लाइव न्यूज़ :

एनजीटी ने गाजियाबाद के बिल्डर को सभी बोरवेल स्थायी तौर पर बंद करने का निर्देश दिया

By भाषा | Updated: April 13, 2021 15:59 IST

Open in App

नयी दिल्ली, 13 अप्रैल राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने गाजियाबाद में एक बिल्डर को सभी बोरवेल को स्थायी रूप से बंद करने और निर्माण कार्यों में पीने योग्य पानी के उपयोग पर रोक लगाने का निर्देश दिया है।

एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह आदेश उस समिति की ओर से दायर एक रिपोर्ट पर गौर करने के बाद दिया जिसने पाया गया कि अवैध नलकूप लगाए गए हैं और उपचारित पानी का उपयोग करने के बजाय निर्माण गतिविधि में ताजा भूजल का उपयोग किया जा रहा है।

पीठ ने कहा, ‘‘हमें रिपोर्ट स्वीकार नहीं करने का कोई कारण नहीं मिला है। तदनुसार, हम उपरोक्त रिपोर्ट के संदर्भ में आगे की कार्रवाई निर्देशित करते हैं। हम यह भी निर्देश देते हैं कि वही समिति कानून की उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए एक महीने के भीतर क्षतिपूर्ति का आकलन कर सकती है।’’

पीठ ने कहा, ‘‘यदि उचित समय के भीतर क्षतिपूर्ति का भुगतान नहीं किया जाता है तो राज्य पीसीबी दंडात्मक उपाय कर सकता है, जिसमें जल (प्रदूषण पर रोकथाम एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 और वायु (प्रदूषण पर रोकथाम एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 के तहत दी गई अनुमति पर रोक लगाया जाना शामिल है। जिला मजिस्ट्रेट, गाजियाबाद द्वारा अवैध बोरवेल को सील किया जाना सुनिश्चित किया सकता है।’’

अधिकरण ने इससे पहले केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राज्य पीसीबी, जिला मजिस्ट्रेट, गाजियाबाद, केंद्रीय भूजल प्राधिकरण (सीजीडब्ल्यूए) और एसईआईएए, उत्तर प्रदेश के अधिकारियों वाली समिति बनाई थी और एक तथ्यात्मक एवं कार्रवाई रिपोर्ट मांगी थी।

अधिकरण राजपाल सिंह कांधारी और अन्य द्वारा सिद्धार्थ विहार, गाजियाबाद में परियोजना प्रतीक ग्रैंड सिटी के लिए भूजल के अवैध निकासी के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा था।

याचिका के अनुसार, भूजल निकासी केंद्रीय भूजल प्राधिकरण दिशानिर्देश, 2015 का उल्लंघन है और इस परियोजना पर कई बोरवेल खोदे गए हैं।

याचिका में कहा गया है कि यह क्षेत्र भूजल उपलब्धता के लिहाज से नाजुक है और भूजल में जहरीला प्रदूषण है। याचिका में कहा गया है कि पेयजल को छोड़कर भूजल निकासी की कोई अनुमति नहीं है और न ही दी जा सकती है।

इसमें कहा गया कि परियोजना के लिए पर्यावरणीय मंजूरी (ईसी) इस शर्त के साथ है कि निर्माण के लिए भूजल नहीं निकाला जाएगा।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्टबिहार सिपाही भर्ती घोटालाः मुश्किल में पूर्व डीजीपी एसके सिंघल?, ईओयू ने किया जवाब तलब, गंभीर खामियां सामने

क्रिकेटDC VS MI: रोहित शर्मा ने कूपर कोनोली को पीछे छोड़ा, दिल्ली के खिलाफ छोटी मगर दमदार पारी के बाद ऑरेंज कैप की सूची में शीर्ष पर

क्रिकेटओ भाई बाल-बाल बचा अंपायर! PSL मैच के दौरान शान मसूद के ज़ोरदार शॉट से अंपायर क्रिस गैफ़नी ने गिरकर बचाई अपनी जान, Video

क्राइम अलर्टराजस्थान सड़क हादसाः पुलिस उपनिरीक्षक सहित 4 लोगों की मौत, भरतपुर में तेज रफ्तार कार ने 3 को कुचला

विश्वकर्ज़ में डूबे पाकिस्तान के लिए भारी मुसीबत, यूएई ने इसी महीने 3.5 अरब डॉलर का लोन चुकाने को कहा

भारत अधिक खबरें

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील

भारत'एकनाथ शिंदे और बलात्कार के आरोपी अशोक खरात के बीच 17 बार फोन पर बातचीत हुई', अंजलि दमानिया का आरोप

भारतमोथाबाड़ी में न्यायिक अधिकारी को किया अगवा और असली आरोपी फरार?, सीएम ममता बनर्जी ने कहा- निर्दोष लोगों को परेशान कर रही एनआईए

भारतघायल हूं इसलिए घातक हूं?, राघव ने एक्स पर किया पोस्ट, मैं बोलना नहीं चाहता था, मगर चुप रहता तो बार-बार दोहराया गया झूठ भी सच लगने लगता, वीडियो

भारत‘फ्यूचर सीएम ऑफ बिहार’?, निशांत कुमार को मुख्यमंत्री बनाओ, जदयू कार्यकर्ताओं ने पटना में लगाए पोस्टर