लाइव न्यूज़ :

लोकसभा चुनावः उम्मीदवारों की घोषणा के बाद आरजेडी-कांग्रेस के नेताओं के बगावती तेवर, मुश्किल में महागठबंधन!

By एस पी सिन्हा | Updated: March 31, 2019 11:39 IST

लोकसभा चुनाव को लेकर बिहार में महागठबंधन के बीच सीट बंटवारे के बाद कांग्रेस और आरजेडी के अंदर नेताओं में बगावती तेवर तेज हो गया है।

Open in App
ठळक मुद्देलवली आनंद ने अकेले ही शिवहर सीट से लोकसभा चुनाव लड़ने का ऐलान किया हैराजद के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने कहा है कि वह भी चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन टिकट नहीं मिला

बिहार में महागठबंधन के बीच सीटों के बंटवारे के बाद अब दलों के अंदर नेताओं के बगावती सुर तेज हो गए हैं. राजद से अली अशरफ फातमी के बाद अब लवली आनंद कांग्रेस से बागी हो गई हैं. लवली आनंद ने अब अकेले ही शिवहर सीट से लोकसभा चुनाव लड़ने का ऐलान किया है.

नाराज लवली आनंद ने कहा कि वह शिवहर से निर्दलीय चुनाव लड़ेंगी. उन्होंने कहा, ''मैंने पहले ही इस सीट के बारे में आलाकमान को बता चुकी हूं. लेकिन उस पर विचार नहीं किया गया. यह सीट महागठबंधन में कांग्रेस के पास थी, लेकिन इसे राजद को दे दिया गया.'' कांग्रेस की बागी नेता लवली आनंद ने धांधली का आरोप लगाया है कि शिवहर लोकसभा सीट पैसे देकर खरीदी गई है. उन्होंने कहा कि जल्द सच्चाई सामने आ जाएगी.

आनंद मोहन दो बार यहां से सांसद रह चुके हैं, जनता हमारे साथ है, मैं जल्द वहां जा रही हूं, कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करुंगी. वहीं, राजद के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने कहा है कि वह भी चुनाव लड़ना चाहते थे. उन्हें टिकट नहीं मिला, लेकिन वह फातमी की तरह अलग गुट नहीं बनाएंगे क्योंकि देश के हालात इस बात की इजाजत नहीं देती है. तिवारी ने यह भी कहा कि फातमी दल से अलग नहीं जाएंगे.

फातमी इस उम्र में ऐसा नहीं कर सकते, क्योंकि वो अब कहां जाएंगे? बगावत कर चुनाव लड़ना उनके समर्थकों के लिए भी संकट पैदा करेगा. ऐसे में वह चुनाव जीत भी नहीं सकते. आज देश का मुसलमान नरेंद्र मोदी की सरकार को हर हाल में हटाना चाहता है.

ऐसे में फातमी की कोशिश राजग को सपोर्ट जैसा होगा. इधर, राजद में टिकट नहीं मिलने को लेकर वरिष्ठ नेताओं का दुख बाहर आने पर जदयू प्रवक्ता अजय आलोक ने तंज कसा है. अजय आलोक ने कहा है कि राजद नेताओं का दर्द अब बाहर आ रहा है, लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेता क्या करें? वो टिकट के लिए पैसा दे नहीं सकते थे. यहां छोटे साहब (तेजस्वी यादव) बिना पैसों के टिकट दे नहीं सकते थे. राजद के नेताओं के प्रति हमारी सहानुभूति है. यहां बता दें कि बिहार में महागठबंधन में कई ऐसे वरिष्ठ नेता हैं, जिनके चुनाव लड़ने के सपने इस बार चूर-चूर हो गए. इनमें निखिल कुमार और डॉ. शकील अहमद भी शामिल हैं और उनका भी दर्द बाहर आ चुका है. 

टॅग्स :लोकसभा चुनावबिहार लोकसभा चुनाव 2019आरजेडीकांग्रेसमहागठबंधन
Open in App

संबंधित खबरें

ज़रा हटकेVIDEO: असम में योगी का बड़ा बयान, 'घुसपैठियों को बाहर करना ही होगा'

भारतश्रीपेरंबुदूर से उम्मीदवार तमिलनाडु कांग्रेस अध्यक्ष सेल्वापेरुन्थगई, 27 उम्मीदवार घोषित, देखिए

भारतबिहार चुनावः 2026 में 17 सीट खाली, राज्यसभा के बाद MLC इलेक्शन में भी तेजस्वी यादव को लगेगा झटका, 1 सीट के लिए 25 विधायक?

भारतबिहार में नीतीश कुमार अभी कर रहे खेला?, राजद विधायक फैसल रहमान से मिले मुख्यमंत्री, जाते-जाते तेजस्वी यादव से छिनेंगे विपक्ष नेता पद?

भारतएक शांत दिखने वाली विदाई से हुई भारी क्षति!

भारत अधिक खबरें

भारतFire Accident: ONGC मुंबई हाई प्लेटफॉर्म पर भीषण आग, 10 लोग घायल; राहत और बचाव कार्य जारी

भारतElection 2026: केरल में चुनावी हिंसा! शशि थरूर के काफिले पर हमला, गनमैन को भी पीटा, 5 धरे गए

भारतदेश के लिए समर्पित ‘एक भारतीय आत्मा’

भारतवाराणसी का रोम-रोम हुआ रोमांचित, दर्शकों ने देखा कैसा था सम्राट विक्रमादित्य का सुशासन, देखें Photos

भारतराष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टीः उत्तरार्द्ध में उत्तराधिकार के लिए संघर्ष