लाइव न्यूज़ :

एम जे अकबर की का दावा, 15 अगस्त 1947 पाकिस्तान में बिताना चाहते थे महात्मा गांधी

By भाषा | Updated: January 19, 2020 20:30 IST

पुस्तक में लिखा है कि 31 मई 1947 को गांधी ने प्रठान नेता अब्दुल गफ्फार खान से कहा कि वह नॉर्थ वेस्ट फ्रंटियर की यात्रा करना चाहते हैं और स्वतंत्रता के बाद पाकिस्तान में रहना चाहते हैं।

Open in App
ठळक मुद्दे महात्मा गांधी 15 अगस्त 1947 का पहला दिन पाकिस्तान में बिताना चाहते थे।यह दावा पूर्व केंद्रीय मंत्री एम जे अकबर की एक पुस्तक में किया गया है।

 महात्मा गांधी 15 अगस्त 1947, स्वतंत्रता का पहला दिन भारत की बजाय अलग देश बने पाकिस्तान में बिताना चाहते थे। यह दावा पूर्व केंद्रीय मंत्री एम जे अकबर की एक पुस्तक में किया गया है। लेखक ने अपनी पुस्तक ‘‘गांधीज हिंदुइज्म: द स्ट्रगल अगेंस्ट जिन्नाज इस्लाम’’ में लिखा है कि हालांकि यह उस देश के लिए न तो प्रतीक और न ही समर्थन का भाव के लिए था जो बहुआस्था वाले भारत से अलग होकर बना था।

उन्होंने कहा, ‘‘गांधी यह यात्रा इसलिए करना चाहते थे क्योंकि उन्हें भारत के विभाजन और मनमाने ढंग से नयी, ‘अप्राकृतिक’ सीमाएं बनाये जाने में विश्वास नहीं था, जिसे उन्होंने क्षणमात्र का पागलपन बताया था।’’ इस पुस्तक में उन लोगों की विचारधारा एवं व्यक्तित्व का विश्लेषण किया गया है जिन्होंने क्षेत्र के भाग्य को स्वरूप दिया। इसमें 1940 से 1947 के बीच के सात वर्षों के दौरान राजनीति को प्रभावित करने वाली गलतियों की व्याख्या भी की गई है।

इसमें कहा गया है कि एक धर्मपरायण हिंदू गांधी का मानना था कि आस्था भारत की सभ्यतागत सद्भाव का पोषण कर सकती है जो वह भूमि थी जहां प्रत्येक धर्म फला फूला। पुस्तक में लिखा है कि जिन्ना एक राजनीतिक मुस्लिम थे जो इस्लाम के नाम पर उप महाद्वीप को बांटने पर दृढ़ थे।

लेखक के अनुसार स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद गांधी की तात्कालिक चिंता बंटवारे के असली पीड़ितों अल्पसंख्यकों...पाकिस्तान में हिंदुओं और भारत में मुस्लिमों...के भाग्य को लेकर थी। ‘ब्लूम्सबरी इंडिया’ द्वारा प्रकाशित की गई इस पुस्तक में अकबर लिखते हैं, ‘‘वह पूर्वी पाकिस्तान के नोआखली में जाना चाहते थे जहां 1946 के दंगों में हिंदू बुरी तरह से प्रभावित हुए थे। वह ऐसा इसलिए करना चाहते थे ताकि वह इसकी पुनरावृत्ति रोक सकें।

पुस्तक में लिखा है कि 31 मई 1947 को गांधी ने प्रठान नेता अब्दुल गफ्फार खान से कहा कि वह नॉर्थ वेस्ट फ्रंटियर की यात्रा करना चाहते हैं और स्वतंत्रता के बाद पाकिस्तान में रहना चाहते हैं। गांधी के हवाले से पुस्तक में लिखा है, ‘‘...मैं देश के इन बंटवारे में विश्वास नहीं करता। मैं किसी की अनुमति नहीं लूंगा। यदि वे मेरी अवज्ञा के लिए मार देंगे, मैं मुस्कुराहट के साथ मौत स्वीकार कर लूंगा। यह कि यदि पाकिस्तान अस्तित्व में आता है, मेरा इरादा वहां जाने, दौरा करने और वहां रहने और यह देखने का है कि वे मेरे साथ क्या करते हैं।’’ 

टॅग्स :महात्मा गाँधी
Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारमहात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना और महात्मा गांधी हैंडलूम योजना शुरू, विदेशी टूर पैकेज पर TCS दरों में सरकार ने की कटौती, जानिए मुख्य

भारतDry Day Alert: शराब के शौकीन आज नहीं छलका पाएंगे जाम, 30 जनवरी को ड्राई डे; लिकर शॉप बंद

भारतMahatma Gandhi Death Anniversary 2026: शहीद दिवस के मौके पर दिल्ली में ट्रैफिक एडवाइजरी जारी, कई मार्ग बंद; यहां रहेगा डायवर्जन

भारतMahatma Gandhi Death Anniversary: अंग्रेज तो 1917 में ही बापू की जान के दुश्मन बन गए थे?

ज़रा हटकेटाइटल में गांधी लगा देने से आप बाबा नहीं बन जाएगा?, गांधी जी ना बुलेट चलाते थे ना ही जींस टीशर्ट पहनते थे,  तेज प्रताप यादव ने राहुल गांधी पर कसा तंज

भारत अधिक खबरें

भारत'Three Allegations, Zero Truth': आम आदमी पार्टी द्वारा राज्यसभा की भूमिका से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा का जवाब

भारतMadhya Pradesh: अनूपपुर ज़िले में चार-मंज़िला होटल गिरने से मलबे में कई लोगों के फँसे होने की आशंका, एक की मौत

भारततमिलनाडु चुनावों के लिए BJP का टिकट न मिलने के बाद अन्नामलाई ने दिया अपना स्पष्टीकरण

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील