लाइव न्यूज़ :

Lokmat Parliamentary Awards 2023: 'विपक्ष के नेताओं पर ईडी, आईटी के 97 प्रतिशत से ज्यादा मामले हैं लेकिन आरोप साबित होने की दर केवल 2 से 3 प्रतिशत', 'लोकमत' नेशनल कॉन्क्लेव में प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा

By शिवेन्द्र कुमार राय | Updated: February 6, 2024 12:41 IST

कार्यक्रम में हिस्सा ले रहीं शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि ईडी, आईटी और सीबीआई का नाम सुनकर लोग डरने लगे हैं। प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि इन एजेंसियों का प्रयोग विपक्ष की आवाज दबाने के लिए किया जा रहा है।

Open in App
ठळक मुद्देईडी, आईटी और सीबीआई का नाम सुनकर लोग डरने लगे हैं - प्रियंका चतुर्वेदीसवाल पर करने पर संसद से 150 सांसद पहली बार संस्पेंड हुए - प्रियंका चतुर्वेदीआज के समय में जो बोलेगा उसे जेल में डाल दिया जाएगा - प्रियंका चतुर्वेदी

Lokmat Parliamentary Awards 2023: सर्वाधिक विश्वसनीय और प्रतिष्ठित ‘लोकमत’ संसदीय पुरस्कारों का पांचवां पुरस्कार समारोह आज दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है। 'लोकमत' संसदीय पुरस्कार वितरण समारोह से पहले मंगलवार को सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक 'लोकमत' नेशनल कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया।  'धर्म और जाति में उलझा लोकतंत्र' विषय पर विभिन्न राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेताओं ने अपने विचार रखे।

कार्यक्रम में हिस्सा ले रहीं शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि ईडी, आईटी और सीबीआई का नाम सुनकर लोग डरने लगे हैं। प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि इन एजेंसियों का प्रयोग विपक्ष की आवाज दबाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेताओं पर 97 प्रतिशत से ज्यादा मामले हैं लेकिन आरोप साबित होने की दर केवल 2 से 3 प्रतिशत है।

प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि सवाल पर करने पर संसद से 150 सांसद पहली बार संस्पेंड हुए। उन्होंने कहा कि आज के समय में जो बोलेगा उसे जेल में डाल दिया जाएगा। सरकार के खिलाफ बोलने की सजा ये है कि सारे विपक्षी जेल में हैं। बातचीत के दौरान प्रियंका चतुर्वेदी एंकर से तीखी बहस भी हुई। अजित पवार को पीएम मोदी ने 70 हजार करोड़ का घोटाला करने वाला कहा था लेकिन सत्ता पक्ष में मिलते ही विपक्षी दल साफ हो जाते हैं। 

प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि एक चुनावी रैली में पीएम मोदी ने अजित पवार को करप्ट कहा था लेकिन 48 घंटे के अंदर वह महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री बन गए। जो लोग शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) छोड़ के शिंदे खेमे जा रहे हैं उन्हें 5 करोड़ मुंबई महानगरपालिका के फंड से दे दिया जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार नारी सम्मान की बात करती है लेकिन महिला पहलवान धरने पर बैठे रहे। किसान आंदोलन पर उन्होंने कहा कि बीजेपी के प्रवक्ता ने उन्हें आतंकी कहा था। 

बता दें कि इस कार्यक्रम में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े, नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष, सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला, दिल्ली की शिक्षा, लोकनिर्माण और बिजली मंत्री आतिशी, कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी वक्ताओं में शामिल हैं।

बता दें कि पुरस्कार वितरण समारोह मंगलवार, 6 फरवरी को नई दिल्ली में जनपथ रोड पर स्थित डॉ. आंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में संपन्न होने जा रहा है। इसमें महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, डॉ. फारूक अब्दुल्ला, डॉ. सुभाष कश्यप, पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रफुल्ल पटेल और केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री रामदास आठवले मौजूद रहेंगे।

