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महाराष्ट्र: भगत सिंह कोश्यारी ने राज्यपाल पद से हटने की इच्छा जताई, पीएम मोदी को बताई मन की बात

By शिवेंद्र राय | Updated: January 23, 2023 16:43 IST

महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी 'सभी राजनीतिक जिम्मेदारियों से मुक्त' होना चाहते हैं। भगत सिंह कोश्यारी ने कहा है कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर 'सभी राजनीतिक जिम्मेदारियों से मुक्त' होने की इच्छा जताई है।

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ठळक मुद्दे भगत सिंह कोश्यारी का जन्म 17 जून 1942 को हुआ था31 अगस्त 2019 को भगत सिंह कोश्यारी को महाराष्ट्र का राज्यपाल बनाया गयाशिवाजी महाराज पर बयान देकर विवादों में भी रहे कोश्यारी

मुंबई: महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने कहा है कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर 'सभी राजनीतिक जिम्मेदारियों से मुक्त' होने की इच्छा जताई है। एक ट्वीट में महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने लिखा, "माननीय प्रधान मंत्री की हाल की मुंबई यात्रा के दौरान, मैंने उनसे सभी राजनीतिक जिम्मेदारियों से मुक्त होने और पढ़ने, लिखने और अन्य गतिविधियों में अपना शेष जीवन व्यतीत करने की इच्छा व्यक्त की है।"

भगत सिंह कोश्यारी नेआगे कहा, "ये बहुत सम्मान की बात थी कि मुझे महाराष्ट्र के राज्यपाल के तौर पर सेवा करने का मौका मिला. उस महाराष्ट्र का जो संतों, सामाजिक कार्यकर्ताओं की भूमि है। पिछले तीन सालों में मुझे महाराष्ट्र की जनता से जो प्यार मिला है, मैं वो कभी नहीं भूल सकता हूं।"

भगत सिंह कोश्यारी पिछले कुछ समय से ऐसे संकेत दे रहे थे। हाल ही में महाराष्ट्र राजभवन में आयोजित जैन समुदाय के एक कार्यक्रम में कोश्यारी ने कहा था कि राज्यपाल होने में कोई खुशी नहीं है और इस पद पर होने पर बहुत दुख है। तब से ही कोश्यारी के पद छोड़ने को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं।

विवादों में भी रहे कोश्यारी

भगत सिंह कोश्यारी ने महाराष्ट्र में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान शिवाजी महाराज को 'पुराने समय का प्रतीक' कह दिया था जिसके बाद खूब विवाद हुआ था। कोश्यारी को इस मामले पर काफी सफाई भी देनी पड़ी थी फिर भी विवाद बहुत दिनों तक जारी रहा। मामला इतना बढ़ा कि भगत सिंह कोश्यारी को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को चिट्ठी लिखकर स्थिति स्पष्ट करनी पड़ी थी। अपनी चिट्ठी में कोश्यारी ने लिखा था,  'मैं देश के महापुरुषों का अपमान करने की बात सपने में भी नहीं सोच सकता। आज के कर्तव्यनिष्ठ व्यक्ति का उदाहरण देना महान नेताओं का अपमान नहीं हो सकता।  मैं मुगल युग के दौरान साहस और बलिदान के प्रतीक महाराणा प्रताप, गुरु गोविंद सिंहजी और छत्रपति शिवाजी महाराज जैसे महापुरुषों का अपमान करने के बारे में सपने में भी नहीं सोच सकता।"

बता दें कि भगत सिंह कोश्यारी का जन्म 17 जून 1942 को हुआ था। उन्होंने 2001 से 2002 तक उत्तराखंड के दूसरे मुख्यमंत्री के रूप में भी कार्य किया और उसके बाद, 2002 से 2007 तक उत्तराखंड विधान सभा के विपक्ष के नेता थे। कोश्यारी ने बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और उत्तराखंड के लिए पार्टी के पहले राज्य अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया। 31 अगस्त 2019 को भगत सिंह कोश्यारी को महाराष्ट्र का राज्यपाल बनाया गया। कोश्यारी ने अपनी प्रराम्भिक शिक्षा अल्मोड़ा में पूरी की और उसके पश्चात उन्होंने आगरा यूनिवर्सिटी से अंग्रेजी साहित्य में पढ़ाई की। उन्होंने अपना पूरा जीवन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और बीजेपी को समर्पित किया।

टॅग्स :महाराष्ट्रBhagat Singh Koshyariनरेंद्र मोदीउत्तराखण्डअमित शाह
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