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मेघालय ने पूर्व उग्रवादी नेता के साथ पुलिस मुठभेड की न्यायिक जांच की घोषणा की

By भाषा | Updated: August 16, 2021 20:11 IST

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मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा ने सोमवार को पुलिस मुठभेड़ में पूर्व उग्रवादी नेता के मारे जाने की घटना की न्यायिक जांच कराने की घोषणा की। बता दें कि पूर्व उग्रवादी नेता के समर्थकों ने मुठभेड़ के खिलाफ स्वतंत्रता दिवस के दिन शिलांग में तोड-फोड़ और आगजनी की थी, जिसकी वजह से प्रशासन को राज्य की राजधानी में कर्फ्यू लगाना पड़ा था। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद संगमा ने कहा कि उप मुख्यमंत्री प्रेस्टन तिनसॉन्ग की अध्यक्षता में सरकार शांति समिति गठित करेगी, जिसमें नागरिक समाज संगठन के प्रतिनिधि और अन्य बतौर सदस्य शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि सरकार ने शिलांग में कर्फ्यू की मियाद 24 घंटे और बढ़ाने का फैसला किया है एवं अब यह 18 अगस्त सुबह पांच बजे तक लागू रहेगा। मोबाइल इंटरनेट सेवा भी अगले 24 घंटे तक बंद रहेगी। संगमा ने कहा, ‘‘मंत्रिमंडल के सदस्यों की सलाह पर आयोग जांच अधिनियम के तहत 13 अगस्त की घटना की जांच के लिए न्यायिक जांच कराने का फैसला किया गया।’’ हालांकि, मुख्यमंत्री ने 13 अगस्त को मुठभेड़ में हुई मौत की न्यायिक जांच के लिए न्यायाधीश के नाम की घोषणा नहीं की। संगमा ने कहा कि उप मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली समिति में कैबिनेट मंत्री आर डोहलिंग और आर टोंगखार भी होंगे। उन्होंने कहा, ‘‘समिति में नागरिक समाज संगठनों, धार्मिक संगठनों, समुदाय प्रमुख आदि भी सदस्य होंगे।’’ संगमा ने ट्वीट किया, ‘‘ सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री के नेतृत्व में एक उप समिति होगी जिसमें उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री सदस्य होंगे, जो कानून व्यवस्था, भविष्य के खतरों और कुल मिलाकार मेघालय पुलिस की कार्यप्रणाली को देखेगी।’’ हालांकि, शिलांग की घटना के बाद गृहमंत्री लहकमैन रिम्बुई ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था लेकिन माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री ने उसे स्वीकार नहीं किया है। संगमा ने बताया कि केंद्रीय गृहमंत्री ने राज्य की मदद के लिए केंद्रीय सशस्त्र अर्धसैनिक बल की पांच अतिरिक्त कंपनियां मंजूर की है। गौरतलब है कि प्रतिबंधित हाइनीवट्रेप नेशनल लिब्रेशन काउंसिल के पूर्व स्वयंभू महासचिव चेरिस्टरफ़ील्ड थांगखिव के घर पर पुलिस ने शुक्रवार को छापेमारी की थी जिसके बाद शिलांग के मावलाई और जयआ इलाके में हिंसा भड़क गई थी। थांगखिव ने वर्ष 2018 में आत्मसमर्पण किया था और कथित तौर पर 10 अगस्त को हुए आईईडी धमाके में शामिल था।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

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