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Jharkhand Minister Secretary ED: 30 करोड़ बरामद, नोट गिनने के लिए बैंक से मशीनें मंगाईं, बैग, सूटकेस और पॉलिथीन में भरकर रखी गड्डियां, देखें वीडियो

By एस पी सिन्हा | Updated: May 6, 2024 17:50 IST

Jharkhand Minister Secretary ED: छापामारी झारखंड ग्रामीण विकास विभाग के मुख्य अभियंता वीरेंद्र राम से जुड़े मामले में की गई है, जिन्हें ईडी ने बीते साल मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार किया था।

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ठळक मुद्देनोटों को गिनने के लिए बैंक से नोट गिनने वाली मशीनें मंगाई गई थीं।घरेलू सहायक के यहां नोटों की गड्डियों का ढेर देखकर अधिकारी भी चकरा गए।बैग, सूटकेस और पॉलिथीन में भरकर नोटों की गड्डियां रखी गई थीं।

Jharkhand Minister Secretary ED: लोकसभा चुनाव के दौरान झारखंड की राजधानी रांची में ईडी ने एक बार फिर छापेमारी कर सियासी गलियारों में हड़कंप मचा दिया। ईडी के द्वारा सोमवार को की गई रांची में कई ठिकानों पर छापेमारी कर बड़े पैमाने पर कैश बरामद किया गया है। इसमें कांग्रेस नेता और झारखंड सरकार में मंत्री आलमगीर आलम के निजी सचिव संजीव लाल के नौकर के घर से ईडी ने भारी नकदी जब्त की है। बरामद नकदी 30 करोड़ रुपये के आसपास होने का अनुमान है। नोटों को गिनने के लिए बैंक से नोट गिनने वाली मशीनें मंगाई गई थीं।

बताया जाता है कि यह छापामारी झारखंड ग्रामीण विकास विभाग के मुख्य अभियंता वीरेंद्र राम से जुड़े मामले में की गई है, जिन्हें ईडी ने बीते साल मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार किया था। मंत्री आलमगीर आलम के पीएस संजीव लाल के घरेलू सहायक के यहां नोटों की गड्डियों का ढेर देखकर अधिकारी भी चकरा गए।

ईडी के अधिकारियों की ओर से इसका वीडियो भी जारी किया गया है, जिसमें देखा जा सकता है कि घर में किस तरह से नोटों को रखा गया था। बैग, सूटकेस और पॉलिथीन में भरकर नोटों की गड्डियां रखी गई थीं। ईडी का मानना है कि यह काली कमाई का हिस्सा है। रांची के जिन 9 ठिकानों पर ईडी ने छापा मारा, उसमें पथ निर्माण विभाग में कार्यरत सेल सिटी के इंजीनियर विकास कुमार आवास भी शामिल है।

इसके अलावा मंत्री आलमगीर आलम के पीएस के सहायक जहांगीर आलम, मुन्ना सिंह समेत बरियातु के ठिकानों पर छापेमारी की गई है। बताया जाता है कि मुन्ना सिंह संजीव लाल के करीबी हैं। जबकि जहांगीर आलम के ठिकानों से बरामद हुए कैश की गिनती जारी है। इस संबंध में मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि संजीव लाल एक सरकारी मुलाजिम हैं और हमारे पीएस हैं।

हम पीएस का चुनाव अनुभव के आधार पर करते हैं। जो आप देख रहे हैं, वहीं हम भी टीवी के माध्यम से देख रहे हैं। ईडी का क्या निष्कर्ष आएगा, वह देखा जाएगा। मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि यह राशि 20-30 करोड़ रुपये के बीच हो सकती है। सूत्रों ने कहा कि बरामद की गई नकदी में मुख्य रूप से 500 रुपये के नोट हैं और कुछ आभूषण भी बरामद किए गए हैं।

आलम (70) कांग्रेस नेता हैं और झारखंड विधानसभा में पाकुड़ सीट का प्रतिनिधित्व करते हैं। वहीं, आलमगीर आलम के पीएस के सहायक के घर से करोड़ों रुपये बरामद होने के बाद भाजपा नेता मजिंदर सिंह ने कहा कि कांग्रेस भ्रष्टाचार करना चाहती है। वो पूरे देश को लूटना चाहती है क्योंकि कांग्रेस का मकसद ही यही है कि गरीबों को लूट कर अपनी जेबें भरो। इसलिए राहुल गांधी कहते हैं ”हम नहीं डरेंगे”।

उल्लेखनीय है कि ईडी ने बीते साल फरवरी माह में मुख्य अभियंता बीरेंद्र राम के 24 ठिकानों छापा मारा था। जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। झारखंड के इस मुख्य अभियंता के ठिकानों से 30 लाख रुपये के अलावा 1.50 करोड़ रुपये के जेवरात मिले थे। इसके अलावा ईडी को उनके 100 करोड़ रुपये से अधिक की चल-अचल संपत्ति का भी पता चला था।

झारखंड सरकार में मंत्री आलमगीर आलम से जुड़े व्यक्ति के यहां से बड़े पैमाने पर नगद मिलने पर बिहार में गर्मायी सियासत

झारखंड सरकार में कांग्रेस कोटे के मंत्री आलमगीर आलम के निजी सचिव संजीव लाल के घरेलू नौकर के घर से 25 करोड़ से अधिक कैश मिलने को लेकर सियासत शुरू हो गई है। ईडी की छापेमारी में मंत्री के पीए के ठिकानों से इतनी बड़ी राशि मिलने के बाद बिहार में भी इसको लेकर सत्ताधारी दल हमला बोल रहे हैं।

इस मामले में बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि ये लोग देश को लूटने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये सब लुटेरे हैं। लालू प्रसाद का परिवार हो या झारखंड में शिबू सोरेन का परिवार हो, ये लोग देश को लूटने वाले हैं और लूटने वालों पर जब सरकार कार्रवाई करती है तो दर्द तो होगा ही।

दरअसल, झारखंड के ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम के पीए संजीव लाल के घरेलू नौकर के घर से ईडी ने नोटों का पहाड़ बरामद किया है। कैश को देखकर ईडी के अधिकारी दंग रह गए। बताया जा रहा है कि रकम 30 करोड़ से अधिक हो सकती है। ईडी ने ग्रामीण विकास विभाग के मुख्य अभियंता वीरेंद्र के राम से जुड़े केस में यह छापेमारी की थी।

वीरेंद्र के राम को फरवरी 2023 में गिरफ्तार किया गया था। कुछ योजनाओं के क्रियान्वयन में कथित तौर पर अनियमितता और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगने के बाद ईडी वीरेंद्र तक पहुंची थी। अब कैश बरामदगी के बाद ईडी इस मामले में कई और लोगों को गिरफ्तार कर सकती है।

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