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मणिपुर में घुसने की फिराक में है 900 से अधिक उग्रवादी, ड्रोन और मिसाइल हमले में माहिर, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर

By शिवेन्द्र कुमार राय | Updated: September 21, 2024 10:32 IST

Manipur: एन बीरेन सिंह सरकार के सुरक्षा सलाहकार कुलदीप सिंह ने शुक्रवार को कहा कि जब तक यह खुफिया इनपुट गलत साबित नहीं हो जाता, हम मानते हैं कि यह 100% सही है और इसके लिए तैयार हैं।

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ठळक मुद्देमणिपुर से आई एक खबर ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद खराब की हुई हैम्यांमार से 900 से अधिक उग्रवादियों के आने के बारे में एक कथित खुफिया अलर्ट उग्रवादियों का मिशन 28 सितंबर के आसपास इंफाल घाटी के गांवों पर समन्वित हमले करना है

नई दिल्ली:  मणिपुर से आई एक खबर ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद खराब की हुई है। मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के कार्यालय ने पुलिस को म्यांमार से 900 से अधिक उग्रवादियों के आने के बारे में एक कथित खुफिया अलर्ट भेजा है। इनके बारे में दी गई जानकारी में कहा गया है कि सभी उग्रवादी ड्रोन, प्रोजेक्टाइल और मिसाइलों के इस्तेमाल में हाल ही में प्रशिक्षित किया गया है।

इसमें कहा गया है कि घुसपैठ करके आने वाले उग्रवादियों का मिशन 28 सितंबर के आसपास इंफाल घाटी के गांवों पर समन्वित हमले करना है। एन बीरेन सिंह सरकार के सुरक्षा सलाहकार कुलदीप सिंह ने शुक्रवार को कहा कि जब तक यह खुफिया इनपुट गलत साबित नहीं हो जाता, हम मानते हैं कि यह 100% सही है और इसके लिए तैयार हैं।

पूर्व सीआरपीएफ महानिदेशक कुलदीप सिंह ने कहा कि अगर यह सच नहीं होता है, तो या तो यह हुआ ही नहीं या हमारे प्रयासों ने इसे होने नहीं दिया। किसी भी तरह से, आप इसे हल्के में नहीं ले सकते। 2023 के मध्य में जातीय संघर्ष भड़कने के बाद कुलदीप सिंह को मणिपुर में प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया था।

सीएमओ की ओर से 16 सितंबर को जारी अलर्ट में कहा गया है कि उग्रवादी "कथित तौर पर 30 सदस्यों की इकाइयों में समूहबद्ध हैं और अलग-अलग इलाकों में बिखरे हैं। ये एक साथ हमला कर सकते हैं। सुरक्षा सलाहकार  कुलदीप सिंह ने कहा कि मणिपुर पुलिस और असम राइफल्स की जिले और सीमा इकाइयाँ अलर्ट पर हैं। 

रणनीतिक संचालन समूह की एक बैठक 18 सितंबर को हुई। सिंह ने कहा कि किसी भी खतरे से निपटने के लिए  एजेंसियों को इस निर्देश के साथ सूचित किया गया है कि उग्रवादियों की किसी भी गतिविधि को "शुरुआत में ही रोक दिया जाए। 

 हाई अलर्ट पर चूड़ाचांदपुर, टेंग्नौपाल, उखरुल, कामजोंग और फेरज़ावल जिले हैं। सिंह ने कहा कि पारंपरिक तलाशी अभियान हथियारों को जब्त करने पर केंद्रित है, लेकिन अब रॉकेट, मिसाइल, ड्रोन घटकों और बैटरी बनाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली सामग्रियों की "बढ़ी हुई जांच" की जा रही है। डीएम को सतर्क कर दिया गया है और लाइसेंस प्राप्त मालिकों के पास विस्फोटकों के स्टॉक की जांच करने के लिए कहा गया है। पहाड़ियों के 5 किमी के दायरे में सभी जुड़ी सड़कों और गांवों में भी स्टॉकपाइल्स की जांच की जा रही है।

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