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झारखंड ने अर्द्धसैनिक बलों की 250 कंपनियां मांगी, कहा- चुनाव में जवान हिंदी भाषी इलाके के हों तो अच्छा रहेगा

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: October 19, 2019 14:50 IST

मुख्य सचिव डीके तिवारी की अध्यक्षता में चुनाव की तैयारी के लिए हुई बैठक में इस आशय का अनुरोध करने का फैसला किया गया। तिवारी ने बताया कि चुनाव आयोग से पिछले अनुभवों और वर्तमान जरूरतों को देखते हुए चुनाव के दौरान राज्य में अर्द्धसैनिक बलों की कम से कम 250 कंपनियां उपलब्ध कराने की मांग की गई।

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ठळक मुद्देनिचले स्तर के अधिकारियों के साथ फील्ड में काम करते समय किसी तरह की गलतफहमी की स्थिति नहीं बनेगी।नक्सलियों पर अंकुश लगाने के लिए झारखंड से लगी दूसरे राज्यों की सीमा के भीतर वहां की पुलिस के भी चौकस रहने की व्यवस्था की जाए।

झारखंड ने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए चुनाव आयोग से राज्य में अर्द्धसैनिक बलों की कम से कम 250 कंपनियां तैनात करने का अनुरोध किया है।

मुख्य सचिव डीके तिवारी की अध्यक्षता में चुनाव की तैयारी के लिए हुई बैठक में इस आशय का अनुरोध करने का फैसला किया गया। तिवारी ने बताया कि चुनाव आयोग से पिछले अनुभवों और वर्तमान जरूरतों को देखते हुए चुनाव के दौरान राज्य में अर्द्धसैनिक बलों की कम से कम 250 कंपनियां उपलब्ध कराने की मांग की गई।

मुख्य सचिव ने कहा कि इन कंपनियों के जवान हिंदी भाषी इलाके के हों तो अच्छा रहेगा। इससे राज्य के निचले स्तर के अधिकारियों के साथ फील्ड में काम करते समय किसी तरह की गलतफहमी की स्थिति नहीं बनेगी। उन्होंने आयोग से अनुरोध किया कि चुनाव के दौरान नक्सलियों पर अंकुश लगाने के लिए झारखंड से लगी दूसरे राज्यों की सीमा के भीतर वहां की पुलिस के भी चौकस रहने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने डीजीपी कमल नयन चौबे से कहा कि 23 अक्टूबर को वह दिल्ली में चुनाव आयोग के साथ इस मसले के अलावा विधि व्यवस्था से जुड़े अन्य मामलों पर भी वार्ता कर लें।

बाद में मुख्य सचिव डीके तिवारी की अध्यक्षता में, आसन्न विधानसभा चुनाव की तैयारी को लेकर झारखंड मंत्रालय में चुनाव आयोग के साथ गहन विचार-विमर्श हुआ। मुख्य सचिव ने बैठक के दौरान कहा कि लोकसभा चुनाव शांतिपूर्वक संपन्न कराने के बाद विघ्न रहित विधानसभा चुनाव कराना प्राथमिकता है। उन्होंने चुनाव आयोग से कहा कि प्राप्त ब्यौरों के अनुसार, अगर चुनाव विभिन्न चरणों में होंगे, तो नक्सल प्रभावित राज्य में हिंसारहित चुनावी प्रक्रिया पूरी कराना आसान होगा।

उन्होंने कहा कि अलग-अलग चरणों में चुनाव होने से इलाका विशेष पर फोकस करना आसान रहेगा। पिछले विधानसभा चुनावों के लिए वर्ष 2014 में 25 नवंबर से 20 दिसंबर के बीच पांच दौर में राज्य की 81 सीटों के लिए मतदान कराया गया था। दिल्ली से आये उप निर्वाचन आयुक्त सुदीप जैन ने कहा कि वे राज्य के राजनीतिक दलों, प्रशासनिक अधिकारियों और अन्य सूत्रों से प्राप्त सभी ब्यौरे आयोग के समक्ष रखेंगे और शांतिपूर्ण चुनाव के लिए जो भी कदम जरूरी होंगे, उठाए जाएंगे।

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