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विपक्ष ने तिरुपति (सु) लोकसभा सीट पर उपचुनाव रद्द करने की मांग की

By भाषा | Updated: April 17, 2021 17:15 IST

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अमरावती, 17 अप्रैल आंध्र प्रदेश में विपक्षी दलों तेलुगु देशम पार्टी, भाजपा और कांग्रेस ने यह आरोप लगाते हुए तिरुपति (सु) लोकसभा सीट के लिए उपचुनाव तत्काल रद्द करने की मांग की कि सत्तारूढ़ वाईएसआर कांग्रेस ने बड़े पैमाने पर फर्जी मतदान को बढ़ावा दिया है, खासकर मंदिर शहर तिरुपति में।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी के विजयानंद ने एक बयान में कहा कि चुनाव आयोग ने इसे गंभीरता से लिया है और चित्तूर और एसपीएस नेल्लोर जिलों के कलेक्टरों को फर्जी मतदाताओं पर नकेल कसने और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

राज्य के पुलिस महानिदेशक डी जी सवांग ने हालांकि एक बयान में दावा किया कि मतदान प्रक्रिया ‘‘शांतिपूर्ण माहौल’’ में जारी है और हर कोई अपने मताधिकार का ‘‘निडरतापूर्वक’’ इस्तेमाल कर रहा है।

कोविड-19 के डर के कारण मतदान कम रहा क्योंकि पहले चार घंटे में केवल 17.8 प्रतिशत ही मतदान हुआ।

चुनाव आयोग के सूत्रों ने यहां कहा कि अपराह्न 2 बजे के बाद यह 36 प्रतिशत हो गया।

तेदेपा और भाजपा के उम्मीदवारों पानाबाका लक्ष्मी और के रत्न प्रभा ने खुद उन कुछ फर्जी मतदाताओं को पकड़ा और उन्हें पुलिस को सौंप दिया जो तिरुपति के कुछ मतदान केंद्रों में फर्जी मतदाता पहचान पत्र लिये हुए थे।

तिरुपति की पूर्व विधायक सुगनम्मा ने तिरुपति शहर पुलिस अधीक्षक कार्यालय के पास एक विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया। उन्होंने यह प्रदर्शन तब किया जब एक बस को रोका गया जिसमें कथित तौर पर अन्य मंडलों के कई फर्जी मतदाता थे और उनसे कई फर्जी पहचानपत्र जब्त किए गए।

कांग्रेस उम्मीदवार चिन्ता मोहन ने भी आरोप लगाया कि वाईएसआरसी अन्य स्थानों से हजारों लोगों को तिरुपति में फर्जी वोट डालने के लिए लायी।

राज्य के पंचायतीराज मंत्री पी आर सी रेड्डी ने विपक्ष के आरोपों को खारिज कर दिया और कहा कि वाईएसआरसी को ऐसी युक्ति अपनाने की जरूरत नहीं है क्योंकि पार्टी की इस उपचुनाव में जीत निश्चित है।

उन्होंने दावा किया कि बसों में जिन्हें रोका गया वे वास्तव में ‘‘तीर्थयात्री और पर्यटक’’ थे जो वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में दर्शन करने आए थे।

तेदेपा प्रमुख चंद्रबाबू नायडू ने यहां पत्रकारों से बात करते हुए सत्तारूढ़ दल पर निशाना साधा क्योंकि उसने ‘‘लोकतंत्र का मजाक उड़ाया।’’

उन्होंने सवाल किया, ‘‘हमें ऐसे चुनावों की आवश्यकता क्यों है? फर्जी मतदाताओं को तिरूपति में लाया गया। पुलिस ने उन्हें कैसे अनुमति दी?’’

पूर्व मुख्यमंत्री ने सीईओ के. विजयानंद को पत्र भी लिखा और ‘‘तिरुपति में बाहरी लोगों की आमद’’ और फर्जी मतदान को रोकने के लिए तत्काल कार्रवाई की मांग की।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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