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जम्मू और कश्मीर बैंक के मुख्य प्रबंधक निलंबित, आतंकवादी संगठनों और पाकिस्तान के ISI से संबंध के खुलासे पर हुई कार्रवाई

By आजाद खान | Updated: August 20, 2023 08:56 IST

जम्मू और कश्मीर बैंक के मुख्य प्रबंधक पर यह आरोप है कि वे आतंकवादी संगठनों से जुड़े व्यक्तियों के साथ संपर्क बनाए रखते थे जिनमें जैश-ए-मोहम्मद के शब्बीर बुखारी और अल-उमर आतंकवादी संगठन के शब्बीर हुसैन बुच शामिल थे।

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ठळक मुद्देजम्मू और कश्मीर बैंक के मुख्य प्रबंधक को निलंबित कर दिया गया है। उन पर आतंकवादी संगठनों और पाकिस्तान के आईएसआई से संपर्क रखने का खुलासा हुआ है। बैंक के मुख्य प्रबंधक पर कुछ चुनिंदा अखबार और मैगजीन को फायदा पहुंचाने का भी आरोप लगा है।

जम्मू: जम्मू और कश्मीर बैंक ने अपने मुख्य प्रबंधक सजाद अहमद बाजाज को नौकरी से निकाल दिया है। जम्मू-कश्मीर आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) ने अपनी जांच में पाया है कि बाजाज के पाकिस्तान के आईएसआई और अन्य आतंकवादी संगठनों के साथ संबंध है, ऐसे में इस आरोप में उन्हें काम से बाहर निकाला गया है। 

बता दें कि बाजाज को आईएसआई ने ग्रेटर कश्मीर अखबार के मालिक फैयाज कालू की मदद से बैंक में नौकरी दिलाई थी। वह साल 1990 से यहां पर काम कर रहा है, ऐसे में सीआईडी को उसके आतंकवादी-अलगाववादी नेटवर्क से जुड़ा हुआ पाया गया है और उस पर कार्रवाई हुई है। 

बाजाज को लेकर क्या हुए है खुलासे

जांच में पाया गया कि बाजाज की गतिविधियां केवल बैंक तक ही सीमित नहीं है बल्कि बतौर संवाददाता वह ग्रेटर कश्मीर से जुड़ी कुछ ऐसी समाचार कहानियां और कॉलम भी लिखा करता था जिससे यह पता चला है कि वह जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी-आतंकवादी गतिविधियों को समर्थन करता है। 

यही नहीं उस पर यह भी आरोप है कि वह अपने पद का इस्तेमाल कर कुछ चुनिंदा अखबार और मैगजीन का फायदा पहुंचाता था साथ ही गलत तरीके से ग्रेटर कश्मीर को फायदा भी पहुंचाता है। खुफिया सूत्रों की अगर मानेगे तो बजाज आईएसआई के आतंकी पारिस्थितिकी तंत्र का एक अभिन्न अंग था। 

68 बैंक खाते चलाता था बाजाज

बजाज पर आतंकवादी संगठनों से जुड़े व्यक्तियों के साथ संपर्क बनाए रखने और जैश-ए-मोहम्मद के शब्बीर बुखारी और अल-उमर आतंकवादी संगठन के शब्बीर हुसैन बुच से भी कॉनटैक्ट बनाए रखने का आरोप है। ऐसे में जिस तरीके से बैंक में वह काम करता था और उसकी तरक्की होती गई, यह भी संदिग्ध था। 

सूत्रों ने बताया कि बाजाज के खुले अलगाववादी विचारों के बावजूद उसे क्लर्क से संपादक बनाया गया। यही नहीं संपादक के पद के लिए पात्रता मानदंड उनके लाभ के लिए तैयार किए गए थे और आवश्यक परीक्षा पास किए बिना ही उसका प्रोमोश्न कर दिया गया था। बाजाज जेएंडके बैंक के भीतर 68 खातों का स्वामित्व और संचालन करता था। उसे राज्य की सुरक्षा के लिए खतरा बताया गया इसलिए उसे बर्खास्त किया गया है।  

टॅग्स :जम्मू कश्मीरभारतISIपाकिस्तान
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