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वर्चुअल बौद्ध सम्मेलन में पीएम मोदी ने इशारों में चीन पर साधा निशाना, कहा- बुद्ध के विचारों से चुनौती से निपटेंगे, पढ़ें बड़ी बातें

By पल्लवी कुमारी | Updated: July 4, 2020 09:56 IST

भारत चीन की सेनाओं के बीच लद्दाख के सीमावर्ती क्षेत्रों में चल रहे तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार (3 जुलाई) को लेह को दौरा किया और पड़ोसी मुल्क के साथ सीमा गतिरोध के मामले को लेकर भारत की दृढ़ता के संकेत दिए थे।

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ठळक मुद्देएम मोदी ने कहा, भगवान बुद्ध का आष्टांगिक मार्ग कई समाज और राष्ट्र के कल्याण की दिशा में रास्ता दिखाता है।यह करुणा और दया के महत्व पर प्रकाश डालता है। पीएम मोदी ने कहा, बौद्ध धर्म लोगों का सम्मान करना सिखाता है।

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने धर्म चक्र दिवस  (Dharma Chakra Day 2020)  के अवसर पर आयोजित बौद्ध सम्मेलन में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हिस्सा लिया। वर्चुअल बौद्ध सम्मेलन में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि भगवान बुद्ध ने करुणा और दया का संदेश दिया है। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, मैं आज आषाढ़ पूर्णिमा के अवसर पर सभी को अपनी शुभकामनाएं देना चाहता हूं। इसे गुरु पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। आज का दिन हमारे गुरुओं को याद करने का दिन है, जिन्होंने हमें ज्ञान दिया। उस भावना में, हम भगवान बुद्ध को श्रद्धांजलि देते हैं। पीएम मोदी ने वर्चुअल बौद्ध सम्मेलन के दौरान इशारों में चीन पर भी निशाना साधा। पीएम मोदी ने कहा, बुद्ध के विचारों से चुनौती से निपटेंगे।

राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने भी आज आषाढ़ पूर्णिमा के अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ (IBC) द्वारा आयोजित समारोह का दिल्ली में उद्घाटन किया है। आषाढ़ पूर्णिमा के अवसर पर राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने कहा है, भारत को धम्म की उत्पत्ति की भूमि होने पर गर्व है। यह भारत से उत्पन्न होकर पड़ोसी क्षेत्रों में फैला। वहां की नई उपजाऊ मिट्टी और नई जलवायु में यह काफी हद तक बढ़ा। 

धर्म चक्र दिवस  (Dharma Chakra Day 2020) पर पीएम मोदी ने क्या-क्या कहा, बड़ी बातें

-पीएम मोदी ने कहा, भगवान बुद्ध का आष्टांगिक मार्ग कई समाज और राष्ट्र के कल्याण की दिशा में रास्ता दिखाता है।यह करुणा और दया के महत्व पर प्रकाश डालता है। 

-पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, आज दुनिया एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी चुनौतियों से लड़ रही है। इन चुनौतियों के लिए स्थायी समाधान भगवान बुद्ध के आदर्शों से आ सकते हैं। वे अतीत में प्रासंगिक थे, वे वर्तमान में प्रासंगिक हैं और वे भविष्य में प्रासंगिक बने रहेंगे। 

-पीएम मोदी ने कहा, बौद्ध धर्म सम्मान सिखाता है। लोगों का सम्मान, गरीबों का सम्मान करें, महिलाओं का सम्मान, शांति और अहिंसा का सम्मान करें। इसलिए, बौद्ध धर्म की शिक्षा एक स्थायी ग्रह के साधन हैं।  

-पीएम मोदी ने कहा, गौतम बुद्ध ने सारनाथ में दिए अपने पहले उपदेश में और बाद के दिनों में भी दो चीजों को लेकर बात की, आशा और उद्देश्य। उन्होंनो इन दोनों के बीच मजबूत लिंक देखा। क्योंकि आशा से ही उद्देश्य पैदा होता है। 

-पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, हम बौद्ध स्थलों से कनेक्टिविटी पर ध्यान देना चाहते हैं। कुछ दिन पहले भारतीय कैबिनेट ने घोषणा की थी कि कुशीनगर एयरपोर्ट इंटरनेशनल होगा। इससे बहुत सारे लोग, तीर्थयात्री और पर्यटक आएंगे।

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