लाइव न्यूज़ :

पीएम मोदी की मीटिंग से पहले महबूबा मुफ्ती का पुराना राग, बोलीं- सरकार को करनी चाहिए पाकिस्तान से भी बात

By अभिषेक पारीक | Updated: June 22, 2021 14:19 IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 24 जून को बुलाई गई अहम बैठक के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने एक बार फिर पाकिस्तान का राग छेड़ा है।

Open in App
ठळक मुद्देमहबूबा मुफ्ती ने कहा कि केंद्र सरकार को पाकिस्तान से बातचीत करनी चाहिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 जून को जम्मू कश्मीर के राजनीतिक दलों की मीटिंग बुलाई है। गुपकार ग्रुप की बैठक में मीटिंग में शामिल होने का फैसला लिया गया। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 24 जून को बुलाई गई अहम बैठक के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने एक बार फिर पाकिस्तान का राग छेड़ा है। पीडीपी नेता ने कहा कि कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान से भी बातचीत की जानी चाहिए। गुपकार ग्रुप की एक मीटिंग के बाद उन्होंने यह बात कही। 

महबूबा मुफ्ती ने कहा कि सरकार दोहा में तालिबान से बातचीत कर रही है। उन्हें जम्मू कश्मीर में बातचीत करनी चाहिए। उन्हें मुद्दों को सुलझाने के लिए पाकिस्तान के साथ भी बातचीत करनी चाहिए। साथ ही महबूबा ने कहा कि संविधान ने हमें जो अधिकार दिया है, वो हमसे छीना गया है। इसके अलावा भी जम्मू कश्मीर में एक मसला है। पूरे क्षेत्र में शांति रहनी चाहिए। 

साथ ही मुफ्ती ने कहा कि गुपकार ग्रुप के नेता प्रधानमंत्री मोदी की मीटिंग में शामिल होंगे और अपने विचार रखेंगे। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर राज्य का दर्जा बहाल करने का भी दबाव बनाएंगे। 

पीएम की बैठक में शामिल होंगे 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ जम्मू कश्मीर के नेताओं की 24 जून को दिल्ली में एक अहम बैठक होनी है। जिसके लिए जम्मू कश्मीर के सभी राजनीतिक दलों को बुलावा भेजा गया है। मीटिंग से पहले फारूक अब्दुल्ला के घर पर गुपकार ग्रुप की बैठक हुई, जिसमें फैसला लिया गया कि जिन्हें प्रधानमंत्री की ओर से बुलाया गया है, वे नेता बैठक में शामिल होंगे।

पाकिस्तान से बातचीत के पक्ष में नहीं

महबूबा मुफ्ती कई बार पहले भी पाकिस्तान से बातचीत की मांग कर चुकी हैं। हालांकि सरकार का रुख ठीक इसके उलट रहा है। मोदी सरकार जम्मू कश्मीर में हमेशा से ही पाकिस्तान और पाकिस्तान समर्थित हुर्रियत नेताओं से बातचीत के पक्ष में नहीं रही है। साथ ही भारत कई बार कह चुका है कि पाकिस्तान के साथ बातचीत तब तक संभव नहीं है जब तक की वह सीमा पार आतंकवाद पर रोक नहीं लगाता है। 

टॅग्स :जम्मू कश्मीरमोदीमोदी सरकारमहबूबा मुफ़्तीजम्मू कश्मीर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी
Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारदर्द कोई समझे, रील्स से बर्बादी तक?, कैसे पर्यटक और कंटेंट क्रिएटर्स पंपोर सरसों खेतों को पहुंचा रहे हैं नुकसान?

कारोबारईरान में फिर से फंसे सैकड़ों कश्मीरी छात्र?, 7 दिन के लिए बंद अजरबैजान सीमा

भारतगंदरबल एनकाउंटर: 7 दिन में रिपोर्ट पेश करो?, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक्स पर लिखा

भारतअमरनाथ यात्रा पर पहलगाम नरसंहार की परछाई?, सुरक्षा सबसे बड़ी चिंता, 29 जून को पूजा और 17 जुलाई से शुरू?

भारतImport Duty Cut: सरकार ने आज से 41 वस्तुओं पर हटाया आयात शुल्क, चेक करें पूरी लिस्ट

भारत अधिक खबरें

भारतवाराणसी का रोम-रोम हुआ रोमांचित, दर्शकों ने देखा कैसा था सम्राट विक्रमादित्य का सुशासन, देखें Photos

भारतराष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टीः उत्तरार्द्ध में उत्तराधिकार के लिए संघर्ष

भारतदिल्ली और उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों में महसूस हुए भूकंप के झटके, अफगानिस्तान में आया भूकंप

भारतकेंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ग्रीनविच मीन टाईम को महाकाल स्टेंडर्ड टाईम में बदलने पर दिया जोर

भारतदलित समुदाय के 22 फीसदी वोट पर जमीन अखिलेश की निगाह , 14 अप्रैल पर अंबेडकर जयंती पर गांव-गांव में करेगी कार्यक्रम