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नारी शक्ति वंदन बिल का श्रेय लेने को लेकर गरमायी सियासत, जदयू ने भाजपा पर साधा निशाना

By एस पी सिन्हा | Updated: September 22, 2023 20:15 IST

विजय चौधरी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि महिला आरक्षण बिल का नाम बदल नारी शक्ति वंदन विधेयक रखा गया, नया दिखाने और दूसरा कोई श्रेय ना ले इस लिए नाम बदल कर विधेयक लाया गया है।

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ठळक मुद्दे बिहार के वित्त मंत्री विजय चौधरी ने महिला आरक्षण बिल को लेकर केंद्र सरकार के सामने कई मांगें रखीउन्होंने कहा कि महिला आरक्षण बिल को लोकसभा चुनाव 2024 के पहले ही लागू की जाएमहिला आरक्षण में पिछड़े, अतिपिछड़े वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षण का अलग से प्रावधान हो

पटना: नारी शक्ति वंदन बिल संसद से पास हो जाने के बाद श्रेय लेने को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। एक तरफ भाजपा का कहना है कि केंद्र सरकार ने ऐसा ऐतिहासिक काम किया है, जो आजादी के 75 साल के बाद भी कोई पार्टी नहीं करा पाई थी। वहीं विपक्ष का कहना है कि महिला आरक्षण बिल को लाने का अइडिया ना ही भाजपा की है ना ही यह उनकी सोच है। इसलिए उन्हें बिल के पास होने का श्रेय नहीं लेना चाहिए।

इसी कड़ी में बिहार के वित्त मंत्री विजय चौधरी ने भी महिला आरक्षण बिल को लेकर केंद्र सरकार के सामने कई मांगें रखी हैं। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण बिल को लोकसभा चुनाव 2024 के पहले ही लागू की जाए। महिला आरक्षण में पिछड़े, अतिपिछड़े वर्ग की महिलाओं के लिए आरक्षण का अलग से प्रावधान हो। 

उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण का जदयू ने समर्थन किया है। लेकिन महिला आरक्षण में दो शर्त रखा गया जो संदेह पैदा करता है। केंद्र सरकार का कहना है कि जनगणना और परिसीमन के बाद ही महिला आरक्षण बिल लागू होगा। वहीं जनगणना लोक सभा चुनाव के बाद कराएं जाएंगे, लेकिन जनगणना को रोकना और लंबित करना उचित नहीं है। परिसीमन की परिक्रिया भी व्यापक होती है। जनगणना और परिसीमन के बाद महिला आरक्षण लागू करना पहेली जैसा है। महिला आरक्षण विधेयक 2008 में आया था और राज्यसभा में पहले से पारित था। 

विजय चौधरी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि महिला आरक्षण बिल का नाम बदल नारी शक्ति वंदन विधेयक रखा गया, नया दिखाने और दूसरा कोई श्रेय ना ले इस लिए नाम बदल कर विधेयक लाया गया है। विधेयक का नाम हमेशा सरल होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा बेवजह अपना पीठ- थप थपा रही है। इस बिल का सारे दलों ने समर्थन किया है।

उन्होंने कहा, सोच और अइडिया यूपीए और दूसरी पार्टियों का है, बस इनके समय में पास हुआ है, इन लोगों ने रुचि लिया है। सभी पार्टियों ने इसका स्वागत किया। हम लोगों भी इसका स्वागत किया है, लेकिन इसको लाने का श्रेय तो पूर्व के पार्टियों को ही जाएगा। भाजपा के लोगों को श्रेय लेने की बीमारी है।

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