लाइव न्यूज़ :

'वंशवाद की बात आती है तो प्रधानमंत्री पाखंडी हैं', सामना के संपादकीय में पीएम मोदी पर तीखा हमला

By शिवेन्द्र कुमार राय | Updated: October 3, 2023 13:04 IST

सामना में कहा गया है कि पीएम मोदी ओडिशा के नवीन पटनायक या आंध्र प्रदेश के जगमोहन रेड्डी के वंशवादी शासन के बारे में एक शब्द भी नहीं बोलते हैं। जब राजनीति में वंशवाद की बात आती है तो प्रधानमंत्री कितने पाखंडी हैं।

Open in App
ठळक मुद्देसामना के संपादकीय में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी पर करारा हमला किया गयावंशवाद को लेकर पीएम मोदी पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोपलेख में पीएम को पाखंडी कहा गया है

नई दिल्ली: शिवसेना के मुखपत्र सामना के संपादकीय में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी पर करारा हमला किया गया है। सामना में कहा गया है कि जब वंशवादी शासन की बात आती है तो पीएम मोदी दोहरा रवैया अपनाते हैं। लेख में पीएम को पाखंडी कहा गया है। शिवसेना ने बीजेपी पर भी जोरदार हमला बोला है और कहा है कि भाजपा पूंजीपतियों, व्यापारियों और निवेशकों की सेवा करने वाली एक "प्राइवेट लिमिटेड कंपनी" बन गई है।

अखबार ने अपने संपादकीय में लिखा कि जैसा कि राहुल गांधी कहते हैं, भाजपा वास्तव में 'हम दो, हमारे दो' तक ही सीमित है। इस निजी कंपनी के पास न तो नीति है और न ही विचारधारा। ऐसी स्थिति में, भाजपा एक पार्टी नहीं बल्कि एक व्यापार केंद्र है। बता दें कि शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत सामना के कार्यकारी संपादक हैं।

रविवार को तेलंगाना में पीएम मोदी के भाषण का जिक्र करते हुए संपादकीय में कहा गया, "प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ पार्टियां निजी कंपनियों की तरह चलती हैं। उन्होंने कुछ राजनीतिक परिवारों को निजी कंपनियों के रूप में संदर्भित किया। लेकिन सच्चाई यह है कि कई तथाकथित 'निजी कंपनियां' भाजपा द्वारा चलाई जा रही हैं।"

तेलंगाना में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने वंशवादी राजनीति के खिलाफ तीखा हमला बोलकर विपक्ष पर हमला किया था। अखबार ने कहा, "जिनमें भावनाएं होती हैं उनके परिवार होते हैं। जिनके पास परिवार नहीं है उनमें भावनाएँ शून्य होती हैं। मोदी के नये सनातन धर्म में परिवार या संयुक्त परिवार व्यवस्था का कोई स्थान नहीं है। मोदी का धर्म अलग है।"

प्रधानमंत्री के भाषण की ओर इशारा करते हुए अखबार ने कहा, "प्रधानमंत्री तेलंगाना जाते हैं, वह वंशवादी शासन और निजी कंपनियों पर हमला करते हैं। हालाँकि, सच्चाई यह है कि वह ओडिशा के नवीन पटनायक या आंध्र प्रदेश के जगमोहन रेड्डी के वंशवादी शासन के बारे में एक शब्द भी नहीं बोलते हैं। ओडिशा और आंध्र प्रदेश में पार्टियां निजी कंपनियों के रूप में चल रही हैं और मोदी सरकार को समर्थन दे रही हैं। इससे पता चलता है कि जब राजनीति में वंशवाद की बात आती है तो प्रधानमंत्री कितने पाखंडी हैं।"

टॅग्स :नरेंद्र मोदीमहाराष्ट्रBJPशिव सेनासंजय राउत
Open in App

संबंधित खबरें

भारतराघव चड्ढा पर आतिशी का बड़ा आरोप, 'BJP से डरते हैं, अगला कदम क्या होगा?'

ज़रा हटकेVIDEO: असम में योगी का बड़ा बयान, 'घुसपैठियों को बाहर करना ही होगा'

भारतTamil Nadu Polls: बीजेपी कैंडिडेट्स की लिस्ट में अन्नामलाई का नाम नहीं, 'सिंघम' किए गए साइडलाइन या नई जिम्मेदारी की तैयारी

भारतश्रीपेरंबुदूर से उम्मीदवार तमिलनाडु कांग्रेस अध्यक्ष सेल्वापेरुन्थगई, 27 उम्मीदवार घोषित, देखिए

भारततमिलनाडु विधानसभा चुनावः अवनाशी से केंद्रीय मंत्री एल मुरुगन, मायलापुर से तेलंगाना की पूर्व राज्यपाल तमिलिसाई सौंदर्यराजन और कोयंबटूर उत्तर से वानती श्रीनिवासन को टिकट

भारत अधिक खबरें

भारतदिल्ली और उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों में महसूस हुए भूकंप के झटके, अफगानिस्तान में आया भूकंप

भारतकेंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ग्रीनविच मीन टाईम को महाकाल स्टेंडर्ड टाईम में बदलने पर दिया जोर

भारतदलित समुदाय के 22 फीसदी वोट पर जमीन अखिलेश की निगाह , 14 अप्रैल पर अंबेडकर जयंती पर गांव-गांव में करेगी कार्यक्रम

भारतउत्तर प्रदेश उपचुनाव 2026ः घोसी, फरीदपुर और दुद्धी विधानसभा सीट पर पड़ेंगे वोट?, 2027 विस चुनाव से पहले सेमीफाइनल, सीएम योगी-अखिलेश यादव में टक्कर?

भारतमुख्यमंत्री नीतीश को जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा को लेकर सियासत, तेजस्वी ने कहा- ‘असम्‍मान जनक विदाई’, नीरज कुमार बोले- लालू जी की तरह परिवार को सीएम नहीं बनाएंगे?