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नीतीश कुमार ने ईडब्ल्यूएस आरक्षण को सही ठहराया, कहा- अगर जाति आधारित जनगणना भी एक बार हो जाएगी तो...

By अनिल शर्मा | Updated: November 8, 2022 15:34 IST

उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए दाखिले और सरकारी नौकरियों में ईडब्ल्यूएस के लिए 2019 में शुरू किए गए 10 प्रतिशत आरक्षण को बरकरार रखा। एससी/ एसटी/ओबीसी श्रेणियों के गरीबों को इस आरक्षण के दायरे से बाहर रखा गया था। 

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ठळक मुद्देनीतीश कुमार ने कहा कि ईडब्ल्यूएस को 10 प्रतिशत का आरक्षण ठीक है।ईडब्ल्यूएस को सही ठहराने के साथ ही नीतीश ने जाति आधारित जनगणना कराने की बात कही।जाति जनगणना भी अगर एक बार हो जाएगी तो 50 प्रतिशत आरक्षण की सीमा को बढ़ाया जा सकेगाः नीतीश

पटनाः बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण बरकरार रखने के उच्चतम न्यायालय के फैसले का मंगलवार स्वागत किया। नीतीश कुमार ने कहा कि ईडब्ल्यूएस को 10 प्रतिशत का आरक्षण ठीक है। ईडब्ल्यूएस आरक्षण को सही ठहराने के साथ ही नीतीश ने जाति जनगणना कराए जाने की बात भी कही।

नीतीश कुमार ने कहा कि जाति आधारित जनगणना भी अगर एक बार हो जाएगी तो 50 प्रतिशत आरक्षण की सीमा को बढ़ाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि इससे आबादी के आधार पर मदद दी जा सकेगी। बकौल नीतीश कुमार- हम बिहार में इस चीज को करवा रहे हैं, ये देशभर में होना चाहिए। ताकि 50% की सीमा को बढ़ाया जा सके।

उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए दाखिले और सरकारी नौकरियों में ईडब्ल्यूएस के लिए 2019 में शुरू किए गए 10 प्रतिशत आरक्षण को बरकरार रखा। एससी/ एसटी/ओबीसी श्रेणियों के गरीबों को इस आरक्षण के दायरे से बाहर रखा गया था। 

मालूम हो कि आरजेडी ने ईडब्ल्यूएस आरक्षण का विरोध किया था। उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद  भाजपा सांसद एवं पूर्व डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने कहा कि आरजेडी ने संसद के दोनों सदनों में EWS आरक्षण का विरोध किया था। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर मुहर लगा दी है। अब तेजस्वी यादव की पार्टी किस मुंह से सवर्णों के वोट मांगने जाएगी।

गौरतलब है कि नीतीश कुमार ने इसी साल मई महीने में कहा था कि राज्य स्तरीय जाति आधारित जनगणना पर ‘‘काम शुरू होने में ज्यादा समय नहीं लगेगा।’’ उल्लेखनीय है कि केंद्र द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर जाति आधारित जनगणना कराने से इनकार करने के बाद मुख्यमंत्री ने राज्य स्तर पर यह कवायद शुरू कराने की हाल में सहमति जताई थी। नीतीश ने कहा था, ‘‘ज्यादा देर नहीं लगेगा...हम एक सर्वदलीय बैठक बुलाएंगे जहां प्रतिनिधि अपने सुझाव दे सकते हैं। इसके बाद मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलेगी। कितने अधिकारियों को तैनात करना है, जैसे तौर-तरीकों पर भी काम किया जाएगा।’’

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