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Kachchativu controversy: "नरेंद्र मोदी बताएं, क्या चीन ने भारत की जमीन नहीं कब्जा की है?", चिदंबरम ने पीएम मोदी के 'कच्चातीवू विवाद' पर किया पलटवार

By आशीष कुमार पाण्डेय | Updated: April 1, 2024 15:34 IST

पी चिदंबरम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'कच्चातीवू द्वीप विवाद' उठाये जाने पर कहा कि उन्हें पहले चीन सीमा विवाद पर स्थिति साफ करनी चाहिए।

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ठळक मुद्देपी चिदंबरम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'कच्चातीवू द्वीप विवाद' उठाये जाने पर किया पलटवारचिदंबरम ने कहा कि पीएम मोदी पहले चीन सीमा विवाद पर स्थिति साफ करेंप्रधानमंत्री चीन सीमा विवाद पर एक शब्द नहीं बोलते हैं, क्या उन्होंने चीन को क्लीन चिट दे दिया है

नई दिल्ली: देश के पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 'कच्चातीवू द्वीप विवाद' पर कांग्रेस और उसके सहयोगी द्रमुक के खिलाफ लगाये जा रहे आरोपों पर पलटवार करते हुए सवालिया लहजे में कहा कि चीन लगातार भारतीय क्षेत्र पर कब्जा कर रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री उस विषय में एक शब्द नहीं बोलते हैं, क्या उन्होंने चीन को क्लीन चिट दे दिया है।

समाचार वेबसाइट हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार कांग्रेस के दिग्गज नेता पी चिदंबरम ने सवाल किया कि प्रधानमंत्री आखिर  'कच्चातीवू द्वीप विवाद' को क्यों उठा रहे हैं, जो 1974 में सुलझा लिया गया था।

उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री उस मुद्दे को क्यों उठा रहे हैं, जिसे 1974 में सुलझा लिया गया था? 1974 में, इंदिरा गांधी सरकार ने लाखों तमिलों की मदद करने के लिए श्रीलंका के साथ बातचीत की थी। कच्चातीवू द्वीप को श्रीलंका का हिस्सा माना गया था। उसके बदले में 6 लाखों तमिलों को भारत आने की अनुमति दी गई थी। यह मुद्दा 50 साल पहले बंद कर दिया गया था।''

इसके साथ उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरने के लिए 2020 में लद्दाख में भारत के गतिरोध का जिक्र करते हुए दावा किया कि चीनी सैनिक लगातार भारतीय क्षेत्र पर कब्जा कर रहे हैं।

चिदंबरम ने कहा, “2,000 वर्ग किमी भारतीय क्षेत्र पर चीनी सैनिकों ने कब्जा कर लिया है। पीएम मोदी का कहना है कि भारतीय क्षेत्र में कोई चीनी सैनिक मौजूद नहीं है और भारतीय क्षेत्र का कोई भी हिस्सा चीनी सैनिकों के कब्जे में नहीं है। क्या पीएम मोदी ने चीन को क्लीन चिट दे दी। उन्हें इस बारे में बात करनी चाहिए कि 50 साल पहले क्या हुआ था या फिर उसके बजाय पिछले 3 साल में क्या हुआ, इस पर बात करनी चाहिए। चीन का कब्ज़ा आक्रामकता है। मैं प्रधानमंत्री से इस बारे में बोलने का अनुरोध करूंगा।''

वहीं तमिलनाडु के एमके स्टालिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तमिल मछुआरों के प्रति अचानक बढ़े प्यार पर सवाल उठाया।

उन्होंने कहा, "तमिलनाडु के लोग प्रधानमंत्री से केवल तीन सवाल पूछना चाहते हैं, जो 10 साल तक लंबी नींद में रहने के बाद चुनाव के लिए मछुआरों के प्रति अचानक प्यार प्रदर्शित कर रहे हैं। केंद्र सरकार उन मछुवारों को 1 रुपया टैक्स देने पर सिर्फ 29 पैसे क्यों लौटाते हैं।"

इसके साथ स्टालिन ने दावा किया, ''राज्य ने दो प्राकृतिक आपदाओं (दिसंबर 2023 में चेन्नई और थूथुकुडी में बाढ़) का सामना किया, बावजूद उसके केंद्र सरकार ने तमिलनाडु को राहत के रूप में एक भी पैसा क्यों नहीं दिया। बातों में उलझने के बजाय कृपया इन सबका जवाब दें, प्रधानमंत्री जी।'

मालूम हो कि कच्चातीवू द्वीप रामेश्‍वरम और श्रीलंका के बीच स्थित है। साल 1974 में इंदिरा गांधी सरकार ने इसे श्रीलंका को सौंप दिया था। बीते सोमवार को पीएम मोदी ने कच्चातीवू मुद्दे पर डीएमके पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल ने राज्य के हितों की रक्षा के लिए कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और द्रमुक की 'कच्चतीवू पर उदासीनता' ने भारतीय मछुआरों को नुकसान पहुंचाया।

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