणब मुखर्जी, समाजिक कार्यकर्ता नानाजी देशमुख और डॉ.भूपेन हजारिका को भारत रत्न से सम्मानित किया है। भूपेन हजारिका के स्थान पर उनके बेटे ने भारत रत्न का सम्मान लिया है। भूपेन हजारिका का कुछ साल पहले निधन हो गया था। वहीं समाजिक कार्यकर्ता नानाजी देशमुख के भारत रत्न सम्मान को  उनके स्थान पर उनके करीबी ने ग्रहण किया।  पूर्व राष्ट्रपति डॉ प्रणब मुखर्जी ने भारत रत्न सम्मान खुद ग्रहन किया। पूर्व राष्ट्रपति मुखर्जी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे। वह यूपीए प्रथम और द्वितीय सरकारों में महत्वपूर्ण पदों पर रहे हैं।

 

कौन थे नानाजी देशमुख

संघ से जुड़े नानाजी देशमुख पूर्व में भारतीय जनसंघ से जुड़े थे। 1977 में जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद उन्होंने मन्त्री पद स्वीकार नहीं किया और जीवन पर्यन्त दीनदयाल शोध संस्थान के अन्तर्गत चलने वाले विविध प्रकल्पों के विस्तार हेतु कार्य करते रहे। अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने उन्हें राज्यसभा का सदस्य मनोनीत किया था। वाजपेयी के कार्यकाल में ही भारत सरकार ने उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य व ग्रामीण स्वालम्बन के क्षेत्र में अनुकरणीय योगदान के लिये पद्म विभूषण भी प्रदान किया।

कौन थे भूपेन हजारिका

भूपेन हजारिका पूर्वोत्तर राज्य असम से ताल्लुक रखते थे। अपनी मूल भाषा असमिया के अलावा भूपेन हजारिका हिंदी, बंगला समेत कई अन्य भारतीय भाषाओं में गाना गाते रहे थे। उनहोने फिल्म "गांधी टू हिटलर" में महात्मा गांधी का पसंदीदा भजन "वैष्णव जन" गाया था।  उन्हें पद्मभूषण सम्मान से भी सम्मानित किया गया था।

जानें भारत रत्न सम्मान के बारे में 

कला, साहित्य, विज्ञान, समाज सेवा और खेल जैसे विशिष्ट क्षेत्रों में असाधारण और उल्लेखनीय राष्ट्र सेवा करने वालों को देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न प्रदान किया जाता है। इस सम्मान की स्थापना 2 जनवरी 1954 को भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री डा. राजेन्द्र प्रसाद द्वारा की गई थी। पहला भारत रत्न सम्मान चक्रवर्ती राजगोपालाचारी को प्रदान किया गया।

शुरू में इस सम्मान को मरणोपरांत देने का चलन नहीं था, लेकिन एक वर्ष बाद इस प्रावधान को जोड़ा गया। इसी तरह खेलों के क्षेत्र में विशिष्ट उपलब्धि हासिल करने वालों को भारत रत्न से सम्मानित करने का प्रावधान भी बाद में शामिल किया गया। 

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