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इंडिया गेट पर लगाई जाएगी सुभाष चंद्र बोस की भव्य मूर्ति, पीएम नरेंद्र मोदी ने किया ऐलान

By विनीत कुमार | Updated: January 21, 2022 14:40 IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि इंडिया गेट पर सुभाष चंद्र बोस की मूर्ति बनने काम पूरा होने तक उनकी एक होलोग्राम प्रतिमा वहां लगाई जाएगी। इस होलोग्राम प्रतिमा का लोकार्पण 23 जनवरी को किया जाएगा। 

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ठळक मुद्देइंडिया गेट पर लगेगी सुभाष चंद्र बोस की ग्रेनाइट की बनी प्रतिमा, पीएम नरेंद्र मोदी ने की घोषणामूर्ति इंडिया गेट और राष्ट्रीय समर स्मारक के बीच खाली पड़ी छतरी में लगाई जाएगी।नेताजी की मूर्ति 28 फीट ऊंची और 6 फीट चौड़ी होगी, मूर्ति स्थापित होने तक लगेगी होलोग्राम प्रतिमा।

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐलान किया है कि इंडिया गेट पर महान स्वतंत्रता सेनानी सुभाष चंद्र बोस की ग्रेनाइट की बनी प्रतिमा लगाई जाएगी। पीएम मोदी की ओर से ये घोषणा शुक्रवार को की गई। पीएम मोदी ने ये घोषणा इंडिया गेट पर अमर जवान ज्योति की लौ को राष्ट्रीय समर स्मारक पर जल रही लौ के साथ विलय किए जाने के विवाद के बीच की है। अमर जवान ज्योति की लौ के विलय के फैसले पर विपक्ष सरकार पर हमलावर है।

प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को एक ट्वीट में कहा, ‘ऐसे समय में जब देश नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती मना रहा है, मुझे आपसे यह साझा करते हुए खुशी हो रही है कि ग्रेनाइट की बनी उनकी एक भव्य प्रतिमा इंडिया गेट पर स्थापित की जाएगी। यह उनके प्रति देश के आभार का प्रतीक होगा।’ 

नेताजी की मूर्ति 28 फीट ऊंची और 6 फीट चौड़ी होगी। सामने आई जानकारी के अनुसार मूर्ति इंडिया गेट और राष्ट्रीय समर स्मारक के बीच खाली पड़ी छतरी में लगाई जाएगी। यह छतरी पिछले 50 से अधिक सालों से खाली है। इसमें पहले जॉर्ज पंचम की मर्ति लगी थी जिसे 1968 में हटा दिया गया था। इसके बाद से ये खाली है।

मूर्ति स्थापित होने तक लगेगी होलोग्राम प्रतिमा

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब तक नेताजी की ग्रेनाइट की प्रतिमा बनकर तैयार नहीं हो जाती तब तक उस स्थान पर उनकी एक होलोग्राम प्रतिमा वहां लगाई जाएगी। उन्होंने कहा कि इस होलोग्राम प्रतिमा का वह 23 जनवरी को नेताजी की जयंती के अवसर पर लोकार्पण करेंगे। 

बता दें कि हाल में सरकार की ओर से घोषणा की गई कि गणतंत्र दिवस समारोह की शुरुआत अब हर साल 24 जनवरी के बजाय 23 जनवरी को शुरू होगी ताकि स्वतंत्रता सेनानी सुभाष चंद्र बोस की जयंती को इसमें शामिल की जा सके। 

पहले बोस की जयंती को ‘पराक्रम दिवस’ के रूप में मनाने की शुरुआत की गई थी। इससे पहले अन्य दिवस जो हर साल मनाए जाने का फैसला लिया गया है उनमें 14 अगस्त को विभाजन विभिषिका स्मरण दिवस, 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस (सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती), 15 नवंबर जनजातीय दिवस (बिरसा मुंडा जंयती), 26 नवंबर को संविधान दिवस और 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस (सिखों के 10वें गुरु, गुरु गोबिंद सिंह के चार साहबजादों की याद में) शामिल हैं।

टॅग्स :नरेंद्र मोदीगणतंत्र दिवसनेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती
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