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मन की बात: पीएम मोदी ने किया आपातकाल का जिक्र, कहा- 25 जून को हम कभी नहीं भूल सकते

By शिवेन्द्र कुमार राय | Updated: June 18, 2023 13:32 IST

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 102वें संस्करण में रविवार, 18 जून को आपातकाल का भी जिक्र किया और कहा कि 25 जून को हम कभी नहीं भूल सकते, जब देश पर इमरजेंसी थोपी गई थी। वह भारत के इतिहास का काला दौर था।

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ठळक मुद्देमन की बात की 102वीं कड़ी में प्रधानमंत्री मोदी ने किया आपात काल का जिक्रकहा- 25 जून को हम कभी नहीं भूल सकते, जब देश पर इमरजेंसी थोपी गई थीकहा- मैंने भी उस दौर पर 'संघर्ष में गुजरात' नाम से एक किताब लिखी है

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के 102वें संस्करण में रविवार, 18 जून को साइक्लोन बिपरजॉय का जिक्र करते हुए कहा कि बीते वर्षों में भारत ने आपदा प्रबंधन की जो ताकत विकसित की है, वह आज एक उदाहरण बन रही है। प्राकृतिक आपदाओं से मुकाबला करने का एक बड़ा तरीका है प्रकृति का संरक्षण। मानसून के समय में तो जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। कैच द रेन जैसे अभियानों के जरिए इस दिशा में सामूहिक प्रयास किया जा रहा है। 

पीएम मोदी ने  2025 तक टीबी मुक्त भारत बनाने के संकल्प का जिक्र किया। पीएम मोदी ने बताया कि 10 लाख टीबी मरीजों को गोद लिया जा चुका है। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में देश में लगाए गए आपातकाल का भी जिक्र किया और कहा, "25 जून को हम कभी नहीं भूल सकते, जब देश पर इमरजेंसी थोपी गई थी। वह भारत के इतिहास का काला दौर था। उस दौरान कई किताबें लिखी गईं, मैंने भी उस दौर पर 'संघर्ष में गुजरात' नाम से एक किताब लिखी है।" प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत लोकतंत्र की जननी है। हम अपने लोकतांत्रिक आदर्शों को सर्वोपरि मानते हैं, अपने संविधान को सर्वोपरि मानते हैं।

जल संरक्षण के क्षेत्र में  यूपी के बांदा जिले के तुलसीराम यादव का उदाहरण देते हुए पीएम ने कहा, " तुलसीराम जी गांव के लोगों को साथ लेकर इलाके में 40 से ज्यादा तालाब बनवा चुके हैं।"   

मन की बात कार्यक्रम में छत्रपति शिवाजी महाराज का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, " जल प्रबंधन और नौसेना को लेकर शिवाजी महाराज ने ऐतिहासिक काम किए, उनके बनाए जलदुर्ग आज भी समंदर के बीच शान से खड़े हैं।" 

पुरी की ऐतिहासिक रथयात्रा का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा, " 20 जून को ऐतिहासिक रथयात्रा का दिन है। रथयात्रा की पूरी दुनिया में एक विशिष्ट पहचान है। देश के अलग-अलग राज्यों में बहुत धूमधाम से भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली जाती है। ओडिशा के पुरी में होने वाली रथयात्रा तो अपने आप में अद्भुत होती है। जब मैं गुजरात में था तो मुझे अहमदाबाद में होने वाली विशाल रथयात्रा में शामिल होने का अवसर मिलता था।" 

 

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