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JNU Violence: साबरमती हॉस्टल के सीनियर वार्डन आर मीणा ने दिया इस्तीफा, पत्र लिखकर बताई वजह!

By स्वाति सिंह | Updated: January 6, 2020 12:08 IST

जेएनयू परिसर में रविवार को 50 नकाबपोश बदमाशों ने साबरमती हॉस्टल में घुसकर तोड़फोड़ की और छात्रों पर जानलेवा हमला किया, जिसमें 30 से अधिक छात्र-छात्रा घायल हुए थे।

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ठळक मुद्देसाबरमती हॉस्टल के वरिष्ठ वार्डन आर मीणा ने सोमवार को इस्तीफा दे दिया है।एचआरडी ने कुलपति सहित विश्वविद्यालय प्रशासन को सोमवार को बैठक के लिए बुलाया।

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) कैंपस में हिंसा के बाद साबरमती हॉस्टल के वरिष्ठ वार्डन आर मीणा ने सोमवार को इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपने इस्तीफे में लिखा कि मैंने हॉस्टल की सुरक्षा के लिए कई कोशिशें की लेकिन वे असफल रही। इस वजह से मैं इस्तीफा दे रहा हूं। बता दें कि जेएनयू परिसर में रविवार रात उस वक्त हिंसा भड़क गयी थी, जब लाठियों से लैस कुछ नकाबपोश लोगों ने छात्रों तथा शिक्षकों पर हमला कर दिया था और परिसर में संपत्ति को नुकसान पहुंचाया था, जिसके बाद प्रशासन को पुलिस को बुलाना पड़ा था। इस हमले में जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष आइशी घोष सहित कम से कम 28 लोग घायल हुए हैं। 

वहीं, जेएनयू के कुलपति एम जगदीश कुमार ने सोमवार को सभी छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि विश्वविद्यालय की शीर्ष प्राथमिकता छात्रों के अकादमिक हितों की रक्षा करना है। कुलपति ने कहा 'हम सभी छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील करते हैं। विश्वविद्यालय छात्रों के साथ खड़ा है ताकि वे अपनी अकादमिक गतिविधियां कर सकें। छात्रों का शीतकालीन सेमेस्टर पंजीयन बिना किसी अवरोध के हो सके, हम यह सुनिश्चित करेंगे।'  कुमार ने कहा, 'विश्वविद्यालय की शीर्ष प्राथमिकता छात्रों के अकादमिक हितों की रक्षा करना है।'

उधर, मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एचआरडी) ने कुलपति सहित विश्वविद्यालय प्रशासन को सोमवार को बैठक के लिए बुलाया। मंत्रालय ने रविवार को जेएनयू रजिस्टार प्रमोद कुमार से छात्रों और शिक्षकों पर हुए हमले के संबंध में तत्काल रिपोर्ट देने को कहा था। शास्त्री भवन के बाहर सोमवार को भारी पुलिस बल तैनात किया गया है, जहां एचआरडी मंत्रालय है। 

कांग्रेस ने अमित शाह पर लगाए आरोप 

कांग्रेस ने गृह मंत्री अमित शाह पर जेएनयू में हमला करने वालों को संरक्षण देने का सोमवार को आरोप लगाया और कहा कि इस मामले की न्यायिक जांच होनी चाहिए। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने संवाददाताओं से कहा, ''मोदी जी और अमित शाह जी ने छात्रों पर दमन चक्र चलाकर नाजी शासन की याद 90 साल बाद दिला दी। जिस तरह से छात्रों, छात्राओं और शिक्षकों पर हमला किया गया और जिस प्रकार पुलिस मूकदर्शक बनी रही, वह दिखाता है कि देश में प्रजातंत्र का शासन नहीं बचा है।'' उन्होंने कहा, ''युवा प्रजातंत्र और संविधान पर हमले के खिलाफ आवाज उठाते हैं तो उनकी आवाज दबाई जाती है। जान लीजिए मोदी, युवाओं की आवाज नहीं दबने वाली है। सरकार प्रायोजित आतंकवाद और गुंडागर्दी नहीं चलने वाली है। " सुरजेवाला ने कहा, ''ऐसा लगता है कि मोदी और अमित शाह की सरकार के रूप में नाजी शासन आ गया है। इन गुंडों का ताल्लुक भाजपा और एबीवीपी से था। यह सब कुलपति की मूक सहमति से हो रहा था। यब सब अमित शाह के मौन समर्थन से हुआ। '' उन्होंने कहा, '' हम मोदी जी, अमित शाह जी, भाजपा और एबीवीपी की कड़ी निंदा करते है।'' 

टॅग्स :जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू)दिल्लीकांग्रेसअमित शाह
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