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आदित्य ठाकरे ने खोला राज, बताई चुनावी मैदान में उतरने की वजह, दादा बाल ठाकरे से मिली 'अनमोल सीख' का भी किया खुलासा

By अभिषेक पाण्डेय | Updated: October 12, 2019 16:15 IST

Aaditya Thackeray: वर्ली से चुनाव लड़ रहे युवा शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे ने अपने चुनाव लड़ने की वजह का खुलासा किया है, जानिए

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ठळक मुद्देआदित्य ठाकरे वर्ली विधानसभा सीट से लड़ रहे हैं चुनावआदित्य ठाकरे चुनाव लड़ने वाले ठाकरे परिवार के पहले सदस्य हैं

आदित्य ठाकरे आगामी महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में वर्ली से चुनाव लड़ रहे हैं, वह चुनाव लड़ने वाले ठाकरे परिवार के पहले सदस्य हैं। 

आदित्य ठाकरे को शिवसेना भविष्य के सीएम के तौर पर देख रही है और पार्टी के कई नेता तो उन्हें इसी चुनाव में पार्टी के सीएम पद का चेहरा तक बता चुके हैं। 

आदित्य को शिवसेना ने वर्ली से उतारा है, जो उसका मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। आदित्य ठाकरे ने राजनीति में आने और वर्ली से चुनाव लड़ने की वजह बताई है। 

आदित्य ने बताई खुद के चुनाव लड़ने की वजह

द हिंदू को दिए एक इंटरव्यू आदित्य ने चुनावी राजनीति में उतरने का फैसला क्यों किया, इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने द  कहा, राजनीति एक ऐसी जगह जहां आप दुनिया में जहां भी हो एक महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। मैंने हमेशा महसूस किया मैं विधायी प्रक्रिया से ज्यादा योगदान दे सकता हूं। आपके व्यक्तित्व अलग होते हैं, मेरे दादा और पिता विधायी प्रक्रिया के बाहर से काम कर सके, लेकिन मैंने पाया कि मैं विधायी प्रक्रिया में भाग लेने का इच्छुक हूं।' 

वर्ली से क्यों उतरे चुनावी मैदान में, आदित्य ने किया खुलासा

आदित्य ने इसकी वजह बताते हुए कहा, 'हमने पहले एक ग्रामीण विधानसभा सीट को लगभग चुन लिया था क्योंकि वह काम करने के अवसर ज्यादा हैं लेकिन मेरी आदत मैं जहां भी काम कर रहा हूं उस पर करीबी नजर रखने की है, और वर्ली यहां (मातोश्री) से महज पांच मिनट की दूरी पर है, तो मैं वहां हर दिन जा सकता हूं।'

उन्होंने कहा, 'साथ ही सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि वर्ली सीट पर एक लुघ महाराष्ट्र का अहसास होता है। यहां सभी धर्म, क्षेत्र, मराठियों और अन्य समुदायों की बड़ी आबादी है, यहां झुग्गी-झोपड़ियां, ऊंची इमारते, बीडीडी चॉल', सरकारी फाइलों, मुकदमेबाजी में फंसे ऐसी इलाके हैं, जिनका 18-20 सालों से विकास नहीं हुआ।'

आदित्य ने किया दादा बाल ठाकरे से मिली सीख का खुलासा

ये पूछे जाने पर कि उनके दादा बाल ठाकरे ने उन्हें क्या सलाह दी थी, तो आदित्य ने कहा, 'उन्होंने मुझे कभी भी राजनीति में आने की सलाह नहीं दी थी, लेकिन जब उन्होंने देखा कि मैं इसमें आ गया हूं, तो उन्होंने मुझे एक ही चीज कही थी कि कभी घमंडी मत बनना। कभी भी ये मत सोचो की तुम इसलिए कुछ हो क्योंकि तुमने खुद से कुछ किया है, क्योंकि ये हमेशा लोगों द्वारा दिखाए गए समर्थन का नतीजा होता है।'

युवासेना प्रमुख ने कहा, 'मेरी टीम हमेशा आलोचना करने और मैं कहां गलत हो सकता हूं को बताने के लिए स्वतंत्र है, जो मुझे जमीन से जोड़े रखता है।'

आदित्य ने ये पूछे जाने पर क्या वह चुनाव जीतने के बाद सरकार में शामिल होंगे के सवाल पर कहा, 'अभी मेरा ध्यान इन चुनावों में जितना संभव हो सीटें जीतने पर है। मैं चुनावों के बाद राजनीतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए फैसला लूंगा।'

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