लाइव न्यूज़ :

कर्नाटक चुनाव 2023: वोटिंग के लिए कोई दल या प्रत्याशी मतदाता को वाहन से नहीं ला सकते मतदान केंद्र, जानें नियम

By आजाद खान | Updated: May 8, 2023 17:27 IST

चुनाव के नियमों के अनुसार, आज शाम छह बजे के बाद किसी भी बड़े या खुले तौर पर चुनाव प्रचार को लेकर रोक लगा दी जाएगी। इस रोक के बावजूद कोई भी राजनीतिक दल और चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार प्रत्याशियों के घर-घर जाकर चुनाव प्रचार कर सकेंगे और पर्चे बांट सकते हैं।

Open in App
ठळक मुद्देकर्नाटक में विधानसभा चुनाव के लिए 10 मई को मतदान होने जा रहा है। ऐसे में आज शाम छह बजे से चुनाव प्रचार पर रोक लगा दी जाएगी। यही नहीं वोटिंग को देखते हुए चुनाव के नियमों को भी लागू कर दिया जाएगा।

बेंगलुरु:  कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग 10 मई को सुबह सात बजे से शुरू हो जाएगी जो शाम के छह बजे तक चलेगी। ऐसे में इसके लिए चुनाव आयोग द्वारा जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई है। ऐसे में चुनाव के नियमों के अनुसार, सभी पात्र मतदाताओं से बिना चूके मतदान करने चाहिए।

लेकिन नियम यह भी कहता है कि कोई भी राजनीतिक दल या उम्मीदवार निर्वाचन क्षेत्र के बाहर या उसके भीतर से किसी भी मतदाता को नहीं ला सकता है। यह एक कानून जुर्म है और इसके लिए सजा भी है। ऐसे में नियम यह कहता है कि किसी भी मतदाता को बस या अन्य वाहन में लाना जनप्रतिनिधित्व अधिनियम और भारतीय दंड संहिता के तहत दंडनीय अपराध है।

ऐसे में मतदाताओं को यह चेतावनी दी गई है कि इसका उल्लंघन करने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में चुनाव आयोग ने राज्य के सभी पात्र मतदाताओं से किसी इच्छा, लालच, प्रभाव या धमकी के आगे झुके बिना स्वेच्छा से मतदान करने की बात कही है। 

आज शाम छह बजे समाप्त हो जाएगा चुनाव प्रचार

बता दें कि इस बार के विधानसभा चुनाव में राज्य में 2,66,82,156 पुरुष, 2,63,98,483 महिला और 4,927 अन्य मतदाताओं सहित 5,30,85,566 मतदाता मतदान करने के पात्र हैं। ऐसे में सभी पात्र मतदाता आने वाले 10 मई को अपना वोट डाल सकेंगे। चुनाव के नियमों के अनुसार, आज शाम छह बजे से खुले तौर पर चुनाव प्रचार पर रोक लगा दी जाएगी।

इस रोक के तहत कोई भी राजनीतिक दल और चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार अपने चुनाव एजेंटों और समर्थकों से खुले तौर संवाद नहीं कर सकते है यानी वे खुले तौर पर आज शाम छह बजे के बाद चुनाव प्रचार नहीं कर सकते है। 

चुनाव के मद्देनजर उठाए गए है ये जरूरी कदम

राज्य में चुनाव को देखते हुए अधिकारियों ने वेलफेयर हॉल, कम्युनिटी हॉल/होटल और गेस्ट हाउस में ठहरने वालों की सूची जांच कर गैर-मतदाताओं को निर्वाचन क्षेत्र से बाहर भेजने की कार्रवाई की है। ऐसे में नियमों का उल्लंघन भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत सजा होगी। इस आदेश का अनुपालन करने के लिए पुलिस आयुक्तों और जिला पुलिस अधीक्षकों को भी निर्देश दिया गया है।

यही नहीं मतदान में सुविधा और राज्य में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कर्नाटक पंचायत राज अधिनियम -1993 के नियम 36 के तहत मतदान के दिन मेलों, पशु मेलों, त्योहारों और उर्स पर प्रतिबंध लगा दी गई है। 

टॅग्स :कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2023चुनाव आयोगIPCPolice
Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्टपटना परसा बाजारः 3 साल की बच्ची से यौन उत्पीड़न, रिश्तेदार सहित 2 आरोपी अरेस्ट, अस्पताल में भर्ती मासूम?

क्राइम अलर्टपत्नी की गला रेतकर हत्या और पति ने खुद को चाकू से वार कर आत्महत्या का किया प्रयास

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

क्राइम अलर्टएक वर्ष से शादी का झांसा देकर नाबालिग लड़की से रेप, 23 वर्षीय प्रियेस रंजन अरेस्ट, दहेज में मांगे 500000 रुपये

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील

भारत अधिक खबरें

भारतMadhya Pradesh: अनूपपुर ज़िले में चार-मंज़िला होटल गिरने से मलबे में कई लोगों के फँसे होने की आशंका, एक की मौत

भारततमिलनाडु चुनावों के लिए BJP का टिकट न मिलने के बाद अन्नामलाई ने दिया अपना स्पष्टीकरण

भारत'एकनाथ शिंदे और बलात्कार के आरोपी अशोक खरात के बीच 17 बार फोन पर बातचीत हुई', अंजलि दमानिया का आरोप

भारतमोथाबाड़ी में न्यायिक अधिकारी को किया अगवा और असली आरोपी फरार?, सीएम ममता बनर्जी ने कहा- निर्दोष लोगों को परेशान कर रही एनआईए

भारतघायल हूं इसलिए घातक हूं?, राघव ने एक्स पर किया पोस्ट, मैं बोलना नहीं चाहता था, मगर चुप रहता तो बार-बार दोहराया गया झूठ भी सच लगने लगता, वीडियो