लाइव न्यूज़ :

कांग्रेस-NCP को लग सकता है बड़ा झटका, सांसद नवनीत राणा BJP में हो सकती शामिल

By लोकमत समाचार ब्यूरो | Updated: June 25, 2019 07:24 IST

महाराष्ट्र में वैसे भी कांग्रेस और राकांपा के नेताओं में भाजपा में जाने की होड़ है. हाल ही में राधाकृष्ण विखे-पाटिल कांग्रेस से भाजपा में चले गए और जयदत्त क्षीरसागर ने शिवसेना में प्रवेश कर लिया है.

Open in App
ठळक मुद्देविदर्भ के अमरावती संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस-राकांपा गठबंधन के समर्थन से संसद पहुंचीं निर्दलीय सांसद नवनीत कौर के भाजपा में जाने की अटकलें हैं.नवनीत राणा ने हाल के लोकसभा चुनाव में अमरावती से शिवसेना के आनंदराव अड़सूल जैसे कद्दावर नेता को करीब 40,000 वोटों से परास्त किया है. यूं, उनके चुनाव जीतने के बाद से ही सियासी गलियारों में तर्क-वितर्क जारी हैं कि वे गठबंधन के साथ रहेंगी या भाजपा में जाएंगी.

सुरेश भुसारीविदर्भ के अमरावती संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस-राकांपा गठबंधन के समर्थन से संसद पहुंचीं निर्दलीय सांसद नवनीत कौर के भाजपा में जाने की अटकलें हैं. राणा ने हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से दिल्ली में मुलाकात की थी. इसके बाद सियासी हलकों में माना जा रहा है कि वे जल्द ही भाजपा में जा सकती हैं.महाराष्ट्र में वैसे भी कांग्रेस और राकांपा के नेताओं में भाजपा में जाने की होड़ है. हाल ही में राधाकृष्ण विखे-पाटिल कांग्रेस से भाजपा में चले गए और जयदत्त क्षीरसागर ने शिवसेना में प्रवेश कर लिया है. अटकलों को लेकर 'लोकमत समाचार' ने जब नवनीत से संपर्क साधा तो उन्होंने कहा कि वे अमरावती में विकास कार्यों के मुद्दों को लेकर शाह से मिली थीं. लेकिन, उनके पति विधायक रवि राणा ने एक न्यूज एजेंसी से बात करते हुए यह कह दिया, 'बदलाव होता रहता है', तो इस अटकल को राजनीतिक महत्व मिल गया.नवनीत राणा ने हाल के लोकसभा चुनाव में अमरावती से शिवसेना के आनंदराव अड़सूल जैसे कद्दावर नेता को करीब 40,000 वोटों से परास्त किया है. हालांकि, उन्होंने चुनाव निर्दलीय के रूप में लड़ा, पर कांग्रेस-राकांपा गठबंधन ने चुनाव से पहले ही उनके पक्ष में समर्थन घोषित कर दिया था. वे 2014 के लोकसभा चुनाव में राकांपा की अधिकृत प्रत्याशी थीं, पर तब अड़सूल ने उन्हें हरा दिया था. यही वजह थी कि इस बार उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा.यूं, उनके चुनाव जीतने के बाद से ही सियासी गलियारों में तर्क-वितर्क जारी हैं कि वे गठबंधन के साथ रहेंगी या भाजपा में जाएंगी. पिछले शुक्रवार, 21 जून को नवजीत ने जब अपने पति रवि राणा के साथ दिल्ली में अमित शह से मुलाकात की तो इन अटकलों को पंख लग गए कि दोनों जल्द ही भाजपा में जाएंगे.कांग्रेस-राकांपा की सिरदर्दी बढ़ेगीमहाराष्ट्र में चार माह बाद विधानसभा के चुनाव हैं. अगर इस वक्त नवनीत राणा अपने पति के साथ भाजपा में जाती हैं, तो कांग्रेस-राकांपा के लिए बड़ा झटका होगा. महाराष्ट्र में कांग्रेस का एक, जबकि राकांपा के 4 विधायक हैं. नवनीत के भाजपा में जाने से गठबंधन की ताकत कम हो जाएगी. साथ ही, बडनेरा के मौजूदा विधायक रवि राणा के भाजपा में जाने से अमरावती जिले का सियासी गणित भी बदल जाएगा. अमरावती से सांसद नवनीत राणा का कहना है कि अमित शाह से मुलाकात के पीछे कोई राजनीतिक उद्देश्य नहीं था. सिर्फ एक ही मुद्दे पर चर्चा हुई और वह था अमरावती का विकास.

टॅग्स :भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)अमरावतीअमित शाहमहाराष्ट्र
Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्टफोन, पेनड्राइव और टैबलेट में 121 अश्लील वीडियो?, रवींद्र गणपत एरंडे ने सरकारी नौकरी का वादा कर अलग-अलग होटल में कई महिलाओं का यौन शोषण किया

क्राइम अलर्टखुले कुएं में गिरी कार, परिवार के 9 सदस्यों की गई जान, समारोह में शामिल होने के बाद घर लौट रहे थे, वीडियो

भारतराष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टीः उत्तरार्द्ध में उत्तराधिकार के लिए संघर्ष

क्राइम अलर्ट2 क्रेडिट सोसायटी, 132 खाते, ₹62.74 करोड़ लेन-देन?, 'धर्मगुरु' ने कैसे दौलत बनाई?

क्राइम अलर्ट2022 में 37 वर्षीय विकास रामदास दिवाटे ने की थी आत्महत्या, सुसाइड नोट में अशोक खरात का जिक्र, स्वयंभू धर्मगुरु को लेकर खुल रहे राज

भारत अधिक खबरें

भारतअल्केमिस्ट एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी प्राइवेट लिमिटेड केस से अलग हुए सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन, आखिर कारण

भारतLPG Cylinder Update: सिलेंडर के लिए अब लंबी वेटिंग खत्म! दिल्ली में बस ID कार्ड दिखाओ और 5KG सिलेंडर पाओ

भारतबाबा विश्वनाथ और ‘काशी कोतवाल’ काल भैरव में दर्शन-पूजन, सीएम योगी आदित्यनाथ पहुंचे मंदिर, वीडियो

भारतपश्चिम बंगाल चुनावः 4660 अतिरिक्त मतदान केंद्र?, कुल संख्या 85379 और 23 और 29 अप्रैल को 2 चरणों में पड़ेंगे वोट

भारतTamil Nadu Election 2026: क्या CBSE का नया सिलेबस भाषा विवाद की जड़? सीएम स्टालिन ने कहा- "भाषा थोपने का सुनियोजित प्रयास"