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नरेंद्र मोदी सरकार का 2024 तक हर घर में नल से पीने का पानी पहुंचाने का है दावा, लेकिन जल योजनाओं के लिए घट रहा मनरेगा का बजट

By नितिन अग्रवाल | Updated: March 8, 2020 08:15 IST

जल शक्ति राज्य मंत्री रतन लाल कटारिया के अनुसार देश भर में जल की कमी वाले 256 जिलों में भूजल की स्थिति में सुधार के लिए मिशन मोड में काम किया जाता है. जल राज्य का विषय होने का कारण इसके संरक्षण की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है.

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ठळक मुद्देजल की कमी वाले 256 जिलों में भूजल की स्थिति सुधारने के लिए मिशन मोड में काम किया जा रहा है.महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के तहत जल संबंधी कार्यों पर किए जा रहे खर्च लगातार घर रहा है.

नरेंद्र मोदी सरकार भले ही 2024 तक हर घर में नल से पीने का पानी पहुंचाने का भले ही दावा कर रही है. इसके लिए जल की कमी वाले 256 जिलों में भूजल की स्थिति सुधारने के लिए मिशन मोड में काम किया जा रहा है. लेकिन दूसरी ओर महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के तहत जल संबंधी कार्यों पर किए जा रहे खर्च लगातार घर रहा है.जल शक्ति राज्य मंत्री रतन लाल कटारिया के अनुसार देश भर में जल की कमी वाले 256 जिलों में भूजल की स्थिति में सुधार के लिए मिशन मोड में काम किया जाता है. जल राज्य का विषय होने का कारण इसके संरक्षण की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है. हालांकि केंद्र सरकार द्वारा जल संचयन और संरक्षण के लिए मनरेगा और प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत वॉटरशेड विकास के माध्यम से राज्यों को सहायता दी जाती है.मंत्री द्वारा लोकसभा में दी गई जानकारी के अ़नुसार मनरेगा के तहत जल संबंधी कार्यों पर वित्त वर्ष 2019-20 में लगभग 16895 करोड़ रु पए खर्च किए गए. जबकि इसे पहले 2018-19 में 19,674 करोड़, 2017-18 में 19,839 करोड़ और 2016-17 में लगभग 23,279 करोड़ रु पए खर्च किए गए. चार वित्त वर्षों के दौरान इसमें से महाराष्ट्र के लिए लगभग 2815 करोड़ रु पए खर्च किए गए.सबसे अधिक 963 करोड़ रु पए 2016-17 और सबसे कम वर्ष 2019-20 में 284 करोड़ रु पए खर्च किए गए. महाराष्ट्र के जल युक्त शिवार की सराहना घटते भूजल स्तर को लेकर एक सवाल के लिखित जवाब में मंत्री ने लोकसभा में महाराष्ट्र सरकार की जल युक्त शिवार, राजस्थान की मुख्यमंत्री जल स्वाबलंबन अभियान, गुजरात की सुजलाम सुफलाम अभियान, तेलंगाना की मिशन ककातिया, आंध्रप्रदेश की नीरूचेट्टू और बिहार की जल जीवन हरियाली योजना की सराहना की.

मंत्री ने बताया कि देशभर के 500 कस्बों की 22.50 करोड़ आबादी के लिए जल आपूर्ती, सीवरेज, सेप्टेज प्रबंधन, तूफान के जल की निकासी आदि के लिए 2015-16 से 2019-20 तक 1 लाख करोड़ आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय की अटल नवीकरण के तहत परिव्यय किए. इसमें से 35,990 करोड़ रु पए केंद्रीय सहायता के रूप में दिए गए. मिशन के लिए 77,640 करोड़ रु पए की राज्य वार्षिक कार्रवाई योजनाओं को मंजूर किया गया है जिसमें से 39,011 करोड़ रु पए जल आपूर्ती के रखे गए हैं. 

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