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पीएम मोदी के बालाकोट हवाई हमले के दौरान बादल छाए रहने के दावे को विपक्ष ने बताया 'हास्यास्पद'

By भाषा | Updated: May 13, 2019 05:32 IST

भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी ने (बालाकोट स्ट्राइक के बारे में) ऐसा कुछ भी खुलासा नहीं किया जो उन्हें नहीं बताना चाहिए था।’’ मोदी ने शनिवार को एक साक्षात्कार में कहा था कि उन्होंने खराब मौसम के बावजूद पाकिस्तान के बालाकोट में भारतीय वायुसेना के मिशन को मंजूरी दी थी।

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ठळक मुद्देआतंकी कैंपों पर हमले के बारे में बात करते हुए मोदी ने कहा, ‘‘ हवाई हमले के दिन मौसम ठीक नहीं था। विशेषज्ञ हमले की तारीख बदलना चाहते थे। हालांकि, मैंने कहा कि इतने बादल हैं, बारिश हो रही है तो एक फायदा है कि हमारे विमान रडार से बच सकते हैं।’’ प्रधानमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया की बाढ़ आ आयी। आलोचना के साथ ही उनके बयान का मजाक भी बनाया गया। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में मीम्स भी लोगों ने बनाए । कांग्रेस प्रवक्ता राजीव सातव ने कहा, ‘‘मोदीजी मैं पूरी तरह सहमत हूं कि आप नीरव मोदी, मेहुल भाई और विजय माल्या को ‘भगाने’ के ऑपरेशन में विशेषज्ञ हैं क्योंकि वे कभी आपके रडार में नहीं आए। बादल के बारे में आपकी टिप्पणी राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर आपकी समझ और ज

कांग्रेस सहित विभिन्न विपक्षी दलों ने बालाकोट हवाई हमले के दौरान बादल छाए रहने के संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दावे पर कटाक्ष करते हुए उनके बयान को ‘‘हास्यास्पद और झूठा’’ करार दिया। माकपा ने मोदी के खिलाफ चुनाव आयोग को पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि मतदाताओं को लुभाने के लिए टेलीविजन साक्षात्कार में ‘‘संवेदनशील’’ सैन्य मिशन का खुलासा करना आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है।

आरोपों को खारिज करते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावडेकर ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी ने (बालाकोट स्ट्राइक के बारे में) ऐसा कुछ भी खुलासा नहीं किया जो उन्हें नहीं बताना चाहिए था।’’ मोदी ने शनिवार को एक साक्षात्कार में कहा था कि उन्होंने खराब मौसम के बावजूद पाकिस्तान के बालाकोट में भारतीय वायुसेना के मिशन को मंजूरी दी थी।

यह विशेषज्ञों के सुझाव के विपरीत था क्योंकि उनका मानना था कि बादलों में भारतीय लड़ाकू विमान पाकिस्तानी रडार के दायरे में नहीं आएंगे। आतंकी कैंपों पर हमले के बारे में बात करते हुए मोदी ने कहा, ‘‘ हवाई हमले के दिन मौसम ठीक नहीं था। विशेषज्ञ हमले की तारीख बदलना चाहते थे। हालांकि, मैंने कहा कि इतने बादल हैं, बारिश हो रही है तो एक फायदा है कि हमारे विमान रडार से बच सकते हैं।’’

प्रधानमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया की बाढ़ आ आयी। आलोचना के साथ ही उनके बयान का मजाक भी बनाया गया। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में मीम्स भी लोगों ने बनाए । मोदी की टिप्पणी पर भाजपा के एक ट्वीट के जवाब में कांग्रेस ने ट्वीट किया, ‘‘जुमला ही फेंकता रहा पांच साल की सरकार में, सोचता था क्लाउडी है मौसम, नहीं आऊंगा रडार में।’’

मोदी की टिप्पणी पर कांग्रेस के कई नेताओं ने उनपर निशाना साधा। कांग्रेस प्रवक्ता राजीव सातव ने कहा, ‘‘मोदीजी मैं पूरी तरह सहमत हूं कि आप नीरव मोदी, मेहुल भाई और विजय माल्या को ‘भगाने’ के ऑपरेशन में विशेषज्ञ हैं क्योंकि वे कभी आपके रडार में नहीं आए। बादल के बारे में आपकी टिप्पणी राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर आपकी समझ और ज्ञान को बयां करती है।’’

कांग्रेस के एक और प्रवक्ता संजय झा ने उनकी टिप्पणी पर तंज कसते हुए कहा कि अब (वित्त मंत्री अरूण) जेटली इस पर एक ब्लॉग लिखकर विस्तार से समझाएंगे । कांग्रेस की सोशल मीडिया प्रमुख दिव्या स्पंदना ने कहा कि बेवकूफी, झूठ, भ्रष्टाचार, फर्जी आंकड़े का पता लगाने के लिए हमारे पास भी यह नया और उन्नत रडार 2014 से ही है...रडार विमानों का पता लगाते हैं। बादल हैं या नहीं इससे फर्क नहीं पड़ता। यदि ऐसा होता तो दूसरे देशों के विमान जब चाहे सीमा पार फायरिंग कर चले जाते। ऐसा तब होता है जब आप अतीत में अटके होते हैं। नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने भी मोदी की टिप्पणी के लिए उन पर हमला किया।

उन्होंने ट्वीट किया, ‘'पाकिस्तानी रडार बादलों को भेद नहीं सकते। यह सामरिक जानकारी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो भविष्य के हवाई हमलों की योजना बनाते समय महत्वपूर्ण होगा।’’ जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा, ‘‘बालाकोट एयरस्ट्राइक की सचाई पर सवाल उठाने के लिए मुझपर जमकर निशाना साधा गया। लेकिन बादल संबंधी भारी भूल पर पाकिस्तानी मीडिया और पत्रकारों द्वारा ट्रोल को देखना बहुत शर्मसार करने वाली बात है। ’’

चुनाव आयोग को लिखे पत्र में माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने आरोप लगाया है कि मोदी का बयान दिशानिर्देशों का स्पष्ट और जानबूझकर किया गया उल्लंघन है जिन दिशानिर्देशों को चुनाव आयोग ने पहले दौर की वोटिंग से पहले फिर से जारी किया था और दोहराया था। माकपा महासचिव ने कहा, ‘‘यह साक्षात्कार जिसमें मोदी ने मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए संवेदनशील सैन्य मिशन का ब्यौरा दिया है, इसे रिकॉर्ड किया जाना चाहिए और आयोग को इस पर कार्रवाई करनी चाहिए।’’ 

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