लोकमत पार्लियामेंटरी अवार्ड समिति के अध्यक्ष एवं लोकसभा के पूर्व महासचिव एवं संविधान विशेषज्ञ डॉ. सुभाष कश्यप की अध्यक्षता वाली जूरी ने संसदीय पुरस्कारों के लिए राज्यसभा और लोकसभा से चार-चार सांसदों का चयन किया। इस जूरी में लोकमत मीडिया समूह के एडिटोरियल बोर्ड के चेयरमैन एवं पूर्व सांसद डॉ. विजय दर्डा, लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीररंजन चौधरी, सांसद भवतृहरि महताब, सांसद सी. आर. पाटिल, सांसद एन. के. प्रेमचंद्रन, सांसद तिरुचि शिवा, सांसद डॉ. रजनी पाटिल, एबीपी न्यूज के कार्यकारी उपाध्यक्ष राजीव खांडेकर और लोकमत समूह के राष्ट्रीय संपादक हरीश गुप्ता शामिल थे।

पिछले विजेता

पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह, ‘भारत रत्न’ लालकृष्ण आडवाणी, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राकांपा अध्यक्ष शरद पवार, डॉ. मुरली मनोहर जोशी, स्व. मुलायम सिंह यादव, गुलामनबी आजाद, भातृहरि महताब, सौगत राय, स्व. शरद यादव, सीताराम येचुरी, जया बच्चन, तिरुचि शिवा, निशिकांत दुबे, सुप्रिया सुले, हेमामालिनी, भारती पवार, सुष्मिता देव, मीनाक्षी लेखी, डॉ. रजनी पाटिल, डेरेक ओ’ब्रायन, वंदना चव्हाण, मनोज झा, असदुद्दीन ओवैसी, तेजस्वी सूर्या, लॉकेट चटर्जी, एन. के. प्रेमचंद्रन, रमा देवी, कनिमोली, छाया वर्मा, विप्लव ठाकुर, कहकशा परवीन को ‘लोकमत’ संसदीय पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।

टॅग्स :लोकमत पार्लियामेंट्री अवार्डलोकमत नेशनल कॉन्क्लेवप्रियंका चतुर्वेदीशिव सेनामोदी सरकार
Open in App

संबंधित खबरें

भारतImport Duty Cut: सरकार ने आज से 41 वस्तुओं पर हटाया आयात शुल्क, चेक करें पूरी लिस्ट

भारतऊर्जा संकट में भी आत्मविश्वास कायम रहने का क्या है राज ?

भारतBihar News: राज्य अधिकारियों ने दिया अपनी संपत्ति का ब्योरा, जानें सबसे ज्यादा अमीर कौन?

कारोबारNew Labour Code: नौकरीपेशा लोगों के लिए बड़ी खबर, 1 अप्रैल से लागू हुए नए नियम, ओवरटाइम और PF में हुए ये बदलाव

भारतसोचें सोचने वाले, हम भी बड़े दिलवाले!, सुनने वालों के लिए किसी आश्चर्य से कम नहीं?

भारत अधिक खबरें

भारतदिल्ली और उत्तरी भारत के कुछ हिस्सों में महसूस हुए भूकंप के झटके, अफगानिस्तान में आया भूकंप

भारतकेंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ग्रीनविच मीन टाईम को महाकाल स्टेंडर्ड टाईम में बदलने पर दिया जोर

भारतदलित समुदाय के 22 फीसदी वोट पर जमीन अखिलेश की निगाह , 14 अप्रैल पर अंबेडकर जयंती पर गांव-गांव में करेगी कार्यक्रम

भारतराघव चड्ढा पर आतिशी का बड़ा आरोप, 'BJP से डरते हैं, अगला कदम क्या होगा?'

भारतउत्तर प्रदेश उपचुनाव 2026ः घोसी, फरीदपुर और दुद्धी विधानसभा सीट पर पड़ेंगे वोट?, 2027 विस चुनाव से पहले सेमीफाइनल, सीएम योगी-अखिलेश यादव में टक्कर?