लाइव न्यूज़ :

पी चिदंबरम ने केंद्र पर लगाया हिंसाग्रस्त मणिपुर में स्थिति संभालने में नाकाम रहने का आरोप, जानें और क्या कहा

By मनाली रस्तोगी | Updated: August 2, 2023 12:49 IST

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने केंद्र सरकार पर हिंसाग्रस्त मणिपुर में स्थिति संभालने में नाकाम रहने का आरोप लगाते हुए बुधवार को कहा कि मोदी सरकार ने संवैधानिक जिम्मेदारी का इंजन बंद कर दिया है तथा इसकी चाबी फेंक दी है।

Open in App
ठळक मुद्देचिदंबरम ने केंद्र सरकार पर हिंसाग्रस्त मणिपुर में स्थिति संभालने में नाकाम रहने का आरोप लगायाउन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने संवैधानिक जिम्मेदारी का इंजन बंद कर दिया है तथा इसकी चाबी फेंक दी हैउनकी यह टिप्पणी तब आयी है जब एक दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मणिपुर में कानून और व्यवस्था तथा संवैधानिक तंत्र पूरी तरह ढह गया है

नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने केंद्र सरकार पर हिंसाग्रस्त मणिपुर में स्थिति संभालने में नाकाम रहने का आरोप लगाते हुए बुधवार को कहा कि मोदी सरकार ने "संवैधानिक जिम्मेदारी का इंजन बंद कर दिया है और इसकी चाबी फेंक दी है।" उनकी यह टिप्पणी तब आई है जब एक दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मणिपुर में कानून और व्यवस्था तथा संवैधानिक तंत्र पूरी तरह ढह गया है। 

चिदंबरम ने ट्वीट किया, "सुप्रीम कोर्ट द्वारा मणिपुर सरकार पर लगाए गए आरोपों को दिल्ली में पीएमओ और इंफाल में सीएमओ तक पहुंचने में कितना समय और लगेगा? यदि मणिपुर के मुख्यमंत्री श्री बीरेन सिंह को संवैधानिक नैतिकता की थोड़ी भी समझ है, तो उन्हें तुरंत पद छोड़ देना चाहिए। केवल राजधर्म का पालन करने वाले ही राजधर्म का प्रचार कर सकते हैं।"

पूर्व गृह मंत्री ने आगे लिखा, "केंद्र सरकार उस पुलिस जीप के ड्राइवर की तरह है जिसने छेड़छाड़ की शिकार महिलाओं से कहा "कोई चाबी नहीं है"। केंद्र सरकार ने संवैधानिक जिम्मेदारी (अनुच्छेद 355 और 356) का इंजन बंद कर चाबी फेंक दी है।" 

बता दें कि मणिपुर की स्थिति से नाराज सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार जातीय हिंसा की घटनाओं खासतौर पर महिलाओं को निशाना बनाने वाले अपराधों की 'धीमी' और 'बहुत ही लचर' जांच के लिए राज्य पुलिस की खिंचाई की और सात अगस्त को उसके सवालों का जवाब देने के लिए पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को तलब किया। 

अदालत बे अनियंत्रित जातीय हिंसा को लेकर कानून लागू करने वाले तंत्र की आलोचना करते हुए कहा कि राज्य पुलिस ने कानून और व्यवस्था की स्थिति पर पूरी तरह से नियंत्रण खो दिया है। अदालत ने राज्य सरकार से हत्या, बलात्कार, आगजनी, लूट, घर और संपत्ति, पूजा स्थलों को नुकसान और महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले मामलों के बारे में सारणीबद्ध प्रारूप में जानकारी मांगी।

(भाषा इनपुट के साथ)

टॅग्स :पी चिदंबरममणिपुरसुप्रीम कोर्टमोदी सरकार
Open in App

संबंधित खबरें

भारतअल्केमिस्ट एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी प्राइवेट लिमिटेड केस से अलग हुए सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन, आखिर कारण

भारतTamil Nadu Election 2026: क्या CBSE का नया सिलेबस भाषा विवाद की जड़? सीएम स्टालिन ने कहा- "भाषा थोपने का सुनियोजित प्रयास"

क्राइम अलर्टमालदा में 7 न्यायिक अधिकारी को बनाया बंधक?, बागडोगरा हवाई अड्डे से मुख्य आरोपी अधिवक्ता मोफक्करुल इस्लाम अरेस्ट, अब तक 35 अरेस्ट, वीडियो

भारत7 न्यायिक अधिकारी और 9 घंटे तक बंधक?, मतदाता सूची से नाम हटाने पर बवाल, सीजीआई सूर्यकांत ने कहा-रात 2 बजे से निगरानी कर रहा?

भारतImport Duty Cut: सरकार ने आज से 41 वस्तुओं पर हटाया आयात शुल्क, चेक करें पूरी लिस्ट

भारत अधिक खबरें

भारत'Three Allegations, Zero Truth': आम आदमी पार्टी द्वारा राज्यसभा की भूमिका से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा का जवाब

भारतMadhya Pradesh: अनूपपुर ज़िले में चार-मंज़िला होटल गिरने से मलबे में कई लोगों के फँसे होने की आशंका, एक की मौत

भारततमिलनाडु चुनावों के लिए BJP का टिकट न मिलने के बाद अन्नामलाई ने दिया अपना स्पष्टीकरण

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील