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शिक्षक भर्ती घोटाले में गिरफ्तार पार्थ चटर्जी ने तोड़ी चुप्पी, कहा- उन्हें फंसाया जा रहा है

By शिवेंद्र राय | Updated: July 29, 2022 14:37 IST

शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में आरोपित प. बंगाल पूर्व मंत्री पॉर्थ चटर्जी ने गिरफ्तारी के बाद पहली बार चुप्पी तोड़ी है। पार्थ चटर्जी का कहना है कि उन्हें जानबूझकर इस मामले में फंसाया जा रहा है।

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ठळक मुद्देपॉर्थ चटर्जी ने कहा कि वे षडयंत्र का शिकार हुए हैंपॉर्थ चटर्जी बोले उन्हें फंसाया जा रहा हैगिरफ्तारी के बाद पार्थ चटर्जी को मंत्री पद से भी हटा दिया गया

कोलकाता: शिक्षक भर्ती घोटाले में आरोपित पंश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी का गिरफ्तारी के बाद पहला बयान आया है। पार्थ चटर्जी ने कहा है कि इस घोटाले से उनका कोई लेना देना नहीं है और उन्हें इस मामले में फंसाया गया है। पार्थ चटर्जी को प्रवर्तन निदेशालय ने शिक्षक भर्ती घोटाले के मामले में कई घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के वक्त पार्थ चटर्जी ने कोई बयान नहीं दिया था लेकिन अब पहली बार चुप्पी तोड़ते हुए कहा है कि उन्हें फंसाया जा रहा है।

मंत्री पद गया, पार्टी से भी निलंबित

पार्थ चटर्जी की करीबी अर्पिता मुखर्जी के घर से मिले करोड़ो रुपए और सोने के गहने पार्थ चटर्जी के ही बताए जा रपाहे हैं। मामले के सामने आने के बाद से ही तृणमूल कांग्रेस की किरकिरी हो रही थी और ममता बनर्जी पर कठोर कार्रवाई करने का दबाव बन रहा था। अंततः पार्टी की बैठक में पार्थ चटर्जी को पश्चिम बंगाल सरकार ने बर्खास्त कर दिया। इसके साथ ही तृणमूल कांग्रेस ने चटर्जी को पार्टी से निलंबित करने और उन्हें सभी पदों से हटाने की घोषणा की।

क्या है पार्थ चटर्जी पर आरोप

साल 2016 में पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती शुरू हुई थी। तब पार्थ चटर्जी शिक्षा मंत्री थे। पार्थ चटर्जी पर आरोप है कि मंत्री पद का गलत इस्तेमाल करते हुए उन्होंने लाखों की रिश्वत लेकर लोगों को परीक्षा में पास करा दिया। पार्थ चटर्जी पर शिक्षक भर्ती परीक्षा की ओएमआर शीट बदलने का भी आरोप है। जब भर्ती परीक्षा के नतीजे आए तब कई उम्मीदवारों ने इसे चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने सीबीआई को ये मामला सौंप दिया था।

पार्थ चटर्जी की करीबी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी के दो ठिकानों से प्रवर्तन निदेशालय को मिले करोड़ो रूपये इसी घोटाले के बताए जा रहे हैं। अर्पिता मुखर्जी ने भी कहा है कि ये पैसे मेरे नहीं बल्कि पार्थ चटर्जी के हैं।

टॅग्स :Partha ChatterjeeटीएमसीTMCप्रवर्तन निदेशालयED
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