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नीतीश के जवाब पर पवन वर्मा का पलटवार, पार्टी छोड़ने के लिए मैं स्वतंत्र, अभी तक नहीं मिला चिट्ठी का जवाब

By पल्लवी कुमारी | Updated: January 23, 2020 12:09 IST

बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू चीफ नीतीश कुमार ने पवन वर्मा के पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि अगर पवन वर्मा चाहे तो किसी भी पार्टी में जा सकते हैं।

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ठळक मुद्देजदयू के राष्ट्रीय महासचिव पवन वर्मा ने 21 जनवरी  को संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से ‘विस्तृत बयान’ देने की मांग की थी। पवन वर्मा ने नीतीश कुमार को पत्र लिखकर दिल्ली में बीजेपी के साथ गठबंधन पर सवाल खड़े किए थे।

बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू चीफ नीतीश कुमार ने जदयू के राष्ट्रीय महासचिव पवन वर्मा को लेकर कहा है कि वह पार्टी छोड़ कर जा सकते हैं। इस बयान पर पवन वर्मा ने पलटवार करते हुए कहा है कि वह पार्टी छोड़ने के लिए स्वतंत्र हैं। फिलहाल उन्हें जदयू की ओर चिट्ठी पर कोई जवाब नहीं मिला है। पवन वर्मा ने कहा है कि उन्हे चिट्ठी का जवाब मिल जाए, उसके बाद वह फैसला करेंगे कि उन्हें क्या करना है।  बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू चीफ नीतीश कुमार ने  पवन वर्मा के पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि अगर पवन वर्मा चाहे तो किसी भी पार्टी में जा सकते हैं।

पवन वर्मा ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा है, नीतीश कुमार का ये कहना कि पार्टी के भीतर चर्चा के लिए जगह है, जैसा कि मैंने उनसे पूछा था। मेरा इरादा उन्हें किसी भी तरीके से दुख पहुंचाने का नहीं है। मैं चाहता हूं कि पार्टी में वैचारिक स्पष्टता हो। फिलहाल मुझे पत्र का कोई जवाब नहीं मिला है। पत्र का जवाब मिलने के बाद भी मैं तय करूंगी कि आगे मुझे क्या करना है। 

नीतीश कुमार ने कहा, ''पार्टी के किसी भी नेता को किसी भी मामले पर कोई दिक्कत या परेशानी है तो वह पार्टी की बैठक में विचार कर सकता है और अपना मुद्दा पर रख सकता है। लेकिन पनव वर्मा जैसे सार्वजनिक तौर पर दिए बयान से मैं हैरान हूं। जिस भी पार्टी को वह पसंद करते हैं, उसमें शामिल हो सकते हैं। मेरी  शुभकामनाएं उनके साथ हैं।'' 

पवन वर्मा ने नीतीश कुमार को लिखे पत्र में क्या लिखा था? 

नीतीश को लिए दो पृष्ठों के पत्र को ट्विटर पर साझा करते हुए पवन शर्मा ने कहा था, “उक्त पत्र के माध्यम से मैंने पूछा है कि विभाजनकारी सीएए, एनपीआर और एनआरसी के खिलाफ बड़े पैमाने पर राष्ट्रव्यापी आक्रोश के बावजूद जदयू ने दिल्ली चुनाव के लिए बीजेपी के साथ कैसे गठबंधन किया।”

उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने कहा है कि एनआरसी को बिहार में लागू नहीं किया जाएगा, जबकि उन्होंने माना है कि एनपीआर और सीएस पर और चर्चा किए जाने की जरूरत है। उन्होंने अपने पत्र का जिक्र करते हुए कहा, “वह (नीतीश) विस्तृत वक्तव्य दें, जिससे विचारधारा स्पष्ट हो। बीजेपी के साथ लंबे समय से गठबंधन करने वाली पुरानी पार्टी अकाली दल ने इस कानून (सीएए) की वजह से दिल्ली विधानसभा चुनाव में गठबंधन नहीं किया, तो जदयू के आगे ऐसा करने की क्या अनिवार्यता थी।”

टॅग्स :नीतीश कुमारजेडीयू
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