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लोकसभा चुनाव 2019: शिरूर लोकसभा सीट पर शिवसेना सांसद बनाम मराठी अभिनेता के बीच दिलचस्प मुकाबला

By भाषा | Updated: April 12, 2019 16:07 IST

लोकसभा चुनाव 2019: राजनीतिक विशेषज्ञों के मुताबिक शिवसेना के इस गढ़ में कोल्हे को उतारना राकांपा प्रमुख शरद पवार का चतुराई भरा एक कदम है क्योंकि यह अभिनेता ‘स्वराजरक्षक संभाजी’ धारावाहिक में छत्रपति संभाजी और ‘राजा शिव छत्रपति’ में छत्रपति शिवाजी महाराज की अपनी भूमिकाओं को लेकर घर-घर में जाने जाते हैं।

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ठळक मुद्देकोल्हे मराठी धारावाहिक अभिनेता हैं और फरवरी में शिवसेना को छोड़ कर राकांपा में शामिल हुए थे। शिरूर लोकसभा सीट के तहत छह विधानसभा क्षेत्र आते हैं। इस सीट पर 29 अप्रैल को मतदान होगा, जहां 20 लाख से अधिक मतदाता हैं।

महाराष्ट्र में पुणे जिले के तहत आने वाले शिरूर लोकसभा सीट पर तीन बार के शिवसेना सांसद शिवाजीराव आढलराव पाटिल और अभिनेता से नेता बने अमोल कोल्हे के बीच दिलचस्प मुकाबला होने वाला है। कोल्हे राकांपा के उम्मीदवार हैं। वह मराठी धारावाहिक अभिनेता हैं और फरवरी में शिवसेना को छोड़ कर राकांपा में शामिल हुए थे।

राजनीतिक विशेषज्ञों के मुताबिक शिवसेना के इस गढ़ में कोल्हे को उतारना राकांपा प्रमुख शरद पवार का चतुराई भरा एक कदम है क्योंकि यह अभिनेता ‘स्वराजरक्षक संभाजी’ धारावाहिक में छत्रपति संभाजी और ‘राजा शिव छत्रपति’ में छत्रपति शिवाजी महाराज की अपनी भूमिकाओं को लेकर घर-घर में जाने जाते हैं। शिरूर को पाटिल का मजबूत गढ़ माना जाता है।

उन्होंने 2004 से तीन बार भारी मतों के अंतर से चुनाव जीते हैं। क्षेत्र में महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (एमआईडीसी) कई जगह पर हैं जहां कई बड़ी विनिर्माण कंपनियां हैं जिनमें ऑटोमोबाइल कंपनियां भी शामिल हैं। राकांपा उम्मीदवार कोल्हे ने कहा कि पाटिल बतौर सांसद शिरूर में विकास लाने में नाकाम रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘जरा पुणे-नासिक राजमार्ग को देखिए।

यदि राजमार्ग पर ट्रॉमा सेंटर होता तो यह लोगों के लिए एक वरदान होता। लेकिन, विकास के मुद्दे को जाति आधारित राजनीति की ओर मोड़ने की कोशिश की जा रही है।’’ क्षेत्र में एक अन्य अहम मुद्दा बैलगाड़ी की दौड़ पर लगा प्रतिबंध है। यह खेल ग्रामीण इलाकों में लोकप्रिय है। शिवसेना सांसद इस पर बंबई उच्च न्यायालय द्वारा लगाए गए प्रतिबंध को हटाने की मांग के समर्थन में एक अभियान चला रहे हैं।

पाटिल ने कहा कि उनके खिलाफ सत्ता विरोधी कोई लहर नहीं है और वह विकास के नाम पर वोट मांगेंगे। बैलगाड़ी दौड़ के बारे में उन्होंने कहा कि उन्होंने यह विषय विभिन्न मंचों पर उठाया है और यहां तक कि संसद में एक निजी विधेयक भी लाया था। शिरूर लोकसभा सीट के तहत छह विधानसभा क्षेत्र आते हैं। इस सीट पर 29 अप्रैल को मतदान होगा, जहां 20 लाख से अधिक मतदाता हैं।

टॅग्स :लोकसभा चुनावमहाराष्ट्र लोकसभा चुनाव 2019शिव सेनाभारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)
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